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Interview: हरियाणा में भर्ती होंगे 24 हजार शिक्षक, खास बातचीत में बोले शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर
Mon, 19 Dec 2022 03:44 PM IST
निवेदिता वर्मा
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 19 Dec 2022 03:44 PM IST
सार
शिक्षामंत्री कंवर पाल गुर्जर ने कहा कि एक परिसर में चल रहे स्कूलों के तीन से चार मुखिया थे। उन स्कूलों को इकट्ठा कर एक ही मुखिया बना दिया है। प्रदेश में कोई भी स्कूल बंद नहीं किया। बीते सालों में वे स्कूल बंद हुए हैं, जिनमें बच्चे ही नहीं थे।
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शिक्षामंत्री कंवर पाल गुर्जर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा में शिक्षा सबसे अहम मुददा बनी हुई है। शिक्षकों की कमी और स्कूलों के विलय को लेकर माहौल गर्म है। सरकार के प्रति रोष भी नजर आता है। चुनावी वर्ष से पहले सत्तारूढ़ भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार शिक्षा विभाग में रिक्तियों पर नियुक्तियों को लेकर संजीदा होने लगी है। ऐसे में प्रदेश के शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर पर आने वाले साल में परफार्म करने का दबाव तो है लेकिन वे आश्वस्त हैं कि बेहतर नतीजे देंगे। कॉलेजों व स्कूलों में शिक्षकों की कमी आने वाले साल में दूर करेंगे। 24 हजार शिक्षक भर्ती होंगे। वहीं, स्कूलों के विलय को लेकर उनका का मानना है कि इस मामले में राजनीति ज्यादा हुई, विलय तो तर्कसंगत था। उनका फोकस है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रदेश में अच्छी तरह लागू हो। छठी से वोकेशनल कोर्स शुरू करने जैसे कदम सरकार उठाएगी तो राज्य में शिक्षा का परिदृश्य बदलेगा। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुददों को लेकर कंवर पाल गुर्जर के साथ विशेष बातचीत...
-स्कूलों व कॉलेजों में हजारों पद रिक्त है और भर्ती नहीं हो रही, बेरोजगारों में रोष है। सरकार कुछ करेगी?
प्रदेश सरकार स्कूलों में खाली पदों पर 24 हजार शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है। साढे़ 11 हजार शिक्षक पक्के भर्ती किए जाएंगे, साढे़ 8 हजार अनुबंध पर होंगे। अनुबंधित शिक्षकों की भर्ती हरियाणा कौशल रोजगार निगम के जरिये शुरू कर दी गई है। कॉलेजों में 4000 प्रोफेसर की भर्ती होगी।
-स्कूलों के विलय के विरोध में काफी आंदोलन हुआ। कितने स्कूल मर्ज किए और क्या इसका असर शिक्षा पर नहीं पड़ेगा ?
एक परिसर में चल रहे स्कूलों के तीन से चार मुखिया थे। उन स्कूलों को इकट्ठा कर एक ही मुखिया बना दिया है। प्रदेश में कोई भी स्कूल बंद नहीं किया। बीते सालों में वे स्कूल बंद हुए हैं, जिनमें बच्चे ही नहीं थे। सरकार ने कई स्कूलों को बच्चों की संख्या बढ़ने पर दोबारा खोला है। आने वाले दिनों में शिक्षकों की बिल्कुल कमी नहीं रहेगी।
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-...तो फिर विपक्ष ने सरकार को इस मामले में कठघरे में क्यों खड़ा किया?
(गंभीर होते हुए) राजनीतिक दलों ने स्कूलों के विलय की अपने-अपने हिसाब से व्याख्या की। असलियत को छिपाया।
-गेस्ट टीचर्स के सेवानियम की फाइल कहां अटकी है?
गेस्ट टीचर्स के सेवा नियम बनकर तैयार हैं। वित्?त विभाग की तरफ से आपत्ति आई थी। स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ महावीर सिंह की डयूटी
लगाई है, वह आपत्ति दूर कराकर मंजूरी दिलाने का काम करेंगे।
-2006 के बाद लगे शिक्षकों के पे-सेटअप में गड़बड़ियां हुईं। क्या कार्रवाई कर रहे हैं।
गलत एरियर और ब्याज लेने वाले शिक्षकों से रिकवरी की जाएगी। जिन अधिकारियों, कर्मचारियों की सांठगांठ रही है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। विधानसभा अध्यक्ष रहते वह विधायकों से भी रिकवरी कर चुके हैं। मंत्रियों की तर्ज पर विधायकों का आयकर भी सरकार ने भर दिया था, जिसके लिए वह पात्र नहीं थे। उन्होंने विधायकों से नौ करोड़ रुपये की रिकवरी की थी। शिक्षकों से भी पैसा वापस लिया जाएगा।
-आरोही स्कूलों का स्टाफ कब नियमित होगा?
इन स्कूलों के स्टाफ के साथ सरकार की सहानुभूति है। ये अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन नियम-कानून आड़े आने के कारण पक्का करने में दिक्कत आ रही है। अधिकारियों को रास्ता निकालने के निर्देश दिए हैं। उम्मीद है नियम व शर्तें पूरा करने वाले शिक्षकों की मांग जल्द पूरी होगी।
-जेबीटी के अंतर जिला तबादले कब होंगे?
जेबीटी को जिला बदलने की छूट दी है। काफी शिक्षकों को स्थायी जिले आवंटित नहीं हुए हैं। उन्हें जल्दी जिले देकर तबादला प्रक्त्रिस्या शुरू करेंगे। कोशिश रहेगी कि शिक्षा सत्र के बीच तबादले न हों। ऑनलाइन तबादला नीति की खामियां सुधारी हैं।
-दो वर्षीय जेबीटी कोर्स बंद कर दिया गया है। चार वर्षीय डिग्री कोर्स कब शुरू होगा?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अब चार वर्षीय डिग्री कोर्स ही मान्य होंगे। झज्जर के बाद गुरुग्राम व कुरुक्षेत्र में शिक्षक बनने के लिए डिग्री कोर्स शुरू किए हैं। हर जिले में स्टेट इंस्टीटयूट ऑफ एडवांस स्टडीज इन टीचर एजुकेशन खोलने की योजना है। 2025 तक तभी नीति को पूरी तरह से लागू कर पाएंगे, जब प्रशिक्षित शिक्षक मौजूद होंगे।
-वोकेशनल एजुकेशन को कैसे बढ़ावा देंगे?
डेढ़ लाख बच्चों को वोकेशनल शिक्षा दे रहे हैं। 46 हजार को 39 हजार रुपये की किट दी है। वे स्कूल से ही पारंगत होकर निकलेंगे। प्रदेश के 40 स्कूलों में छठी कक्षा से ही वोकेशनल शिक्षा नए शैक्षणिक सत्र से शुरू करने जा रहे हैं।
-राष्ट्रीय शिक्षा नीति से हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था में कितना बदलाव आने वाला है?
(आत्मविश्वास के साथ बोले) विशेषज्ञ मानते हैं बड़ा बदलाव आएगा। बच्चों को पांचवीं तक उनकी स्थानीय भाषा में ही जवाब देंगे। जापान, जर्मनी, फ्रांस, रूस इत्यादि देश अपनी ही भाषा में बच्चों को पढ़ाते हैं। अंग्रेजी ही सब कुछ नहीं, इसकी वजह से भी ड्राप आउट है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कोर्स लेने की छूट है। बच्चा बीच में कोर्स छोड़ता है, तो उसे उतनी पढ़ाई का भी प्रमाण पत्र मिलेगा।
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-स्कूलों व कॉलेजों में हजारों पद रिक्त है और भर्ती नहीं हो रही, बेरोजगारों में रोष है। सरकार कुछ करेगी?
प्रदेश सरकार स्कूलों में खाली पदों पर 24 हजार शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है। साढे़ 11 हजार शिक्षक पक्के भर्ती किए जाएंगे, साढे़ 8 हजार अनुबंध पर होंगे। अनुबंधित शिक्षकों की भर्ती हरियाणा कौशल रोजगार निगम के जरिये शुरू कर दी गई है। कॉलेजों में 4000 प्रोफेसर की भर्ती होगी।
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-स्कूलों के विलय के विरोध में काफी आंदोलन हुआ। कितने स्कूल मर्ज किए और क्या इसका असर शिक्षा पर नहीं पड़ेगा ?
एक परिसर में चल रहे स्कूलों के तीन से चार मुखिया थे। उन स्कूलों को इकट्ठा कर एक ही मुखिया बना दिया है। प्रदेश में कोई भी स्कूल बंद नहीं किया। बीते सालों में वे स्कूल बंद हुए हैं, जिनमें बच्चे ही नहीं थे। सरकार ने कई स्कूलों को बच्चों की संख्या बढ़ने पर दोबारा खोला है। आने वाले दिनों में शिक्षकों की बिल्कुल कमी नहीं रहेगी।
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-...तो फिर विपक्ष ने सरकार को इस मामले में कठघरे में क्यों खड़ा किया?
(गंभीर होते हुए) राजनीतिक दलों ने स्कूलों के विलय की अपने-अपने हिसाब से व्याख्या की। असलियत को छिपाया।
-गेस्ट टीचर्स के सेवानियम की फाइल कहां अटकी है?
गेस्ट टीचर्स के सेवा नियम बनकर तैयार हैं। वित्?त विभाग की तरफ से आपत्ति आई थी। स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ महावीर सिंह की डयूटी
लगाई है, वह आपत्ति दूर कराकर मंजूरी दिलाने का काम करेंगे।
-2006 के बाद लगे शिक्षकों के पे-सेटअप में गड़बड़ियां हुईं। क्या कार्रवाई कर रहे हैं।
गलत एरियर और ब्याज लेने वाले शिक्षकों से रिकवरी की जाएगी। जिन अधिकारियों, कर्मचारियों की सांठगांठ रही है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। विधानसभा अध्यक्ष रहते वह विधायकों से भी रिकवरी कर चुके हैं। मंत्रियों की तर्ज पर विधायकों का आयकर भी सरकार ने भर दिया था, जिसके लिए वह पात्र नहीं थे। उन्होंने विधायकों से नौ करोड़ रुपये की रिकवरी की थी। शिक्षकों से भी पैसा वापस लिया जाएगा।
-आरोही स्कूलों का स्टाफ कब नियमित होगा?
इन स्कूलों के स्टाफ के साथ सरकार की सहानुभूति है। ये अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन नियम-कानून आड़े आने के कारण पक्का करने में दिक्कत आ रही है। अधिकारियों को रास्ता निकालने के निर्देश दिए हैं। उम्मीद है नियम व शर्तें पूरा करने वाले शिक्षकों की मांग जल्द पूरी होगी।
-जेबीटी के अंतर जिला तबादले कब होंगे?
जेबीटी को जिला बदलने की छूट दी है। काफी शिक्षकों को स्थायी जिले आवंटित नहीं हुए हैं। उन्हें जल्दी जिले देकर तबादला प्रक्त्रिस्या शुरू करेंगे। कोशिश रहेगी कि शिक्षा सत्र के बीच तबादले न हों। ऑनलाइन तबादला नीति की खामियां सुधारी हैं।
-दो वर्षीय जेबीटी कोर्स बंद कर दिया गया है। चार वर्षीय डिग्री कोर्स कब शुरू होगा?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अब चार वर्षीय डिग्री कोर्स ही मान्य होंगे। झज्जर के बाद गुरुग्राम व कुरुक्षेत्र में शिक्षक बनने के लिए डिग्री कोर्स शुरू किए हैं। हर जिले में स्टेट इंस्टीटयूट ऑफ एडवांस स्टडीज इन टीचर एजुकेशन खोलने की योजना है। 2025 तक तभी नीति को पूरी तरह से लागू कर पाएंगे, जब प्रशिक्षित शिक्षक मौजूद होंगे।
-वोकेशनल एजुकेशन को कैसे बढ़ावा देंगे?
डेढ़ लाख बच्चों को वोकेशनल शिक्षा दे रहे हैं। 46 हजार को 39 हजार रुपये की किट दी है। वे स्कूल से ही पारंगत होकर निकलेंगे। प्रदेश के 40 स्कूलों में छठी कक्षा से ही वोकेशनल शिक्षा नए शैक्षणिक सत्र से शुरू करने जा रहे हैं।
-राष्ट्रीय शिक्षा नीति से हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था में कितना बदलाव आने वाला है?
(आत्मविश्वास के साथ बोले) विशेषज्ञ मानते हैं बड़ा बदलाव आएगा। बच्चों को पांचवीं तक उनकी स्थानीय भाषा में ही जवाब देंगे। जापान, जर्मनी, फ्रांस, रूस इत्यादि देश अपनी ही भाषा में बच्चों को पढ़ाते हैं। अंग्रेजी ही सब कुछ नहीं, इसकी वजह से भी ड्राप आउट है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कोर्स लेने की छूट है। बच्चा बीच में कोर्स छोड़ता है, तो उसे उतनी पढ़ाई का भी प्रमाण पत्र मिलेगा।