सुविधाएं ही नहीं तो कैसे हो पर्यावरण संरक्षण?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जब पर्यावरण की सुरक्षा के लिए साइकिलिंग को प्रमोशन का चंडीगढ़ प्रशासन का अभियान पस्त हो चुका है। सिटी के साइकिलिंग ट्रैक बर्बाद हो चुके हैं। जो हैं उनका इस्तेमाल साइकिलिस्टों से ज्यादा स्कूटर चालक करते हैं।
साइकिल के लिए पार्किंग व्यवस्था सही नहीं है। ढेरों चुनौतियों के बावजूद पर्यावरण प्रेमी साइकिलिंग को बढ़ावा देने के लिए कमर कसे हुए हैं।
1000 से ज्यादा सदस्य, पर चुनौतियां ढेर सारी
साइकिलिंग को बढ़ावा देने के लिए शहर में कई क्लब हैं। इनके सदस्यों की संख्या एक हजार के करीब है। प्रमुख क्लबों में चंडीगढ़ साइकिलिंग, चंडीगढ़ साइकिलिंग क्लब, चंडीगढ़ एमेच्योर साइकिलिंग एसोसिएशन, चंडीगढ़ साइकिलिस्ट शामिल हैं।
- पार्किंग में साइकिल की कोई सिक्योरिटी नहीं हैं। अगर कोई अपनी महंगी साइकिल लेकर मार्केट जाना चाहिए तो यह सुनिश्चित नहीं है कि उसे लौटने पर वापस मिलेगी।
-साइकिल ट्रैक की हालत खस्ता है। ये टूट-फूट चुके हैं। कहीं रास्ते में मलवा पड़ा है तो कहीं बड़े पेड़ रास्ता रोके हुए हैं।
-साइकिलिस्टों के लिए लगे साइन बोर्ड भी मिट गए हैं। चौराहों पर सड़क पार कर करने के लिए कोई सुरक्षित व्यवस्था नहीं है।
ये हैं प्रमुख्य साइकिलिंग ट्रैक, पर रखरखाव नहीं
पंजाब इंजीनियरिंग कालेज से सेक्टर-40
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से अटावा
चंडीगढ़ सेक्टर-27 से मेडिकल कालेज-32
मध्यमार्ग से स्लिपरोड और बस स्टैंड के साथ रोड
सेक्टर-41 से लेकर सेक्टर-46 तक है ट्रैक
100 किलोमीटर साइकिल ट्रैक है मगर रखरखाव नहीं
5000 से ज्यादा साइकल चंडीगढ़ में हर माह बिकती हैं
1000 एमेच्योर साइकिलिस्ट हैं चंडीगढ़ में
प्रमुख साइकिलिस्ट, यह थी सोच
सरबजीत सिंह, वित्त सचिव
सत्यपाल बांगर, हाईकोर्ट के पूर्व---
रणबीर सिंह सरोहा, ओएसडी टू सीएम हरियाणा
जेके ठाकुर, पीजीआई के प्रोफेसर
डा. राजकुमार, यूनिवर्सिटी लाइब्रेरियन
चंडीगढ़ में कांटेदार पेड़ इसलिए नहीं लगाए गए थे क्योंकि संकल्पना यह की गई थी कि सिटी का दायरा छोटा है, सड़कें बेहतर हैं इसलिए निवासी इसमें साइकिलिंग ज्यादा पसंद करेंगे।
ये कहना है अधिकारियों का
कुछ सेहत के लिए तो कुछ रूटीन में साइकिल का इस्तेमाल करने लगे हैं। लेकिन बाधा हैं सिटी के ट्रैक। उन्हें ठीक करवाना चाहिए।
राकेश मोहिंद्रा , चंडीगढ़ साइकिलिंग एसोसिएशन
साइकिल पार्किंग में खड़ी करने पर चोरी होने का खतरा रहता है। प्रशासन को साइकिल ट्रैक के साथ ही पार्किंग की सुविधा देनी चाहिए।
गुरप्रताप सिंह, बिजनेसमैन
ट्रैक चलने लायक नहीं हैं। मुख्य सड़क पर साइकिल चलाना काफी रिस्क वाला कार्य है। एक्सीडेंट का खतरा रहता है।
मनसिमरन खोखर संधू, साइंटिफिक अफसर, पीयू
चंडीगढ़ में साइकिल और रिक्शा ट्रैक पर अब स्कूटर चलने लगे हैं। पार्किंग के साथ पर्याप्त सुरक्षा की व्यवस्था की जानी चाहिए।
योगेश कुमार, टेक्निकल हेड, डेकाथ्लान