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प्राइवेट स्कूलों में ऐसे नहीं मिलेगी एडमिशन, दाखिले के लिए ये है नियम
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 09 Apr 2017 09:24 AM IST
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निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को उसी स्कूल में नहीं मिलेगा दाखिला
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हरियाणा के 4000 से अधिक निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को 134-ए का लाभ इस बार उसी विद्यालय में निशुल्क शिक्षा का मौका नहीं मिलेगा। इस कारण ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत पढ़ाई करने के लिए विद्यार्थी नजदीकी स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन कर रहे हैं। प्रदेश भर में करीब 4800 निजी स्कूल हैं, इनमें करीब 2.80 सीटें हैं, लेकिन नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है। जबकि पढ़ाई का नुकसान न हो, इसलिए हजारों की संख्या में बच्चों ने दाखिले ले लिए हैं।
यह लगातार तीसरा वर्ष है जबकि 134-ए के तहत दाखिले के लिए अभिभावकों और बच्चों को एक बार फिर परेशानियों के दौर से गुजरना होगा। 134-ए के तहत दूसरी से आठवीं तक प्राइवेट स्कूलों में निशुल्क शिक्षा, जबकि 12वीं तक की पढ़ाई के लिए सरकारी स्कूलों के बराबर फीस चुकानी होती है। ईडल्ब्यूएस छात्र अभिभावक संघ, हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष भारत भूषण बंसल ने बताया कि जिन अभिभावकों की वार्षिक आय दो लाख से कम है, उनके बच्चों के निजी स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं।
लेकिन पहले से ही निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब तक कई निजी स्कूलों ने सीटों का ब्योरा विभाग को नहीं दिया है, जिनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने बताया कि इस माह के अंत तक दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
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16 अप्रैल को होने वाली परीक्षा में प्रदेश के हजारों विद्यार्थी शामिल होंगे, जिन्हें पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दाखिला देने के लिए 19 को काउंसलिंग होगी। 55 प्रतिशत से अधिक नंबर हासिल करने वालों को ही सीटों की उपलब्धता के मुताबिक दाखिले दिए जाएंगे।
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यह लगातार तीसरा वर्ष है जबकि 134-ए के तहत दाखिले के लिए अभिभावकों और बच्चों को एक बार फिर परेशानियों के दौर से गुजरना होगा। 134-ए के तहत दूसरी से आठवीं तक प्राइवेट स्कूलों में निशुल्क शिक्षा, जबकि 12वीं तक की पढ़ाई के लिए सरकारी स्कूलों के बराबर फीस चुकानी होती है। ईडल्ब्यूएस छात्र अभिभावक संघ, हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष भारत भूषण बंसल ने बताया कि जिन अभिभावकों की वार्षिक आय दो लाख से कम है, उनके बच्चों के निजी स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं।
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लेकिन पहले से ही निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब तक कई निजी स्कूलों ने सीटों का ब्योरा विभाग को नहीं दिया है, जिनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने बताया कि इस माह के अंत तक दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
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16 अप्रैल को होने वाली परीक्षा में प्रदेश के हजारों विद्यार्थी शामिल होंगे, जिन्हें पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दाखिला देने के लिए 19 को काउंसलिंग होगी। 55 प्रतिशत से अधिक नंबर हासिल करने वालों को ही सीटों की उपलब्धता के मुताबिक दाखिले दिए जाएंगे।