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विस चुनाव की घोषणा से पहले पीजीआईएमएस रोहतक में होगी एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक
Sun, 01 Sep 2019 02:59 AM IST
Vikas Kumar
संजय कुमार, अमर उजाला,रोहतक
संजय कुमार, अमर उजाला,रोहतक
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 01 Sep 2019 02:59 AM IST
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पीजीआईएमएस रोहतक
- फोटो : Social Media
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विधानसभा चुनाव 2019 की घोषणा होने से ठीक पहले पीजीआईएमएस रोहतक अपनी एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक करने की तैयारी में है। बैठक में विवादित मामलों में उलझे डॉक्टरों, स्टाफ पर सख्त कार्रवाई के साथ संस्थान में लंबे समय से चली आ रही विभागाध्यक्षों की रोटेशनशिप पर भी मुहर लग सकती है। इसके अलावा माना जा रहा है कि चुनावी साल होने के चलते प्रशासन मरीजों, डॉक्टरों व स्टाफ के हितों को लेकर भी कई अहम फैसलों पर अपनी मुहर लगा सकता है।
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सूत्रों की मानें तो पीजीआईएमएस प्रशासन ने एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक के एजेंडों को तय कर लिया है। इन एजेंडों को बैठक में अप्रूवल के लिए रखा जाएगा और मान्य होने पर इसे राज्यपाल के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। चर्चा है कि इस बैठक में विवादों में रहे डॉक्टरों की जांच रिपोर्टों पर प्रशासन सख्ती से पेश आ सकता है। इसके अलावा लंबित चल रही विभागाध्यक्षों के रोटेशनशिप की मांग पर अंतिम मुहर लग सकती है।
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माना जा रहा है यह नियम पीजीआईएमएस और संस्थान के अधिकृत आने वाले सभी मेडिकल कॉलेजों के लिए भी अंतिम निर्णय के लिए रखा जाएगा। सूत्रों की मानें तो मेडिकल कॉलेज व डेंटल कॉलेज प्रशासनिक शक्तियों में इजाफा किया जा सकता है। इसके अलावा प्रदेश व केंद्र सरकार की योजना सुचारु रूप से चलें इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों की वित्तीय शक्तियों को बढ़ाने की चर्चा है।
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बताया जा रहा है कि आए दिन हाईकोर्ट में चलने वाले मुकदमों को देखते हुए संस्थान वरिष्ठ अधिवक्ता को भी मोटे मानदेय पर अपने पैनल पर रखने की तैयारी में है। इसके अलावा संस्थान डॉक्टरों की पहले से चली आर रही क्लीनिकल व नॉन क्लीनिकल के नॉन प्रैक्टिस अलाउंस पर एक बार फिर मंथन कर सकता है। क्योंकि संस्थान में नॉन क्लीनिकल के अलावा डेंटल को यह सुविधा नहीं मिलती। इसके साथ ही छह माह के लिए लगने वाले सीनियर रेजिडेंट का एनपीए का मामला भी रखा जा सकता है।
प्रशासन अपनी ग्लूकोज मैनुफैक्चरिंग यूनिट को भी इस बैठक में बंद करने पर अंतिम मुहर लगा सकता है, इस पर लंबे समय से संस्थान सर्वे कर रहा है। सूत्रों की मानें तो प्रशासन अब संस्थान में हर चीज पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू करने की तैयारी में है, इससे फीस से लेकर हर चीज महंगी हो जाएगी। बैठक में 2018 से 2020 तक जीपीएफ की ब्याज दर तय होने के मामले को रखने की तैयारी है। वहीं स्टेनो टाइपिस्टों को एसीपी लाभ देने से पहले टेस्ट हो या नहीं विवाद का फैसला भी इस बैठक में रखा जा सकता है।
माना जा रहा है कि संस्थान परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति को लेकर व स्टडी लीव पर नियमावली बना सकता है। सूत्रों का दावा है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की एक्सटेंशन का मुद्दा अप्रूवल के साथ निजी कंपनी पर जुर्माना तय किया जा सकता है। सबसे अहम विदेशों में नौकरी के लिए एनओसी, पदों के अपग्रेडेशन, नई भर्तियों के अलावा नर्सिंग, फिजियोथैरेपी व स्पोर्ट्स मेडिसन की भर्ती के नियम इस बैठक में तय किए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि संस्थान ग्रुप डी के कुछ पदों को छोड़ कर बाकी की भर्ती हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन को दे सकता है।