{"_id":"56e1bc034f1c1b08458b456d","slug":"exclusive-interview-of-advisor-vijay-dev-and-statement-on-his-transfer","type":"story","status":"publish","title_hn":"एडवाइजर देव बोले, मेरी ट्रांसफर, ऊपरवाले की मर्जी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एडवाइजर देव बोले, मेरी ट्रांसफर, ऊपरवाले की मर्जी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 11 Mar 2016 08:07 AM IST
विज्ञापन
विजय देव, सलाहकार, चंडीगढ़ प्रशासक
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अचानक ट्रांसफर का असर वीरवार को एडवाइजर के चेहरे पर साफ दिखा। उनका चेहरा कुछ मुरझाया सा था। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने ट्रांसफर को ऊपरवाले की मर्जी बताया। देखा जाए तो इशारों में उन्होंने अपने ऊपरवालों का जिक्र किया है, जो लगातार उनकी कुर्सी खिसकाने में जुटे थे।
विज्ञापन
एडवाइजर विजय देव से सवाल-जवाब
सवाल: अपने अचानक ट्रांसफर के आप क्या कारण समझते हैं?
जवाब: मैं इसके बारे में अनभिज्ञ हूं। मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर (एमएचए) काडर कंट्रोलिंग अथॉरिटी है। वह जैसा चाहेगी, मैं वैसा ही करूंगा। बाकी जिस शहर में जितना दाना-पानी लिखा होता है। उतना मिलता है, ऊपरवाला सब तय करता है।
विज्ञापन
सवाल: आपके ही कुछ कलीग का ट्रांसफर के पीछे हाथ बताया जा रहा है। इस पर क्या कहेंगे?
जवाब: मैं अपनी जिंदगी में हर किसी के लिए हमेशा सकारात्मकता रखता हूं। चाहे राजनीति से जुड़े लोग हों या फिर अधिकारी। ऊपरवाला जिंदगी की पूरी स्क्रिप्ट लिखता है।
विज्ञापन
सवाल: ट्रांसफर से लोगों में निराशा है।
हां, मुझे 15 हजार से ज्यादा मैसेजेस आ चुके हैं। व्हॉट्सएप पर रोती हुई तस्वीरें और मैसेजेस आ रहे हैं, लेकिन मैं सभी को यही कह रहा हूं कि जिंदगी में इस तरह से आना-जाना लगा रहता है। बाकी शहर के लिए तो मैं चाहूंगा कि चंडीगढ़ नंबर-1 सिटी बने और हमेशा बनी रहे। शहर के सभी लोगों से मुझे बहुत स्नेह है।
सवाल : बहुत से लोग चाहते हैं कि आपका ट्रांसफर रुक जाए।
जवाब : मैं कहीं आने-जाने से नहीं घबराता। मेरी जिंदगी का यह सिद्धांत रहा है। जैसे कहते हैं कि कहीं राजा की तरह जाओ और राजा की तरह आओ। हमारे पास जाने का ऑर्डर आ जाएगा, चले जाएंगे। रुकने का ऑर्डर आएगा रुक जाएंगे। आज जाने की बोलेंगे, आज चले जाएंगे। 10 दिन बाद बोलेंगे, 10 दिन बाद चले जाएंगे। यह मेरी जिंदगी का सिद्घांत रहा है और आगे भी इसका पालन करूंगा।
सवाल: चंडीगढ़ में अपने कार्यकाल से क्या आप संतुष्ट हैं?
जवाब: मैं चंडीगढ़ में अपने कार्यकाल से पूरी तरह संतुष्ट हूं। मेरी संतुष्टि का पैमाना यह नहीं है कि यह प्रोजेक्ट कर दिया, यह नहीं किया। बल्कि मुझे देखकर गरीब से गरीब व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाती है, जो अंदर से आती है। इसे ही मैं संतुष्टि मानता हूं।
सवाल : क्या आपका व्हाट्सएप ऑन रहेगा?
जवाब : जी, हां व्हाट्सएप हमेशा ऑन रहेगा। चंडीगढ़ और यहां के लोगों से बहुत जुड़ाव रहा है। उनसे व्हाट्सएप के जरिए हमेशा जुड़ा रहूंगा।
सवाल : कब तक चंडीगढ़ में हैं?
जवाब : अभी तो हूं। जब तक दूसरे अधिकारी नहीं आते तब तक हूं। जैसे ही उनका आना होगा। मैं भी यहां से चला जाऊंगा।