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अच्छी खबर: पीजीआई चंडीगढ़ में अगले सप्ताह लागू होगी ई-ऑफिस प्रणाली, नहीं लगेगा फाइलों का ढेर

Mon, 18 Oct 2021 12:55 PM IST
प्रमोद कुमार वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: प्रमोद कुमार Updated Mon, 18 Oct 2021 12:55 PM IST
सार

पीजीआई चंडीगढ़ में अब पेपरलेस प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जी हां, अगले सप्ताह से ई-ऑफिस प्रणाली लागू कर दी जाएगी, जिससे फाइलों का ढेर नहीं लग सकेगा। इस प्रक्रिया से सात दिन में होने वाला काम एक घंटे में हो जाएगा। फाइलों के भी गुम होने या दबने की नौबत नहीं आएगी।

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Eoffice system to be implemented in PGI Chandigarh from next week
पीजीआई चंडीगढ़। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पीजीआई चंडीगढ़ में चंद दिनों के अंदर ई-ऑफिस प्रणाली लागू हो जाएगी। फिर प्रशासनिक कार्यों में फाइलों का अंबार नहीं लगेगा। ऑनलाइन ही फाइलों को स्वीकृति मिलेगी, जिससे लंबित फाइलों की संख्या समाप्त होने के साथ ही प्रक्रिया में पारदर्शिता से कार्य विलंब की स्थिति न के बराबर होगी। इतना ही नहीं, फाइल दबाने, गुम होने या एक ही जगह महीनों अटके रहने की नौबत भी नहीं आएगी। पीजीआई प्रशासन के अनुसार सारे प्रशासनिक कार्य ऑनलाइन हो जाने से कार्यालय के साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी। डीडीए कुमार गौरव ने बताया कि मौजूदा समय में एक फाइल को अप्रूवल मिलने में सामान्य तौर पर 7 दिन का समय लगता है, जबकि ई-ऑफिस के माध्यम से एक घंटे में काम हो जाएगा। इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। पिछले कुछ दिनों से प्रक्रिया प्रयोग के तौर पर लागू की गई है। उसका बेहतर परिणाम सामने आया है।
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यहां जरूरत के अनुसार होगा पत्र व्यवहार  
केंद्र सरकार के साथ पत्र व्यवहार, जहां मैन्युअल फाइल जरूरी हो।
  • राष्ट्रपति भवन, राजभवन, लोकायुक्त कार्यालय, विधानसभा सचिवालय, ईओडब्ल्यू या अन्य ऐसे कार्यालय व आयोग, जिनसे ई-ऑफिस से पत्र व्यवहार संभव न हो।
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  • न्यायालयीय कार्य व प्रकरण, जब तक ऑनलाइन व्यवस्था लागू न हो।
कहां-कहां हैं ई-ऑफिस
केंद्रीय मंत्रिमंडल सचिवालय, मुख्यमंत्री कार्यालय महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु व त्रिपुरा के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अलावा दिल्ली के एम्स।

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ई-ऑफिस के फायदे
  • खर्च में कमी और सूचनाएं आसानी से ढूंढी जा सकती हैं।
  • कम होती जगह के बीच पेपरलेस ऑफिस में फाइलों को रखने के लिए अलग से जगह की जरूरत नहीं होती। कंप्यूटर में कैद रहती हैं।
  • यह आसानी से पता किया जा सकेगा कि फाइल कहां और कितने समय से लंबित है।
  • फाइल चोरी या आग लगने जैसी घटनाओं में भी सुरक्षित रहती हैं और सूचनाएं आसानी से बांटी जा सकती हैं।
  • सर्वर से कनेक्ट होकर कहीं भी काम किया जा सकता है और कागज का प्रयोग नहीं होने से पर्यावरण की रक्षा होगी।
  • इधर-उधर घूमती हुई संबंधित कुर्सी तक देर से पहुंचने वाली फाइलें एक क्लिक से सेकेंड में पहुंच सकती हैं।
  • अधिकारी-कर्मचारी अपने घर या अन्य स्थान से भी काम कर सकेंगे।

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ई-ऑफिस की सुविधा इस हफ्ते लागू कर दी जाएगी। इससे एक ओर जहां पेपरलेस काम होगा, वहीं, ई-फाइल से कार्य में पारदर्शिता आएगी।
-कुमार गौरव, डीडीए, पीजीआई
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