{"_id":"5f9b1ddb8ebc3e5fa477c21b","slug":"even-after-two-months-chb-could-not-tell-the-price-of-the-flats-the-staff-reached-the-high-court-chandigarh-news-pkl392546497","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ : दो माह बाद भी फ्लैट्स के दाम नहीं बता पाया सीएचबी, कर्मचारी पहुंचे हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ : दो माह बाद भी फ्लैट्स के दाम नहीं बता पाया सीएचबी, कर्मचारी पहुंचे हाईकोर्ट
Fri, 30 Oct 2020 01:24 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2020 01:24 AM IST
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) दो महीने बाद भी यूटी कर्मचारियों को मकान देने के लिए फ्लैट्स की कीमत को नए सिरे से तय नहीं कर पाया है। इस काम में हो रही देरी को लेकर यूटी इंप्लाइज हाउसिंग वेल्फेयर सोसाइटी ने सीएचबी के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है। अपनी अर्जी में कर्मचारियों ने कहा है कि सीएचबी की तरफ से हो रही देरी से फ्लैट्स के दाम बढ़ते जा रहे हैं।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने नई अर्जी दाखिल कर हाईकोर्ट से इस पर सुनवाई की मांग की है। मांग की है कि प्रशासन को प्रपोजल तैयार करने के जल्द निर्देश दिए जाएं, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सकें। यूटी इंप्लाइज हाउसिंग वेलफेयर सोसाइटी ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के तहत ही केंद्रीय गृह सचिव, चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार और चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन के साथ याचिकाकर्ताओं की 19 अगस्त को बैठक हुई थी।
विज्ञापन
इसमें यूटी इंप्लाइज के प्रतिनिधियों के सामने प्रशासन की तरफ से 11 मंजिला, 5 मंजिला फ्लैट्स या फिर केवल स्ट्रक्चर बनाकर देने जैसे तीन विकल्प रखे गए। इस पर केंद्रीय गृह सचिव ने सीएचबी के अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए कि वह सभी विकल्पों में जल्द से जल्द फ्लैटों के दाम इंप्लाइज को बताए जाएं, ताकि आपस में विचार-विमर्श करके कुछ निर्णय ले सकें।
विज्ञापन
प्रशासन ने इसके लिए 10 दिन का समय मांगा लेकिन अब तक उन्हें कुछ नहीं बताया गया है। महासचिव डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि अब दो महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक सीएचबी मकान की कीमत को तय नहीं कर पाया है। इसके लिए उन्होंने पहले प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा को पत्र लिखा लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए ही उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया है।
हाईकोर्ट में 2 दिसंबर को सुनवाई, इसलिए बोर्ड कर रहा देरी : एसोसिएशन
यूटी इंप्लाइज के प्रतिनिधियों ने बताया कि हाईकोर्ट में एक सितंबर को इस मामले की सुनवाई होनी थी लेकिन दो दिसंबर के लिए स्थगित कर दी गई है। यही कारण है कि हाउसिंग बोर्ड भी काम में देरी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार 11 मंजिला मकानों की गणना में ए कैटेगरी के एक फ्लैट की कीमत जो 1.76 करोड़ रुपये थी, वह अब 1.60 के लगभग की गई है।
इसी तरह बी कैटेगरी के फ्लैट की कीमत जो 1.35 करोड़ बताई गई थी अब 1.24 करोड़, सी कैटेगरी के फ्लैट की कीमत जो 99 लाख रुपये बताई गई थी वो 75 लाख के लगभग और डी कैटेगरी के फ्लैट की कीमत जो 58 लाख रुपये बताई गई थी, वह अब 40 लाख के करीब बन रही है। सीएचबी के अधिकारी अभी पांच मंजिला फ्लैटों की कीमत तय नहीं कर पाए हैं।