EXCLUCIVE: सीएम हुड्डा से 15 सवाल, उनके जवाब
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हरियाणा में 5 मार्च, 2014 को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नौ साल पूरे हो गए हैं। वे लगातार मुख्यमंत्री बने रहने का रिकार्ड बना चुके हैं।
वर्ष 2005 में 90 में 67 विधायक कांग्रेस के बने थे। मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे चल रहे राजनीति के पीएचडी भजनलाल को पछाड़कर पहली बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने वाले हुड्डा के कार्यकाल में 2009 के चुनाव में कांग्रेस की सीटें घटकर 40 रह गई थी। उनके दूसरा कार्यकाल भी लगभग साढ़े चार साल का हो गया है।
अब उनकी रहनुमाई में लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस जा रही है। 2009 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने घोषणापत्र में कितने वादे पूरे हो चुके हैं और कितने बकाया हैं।
यह जानने के लिए हमने बातचीत की मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश...
क्या आपने घोषणा पत्र के सारे वादे पूरे कर दिए हैं?
सिर्फ अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गठित करने के वादे को छोड़कर, सारे वादे पूरे कर दिए हैं। हमने तो वादों से बढ़कर काम किया है। प्रदेश को कई क्षेत्रों में नंबर एक राज्य बनाया है।
किसानों को साहूकारों, महाजनों के चुंगल से निकालने के वादे का क्या हुआ?
हमने सहकारी बैंकों से किसानों को कर्ज 11 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी किया। काला कानून समाप्त किया, जिसके तहत कर्ज न लौटाने वाले किसानों को हवालात में बंद कर देते थे। समय पर सहकारी बैंकों का कर्ज लौटाने वालों का ब्याज माफ किया। लंबी अवधि के कर्ज की ब्याज दर घटाई।
बिजली सब्सिडी का पैसा सीधा किसानों के खाते में भेजने का वादा पूरा क्यों नहीं हुआ?
हम किसानों को न केवल सब्सिडी दे रहे हैं बल्कि किसानों को दी जाने वाली बिजली के रेट भी आधे से ज्यादा कम कर दिए हैं। गत एक जनवरी से किसानों को पहले से भी सस्ती बिजली दी जा रही है।
क्या शिक्षा क्षेत्र के सब वादे पूरे कर लिए?
हरियाणा शिक्षा का हब बनता जा रहा है। हमने सरकारी क्षेत्र में विश्वविद्यालय खोले हैं। आजादी के बाद सरकारी क्षेत्र में पहली महिला यूनिवर्सिटी खानपुर कलां में खोली गई है।
महिला मेडिकल कालेज खोला गया है। रेवाड़ी में इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी बनाई गई है। हिसार में लाला लाजपत राय के नाम पर पशु विज्ञान यूनिवर्सिटी खोली गई है। करनाल में कल्पना चावला मेडिकल कालेज खोला जा रहा है। नूंह में मेडिकल कालेज शुरू हो चुका है। सेंट्रल यूनिवर्सिटी और देश की पहली डिफेंस यूनिवर्सिटी स्थापित की जा रही है।
आईआईएम, आईआईटी, आईआईआईटी खोले जा रहे हैं। राई में राजीव गांधी एजूकेशन सिटी स्थापित किया जा रहा है। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थान आंएंगे। कुछ संस्थान तो स्थापित हो गए हैं। यह सिटी सबसे बड़ा एजुकेशन हब होगा।
प्रदेश के बच्चों को 25 फीसदी सीटें आरक्षित होंगी। इस बजट में भी हमने शिक्षा के लिए सबसे ज्यादा पैसा अलाट किया है। कुरुक्षेत्र में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ डिजाइन और पंचकूला में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नोलॉजी संस्थान खोले जाएंगे। हम स्कूली बच्चों को मुफ्त किताबें और शिक्षा तो दे ही रहे हैं बल्कि बच्चों को 75 रुपये से 400 रुपये मासिक वजीफा भी दे रहे हैं।
गांवों का लाल डोरा बढा़ने का वादा क्यों पूरा नहीं हो पाया?
वादा किया गया था कि सतलुज-यमुना लिंक नहर के मामले में प्रदेश के हितों की सुरक्षा करेंगे। मगर मामला क्यों नहीं निपटा?
यह मामला राष्ट्रपति संदर्भ के लिए सुप्रीम कोर्ट के पास लंबित है। हम जल्द सुनवाई के लिए प्रयासरत हैं। दरअसल पंजाब सरकार ने जल समझौते रद्द कर दिए थे. इसलिए यह मामला लटक गया। मैं दोहरा रहा हूं कि हरियाणा का पानी लेकर रहेंगे।
हांसी-बुटाना नहर दक्षिण हरियाणा के लिए महत्वपूर्ण थी, करीब 400 करोड़ रुपये से यह नहर बन गई, मगर वादा के मुताबिक इसमें पानी नहीं चल सका। क्यों ?
यह मामला भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। हम भाखड़ा मुख्य नहर से अपने हिस्से का पानी ही लेना चाहते हैं। पंजाब और राजस्थान इस मसले पर रोड़ा अटका रहे हैं। दक्षिण हरियाणा की सूखी धरती को मैं हांसी-बुटाना नहर के जरिए पानी पहुंचकर रहूंगा।
वादे के मुताबिक बिजली क्यों नहीं दी जा सकी?
बिजली के मामले में आज हम सरप्लस स्टेट बन चुके हैं। हमने चार पावर प्लांट लगाए। अब परमाणु बिजली संयंत्र का शिलान्यास प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह कर चुके हैं। इंडस्ट्री को 24 घंटे बिजली दे रहे हैं।
शहरों में 22 से 24 घंटे बिजली दी जा रही है। गांवों में हम 14 घंटे बिजली दे रहे हैं। कृषि क्षेत्र को आठ घंटे बिजली सप्लाई बिना बाधा के दी जा रही है।
घोषणा पत्र में सब अस्पतालों को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित करने का वादा कितना पूरा हो पाया?
अस्पतालों को अपग्रेड किया गया है। आधुनिक उपकरण लगाए जा रहे हैं। अब तो हमने एक जनवरी, 2014 से प्रदेशवासियों को मुफ्त इलाज की सुविधा देनी शरू की है। पहले तो दवा मुफ्त दी जाती थी।
उसके बाद सस्ती सर्जरी पैकेज शुरू किए थे। दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति और गर्भवती महिला को अस्सपताल तक ले जाने के लिए मुफ्त एंबुलेंस सुविधा दी जा रही है। हमारे पास बेहतरीन स्वास्थ्य प्रबंधन है। इसके अतिरिक्त एम्स-2 शुरू हो चुका है। कैंसर इंस्टीट्यूट का शिलान्यास हो चुका है। रोहतक पीजीआई अब यूनिवर्सिटी बन चुकी है।
खेल यूनिवर्सिटी और स्पोर्ट्स अथॉरिटी क्यों स्थापित नहीं हो पाईं?
खेल यूनिवर्सिटी स्थापित करने घोषणा बजट सत्र में कर दी है। हमने तो बड़े गांवों में करीब 400 खेल स्टेडियम बनाने का काम शुरू कर रखा है। करीब तीन सौ स्टेडियम तो बन चुके हैं।
प्रतिभा उभारने के लिए टेलेंट हंट नाम से योजना शुरू की, जिसमें 22 लाख से ज्यादा बच्चों ने भाग लिया था। हमने चयनित 5000 बच्चों को वजीफा दिया जाता है। खिलाड़ियों को डीएसपी भर्ती किया है। करीब पौने पांच सौ खिलाड़ियों को अब तक हम नौकरी दे चुके हैं। प्रदेश की स्पोर्ट्स अथॉरिटी के बजाय स्पोर्ट्स काउंसिल स्थापित की जा रही है।
प्रदेश का अलग हाईकोर्ट स्थापित करने का वादा अब तक क्यों अधूरा है?
हम प्रयास कर रहे हैं। मैं आज भी अपनी बात पर कायम हूं कि हरियाणा का अपना अलग हाईकोर्ट होना चाहिए। यह चंडीगढ़ में ही हाईकोर्ट की मौजूदा बिल्डिंग में ही स्थापित हो।
पांच सालों में सब शहरों में सीवरेज सिस्टम लगाने और तीन चौथाई शहरों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का वादा भी अब तक पूरा क्यों नहीं हो पाया?
कुछ शहरों में स्थापित हो चुके हैं और कुछ में हो रहे हैं। चरणबद्ध तरीके से यह काम पूरा हो रहा है। शहरों में हम मूलभूत सुविधाएं दे रहे हैं। सरकार स्थानीय निकायों को फंड मुहैया करा रही है।
सब जिलों में आईएमटी स्थापित करने का वादा भी पूरा नहीं हो सका?
एक वादा था कि कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पूरा होने पर उसे मुख्य शहरों के साथ जोड़ा जाएगा। मगर यह एक्सप्रेसवे ही पूरा नहीं हुआ। क्यों?
यह ठीक है कि यह एक्सप्रेसवे पूरा नहीं हो सका है। हम प्रयास कर रहे हैं। एक्सप्रेसवे बनने के बाद न केवल उसे मुख्य शहरों के साथ जोड़ा जाएगा बल्कि उसके आसपास शहर भी बसाए जाएंगे। जिससे आर्थिक गतिविधयां तेज होंगी।
हरियाणा की अलग सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने का वादा पूरा क्यों नहीं हो सका?
हरियाणा के सिखों ने अलग कमेटी गठित करने की मांग कर रखी है। चट्ठा (वित्त मंत्री हरमोहिंदर सिंह चट्ठा) कमेटी ने भी अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गठित करने की सिफारिश कर रखी है। चट्ठा कमेटी की रिपोर्ट पर कानूनी राय ली जा रही है। राय एडवोकेट जनरल से ली जा रही है।