हरियाणा विधानसभा में दिखा अचंभित नजारा, हुड्डा की तरफ अभय चौटाला ने बढ़ाई नजदीकियां
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हरियाणा में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सियासी समीकरण बदलना शुरू हो गए हैं। एक-दूसरे के धुर विरोधी नेता आपसी कड़वाहट मिटाकर नजदीकियां बढ़ाने लगे हैं।
मॉनसून सत्र के पहले दिन सदन में अचंभित कर देने वाला नजारा दिखा। लगभग पांच साल तक पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को निशाने पर रखने वाले इनेलो के वरिष्ठ नेता व विधायक अभय चौटाला का अचानक हृदय परिवर्तन हो गया।
शून्यकाल के दौरान अभय अपनी सीट से उठकर हुड्डा के पास पहुंचे और उनके साथ बातचीत करने लगे। यह देख हुड्डा ने उन्हें अपनी सीट पर बिठा लिया। चौटाला और हुड्डा की कुछ देर तक गुफ्तगू हुई। इसमें हुड्डा के बगल में बैठक विधायक रघुवीर कादियान भी शामिल हो गए। उन्होंने भी अपनी बातें रखी। यह देखते ही पूरा सदन आश्चर्यचकित रह गया।
सत्ता पक्ष के विधायक और मंत्री तो यह कहते सुने गए कि वो देखो, वो देखो। कुछ देर दोनों में बात होने के बाद चौटाला उठकर जाने लगे तो हुड्डा ने उनका बाजू पकड़कर कुछ कहा। सियासी गलियारों में इसे लेकर अलग-अलग तरह के कयासों का बाजार गर्म है। यहां तक भी कहा जा रहा है कि पार्टी में टूट का सामना कर रही इनेलो, कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर भी विधानसभा चुनाव लड़ सकती है।
चूंकि, बीते दिनों इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला हुड्डा के पुत्र दीपेंद्र हुड्डा की तारीफ भी कर चुके हैं। वहीं, पांच नगर निगमों के चुनाव के दौरान हुड्डा गुट करनाल में इनेलो की मेयर उम्मीदवार का भी समर्थन कर चुका है। दोनों नेताओं की नजदीकियां क्या रंग लाती हैं, ये तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन हुड्डा ने कयासों पर फिलहाल विराम लगाने की कोशिश की है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बातचीत में कहा कि अभय चौटाला के साथ किसी मुद्दे पर बातचीत नहीं हुई। अभय उनका हालचाल पूछने आए थे, इसलिए मैंने भी उनका कुशलक्षेम जाना। इसके और मायने नहीं निकाले जाने चाहिए।
रामबिलास की सलाह, कांग्रेस वालों के साथ न जाना अभय
संसदीय कार्यमंत्री रामबिलास शर्मा ने चुटकी लेते हुए कहा कि चौधरी देवीलाल का डीएनए है, सबके साथ समझौते किए पर कांग्रेस के साथ कभी नहीं किया। इसलिए मेरी सलाह है अभय कांग्रेस के साथ मत जाना। भाजपा तो राजनीतिक गंगा है, पिछले सत्र में उनकी इस बात का कुछ विधायकों पर असर हुआ है। अभय भी हमारी बात धीरे-धीरे मान रहे हैं।