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बजरंग पूनिया से खास बातचीत: कहा- अगले ओलंपिक में कांस्य को स्वर्ण में बदलूंगा, इस बार न जीत पाने का मलाल

Sun, 08 Aug 2021 12:06 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sun, 08 Aug 2021 12:06 AM IST
सार

टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक से चूके पहलवान बजरंग पूनिया ने कांस्य जीत कर इतिहास रच दिया। उनकी जीत पर पूरे देश में जश्न का माहौल है। लेकिन बजरंग पूनिया को स्वर्ण पदक न जीत पाने का मलाल है। उन्होंने कहा कि वह अगले ओलंपिक में अपने कांसे को स्वर्ण पदक में बदलेंगे।  

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Exclusive conversation with wrestler Bajrang Punia after winning bronze medal in Tokyo Olympics
पहलवान बजरंग पूनिया। - फोटो : फाइल

विस्तार

टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक के लिए खेले गए मुकाबले को एकतरफा बनाने वाले हरियाणा के स्टार पहलवान बजरंग पूनिया को स्वर्ण पदक न जीत पाने का मलाल है। देश के लिए कांस्य पदक जीतने के बाद बजरंग पूनिया ने शनिवार को अमर उजाला से फोन पर विशेष बातचीत में कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने का सपना लेकर गया था लेकिन मेरा वह सपना पूरा नहीं हो पाया। जिसका हमेशा मलाल रहेगा। अगले ओलंपिक में कांस्य पदक को स्वर्ण में जरूर बदलूंगा। 

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बजरंग ने कहा कि हमारे अध्यक्ष बृजमोहन व प्रशिक्षक जगमहेंद्र, कुलदीप व राजीव तोमर चाहते थे कि मैं देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर लाऊं। मैं ऐसा नहीं कर पाया। उन्होंने व फेडरेशन ने कहा है कि इस बार कांस्य पदक से खुशी मनाते हैं लेकिन अगली बार स्वर्ण से कम ना हो। अब हमारे दो पदक हैं रजत व कांस्य। सभी कोच व फेडरेशन को बधाई।
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गुरु योगेश्वर दत्त व शिष्य बजरंग पूनिया दोनों ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता 
टोक्यो में पदक जीतने के साथ ही बजरंग पूनिया भी अपने गुरु योगेश्वर दत्त की तरह ओलंपिक कांस्य पदक विजेता बने गए हैं। बजरंग योगेश्वर दत्त को अपना गुरु मानते हैं। बेशक वह स्वर्ण नहीं जीत सके लेकिन अपने गुरु योगेश्वर दत्त की तरह वह भी देश के लिए कांस्य जीतने में सफल रहे। 
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बजरंग को शुरुआत से ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त का साथ मिला है और इसलिए योगेश्वर को वह अपना गुरु मानते हैं। वह जब भी साथ रहते हैं तो अधिकतर कुश्ती को लेकर ही बात होती है। योगेश्वर को बजरंग से बड़ी उम्मीद रहती है कि वह हर जगह देश का नाम रोशन करके आएगा। ओलंपिक में भी उन्हें उम्मीद थी कि बजरंग स्वर्ण पदक लेकर आएगा। लेकिन चोटिल होने के चलते बजरंग स्वर्ण पदक नहीं जीत सके।

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