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Chandigarh News: अनुभव प्रमाण पत्र नहीं हो पाए सत्यापित, 43 क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर को नहीं मिलेगी नौकरी
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जिन कंपनियों का अनुभव प्रमाण पत्र लगाया उन पर भी उठे सवाल
जांच में एक कंपनी मिली फर्जी तो दूसरी में नहीं था कोई कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अनुभव प्रमाण पत्र सत्यापित नहीं होने के चलते अब 43 चयनित आईटीआई इंस्ट्रक्टरों को नौकरी नहीं मिल पाएगी। सरकार ने यह फैसला दो स्तरीय जांच के बाद उठाया है। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने दो स्तर की जांच के बाद इन 43 चयनितों की उम्मीदवारी कैंसिल कर दी है। विभाग ने यह भी साफ किया उक्त अभ्यर्थियों के साथ अब किसी तरह का पत्राचार मान्य नहीं होगा।
कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग हरियाणा की तरफ से जारी आदेशों के अनुसार 2019 में विभाग द्वारा विभिन्न पदों पर क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर की भर्ती निकाली थी। इनमें फिटर, वेल्डर, टर्नर, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, वायरमैन, मैकेनिक व मैकेनिकल आदि के पद शामिल थे। चयनितों का परिणाम जारी होने के बाद नियुक्ति से पहले विभाग द्वारा अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाण पत्र व दस्तावेज जांचे जाते हैं। इन पदों के लिए एक साल के अनुभव की शर्त थी। बर्खास्त किए गए 43 अभ्यर्थियों द्वारा धीमान इलेक्ट्रो इंजीनियरिंग वर्क्स और धीमान मैकेनिकल इंजीनियरिंग वर्क्स के अनुभव प्रमाण पत्र लगाए गए थे। जांच कमेटी ने प्रमाण पत्रों की वेरिफिकेशन के लिए जब अभ्यर्थियों को बुलाया तो वह ईपीएफ व ईएसआई से संबंधित कोई अकाउंट स्टेटमेंट अपने अनुभव प्रमाण पत्रों के साथ नहीं दिखा पाए।
बाक्स
फिजिकल जांच में हुआ खुलासा
संदेह हुआ तो विभाग ने एक और कमेटी का गठन करके चयनित इंस्ट्रक्टरों के प्रमाण पत्रों की फिजिकल जांच के आदेश जारी कर दिए। कमेटी ने संबंधित कंपनियों का दौरा किया तो वहां किसी प्रकार का हाजिरी रिकाॅर्ड और वेतन का रिकॉर्ड भी नहीं मिला। इनमें से एक कंपनी लेबर वर्क के लिए मैनपावर सप्लाई करने वाली है और दूसरी कंपनी में जांच के दौरान ताला लगा मिला और वहां केवल दो कर्मचारी बैठे मिले। जो जांच कमेटी के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दे सके। जांच के बाद विभाग ने उम्मीदवारी कैंसिल करने के आदेश जारी किए हैं।
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विभाग के महानिदेशक विवेक अग्रवाल ने कहा कि अनुभव प्रमाण पत्र सत्यापित नहीं हो पाने के कारण चयनितों की उम्मीदवारी रद्द की गई है।
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जांच में एक कंपनी मिली फर्जी तो दूसरी में नहीं था कोई कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अनुभव प्रमाण पत्र सत्यापित नहीं होने के चलते अब 43 चयनित आईटीआई इंस्ट्रक्टरों को नौकरी नहीं मिल पाएगी। सरकार ने यह फैसला दो स्तरीय जांच के बाद उठाया है। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने दो स्तर की जांच के बाद इन 43 चयनितों की उम्मीदवारी कैंसिल कर दी है। विभाग ने यह भी साफ किया उक्त अभ्यर्थियों के साथ अब किसी तरह का पत्राचार मान्य नहीं होगा।
कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग हरियाणा की तरफ से जारी आदेशों के अनुसार 2019 में विभाग द्वारा विभिन्न पदों पर क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर की भर्ती निकाली थी। इनमें फिटर, वेल्डर, टर्नर, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, वायरमैन, मैकेनिक व मैकेनिकल आदि के पद शामिल थे। चयनितों का परिणाम जारी होने के बाद नियुक्ति से पहले विभाग द्वारा अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाण पत्र व दस्तावेज जांचे जाते हैं। इन पदों के लिए एक साल के अनुभव की शर्त थी। बर्खास्त किए गए 43 अभ्यर्थियों द्वारा धीमान इलेक्ट्रो इंजीनियरिंग वर्क्स और धीमान मैकेनिकल इंजीनियरिंग वर्क्स के अनुभव प्रमाण पत्र लगाए गए थे। जांच कमेटी ने प्रमाण पत्रों की वेरिफिकेशन के लिए जब अभ्यर्थियों को बुलाया तो वह ईपीएफ व ईएसआई से संबंधित कोई अकाउंट स्टेटमेंट अपने अनुभव प्रमाण पत्रों के साथ नहीं दिखा पाए।
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फिजिकल जांच में हुआ खुलासा
संदेह हुआ तो विभाग ने एक और कमेटी का गठन करके चयनित इंस्ट्रक्टरों के प्रमाण पत्रों की फिजिकल जांच के आदेश जारी कर दिए। कमेटी ने संबंधित कंपनियों का दौरा किया तो वहां किसी प्रकार का हाजिरी रिकाॅर्ड और वेतन का रिकॉर्ड भी नहीं मिला। इनमें से एक कंपनी लेबर वर्क के लिए मैनपावर सप्लाई करने वाली है और दूसरी कंपनी में जांच के दौरान ताला लगा मिला और वहां केवल दो कर्मचारी बैठे मिले। जो जांच कमेटी के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दे सके। जांच के बाद विभाग ने उम्मीदवारी कैंसिल करने के आदेश जारी किए हैं।
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विभाग के महानिदेशक विवेक अग्रवाल ने कहा कि अनुभव प्रमाण पत्र सत्यापित नहीं हो पाने के कारण चयनितों की उम्मीदवारी रद्द की गई है।