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चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन पर कसा शिकंजा, एंट्री फीस वसूली पर प्रशासक ने तलब की रिपोर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 30 Oct 2018 10:13 AM IST
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वीपी सिंह बदनौर
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चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन पर कसते हुए स्टेट स्केटिंग चैंपियनशिप में एंट्री फीस की वसूली मामले में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने खेल विभाग से रिपोर्ट तलब कर ली है। सोमवार को प्रशासक की अध्यक्षता में हुई प्रशासन के सीनियर लेवल के अफसरों की मीटिंग में खेल विभाग को स्केटिंग एसोसिएशन द्वारा एंट्री फीस की वसूली और अन्य गड़बड़ियों की जांच करने को कहा गया। खेल विभाग अब स्केटिंग एसोसिएशन के साथ-साथ शहर की अन्य खेल संस्थाओं से भी उनका रिकॉर्ड मांगने जा रहा है।
बता दें कि चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन की ओर से सेक्टर-10 के सरकारी रिंक में आयोजित की गई स्केटिंग चैंपियनशिप में खिलाड़ियों से 700 रुपये से लेकर 1200 रुपये तक की एंट्री फीस वसूली गई थी। प्रशासन के खेल विभाग ने एसोसिएशन को यह रिंक फ्री में उपलब्ध कराया था। ऐसे में एसोसिएशन ने खिलाड़ियों से एंट्री फीस के नाम पर ही लाखों रुपये ऐंठ लिए। नियमों के अनुसार, फ्री में स्केटिंग रिंक मिलने पर एसोसिएशन खिलाड़ियों से इतनी अधिक फीस नहीं ले सकती। खेल विभाग अब एसोसिएशन से न केवल स्केटिंग रिंक का किराया वसूलेगा बल्कि फीस पर भी वसूली की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन खेल विभाग के किसी भी नियम का पालन नहीं कर रही। नियमों के अनुसार खेल विभाग से जुड़ी हर एसोसिएशन को अपना लेखा-जोखा तथा पदाधिकारियों की सूची खेल विभाग को उपलब्ध करानी होती है। यही नहीं समय-समय पर एसोसिएशन को खेल विभाग के ऑब्जर्वर की निगरानी में अपने पदाधिकारियों का चुनाव करवाना होता है। चंडीगढ़ की स्केटिंग एसोसिएशन में लंबे समय से प्रेसिडेंट पद पर एक ही व्यक्ति तैनात है। यही नहीं खेल विभाग के नियमों के अनुसार 70 साल से अधिक व्यक्ति एक निर्धारित समय के बाद प्रेसिडेंट के पद पर नहीं रह सकता।
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रद्द हो सकती है एफिलिएशन
यदि कोई स्पोर्ट्स एसोसिएशन खेल विभाग के नियमों का पालन नहीं करती है तो प्रशासन उसकी एफीलिएशन रद्द कर सकता है। चंडीगढ़ में कई खेल एसोसिएशन अपनी मनमर्जी चला रही हैं। ऐसे में इन सभी एसोसिएशन को अपना रिकॉर्ड खेल विभाग को उपलब्ध कराने को कहा जाएगा।
खेल विभाग स्केटिंग एसोसिएशन के साथ शहर की उन सभी स्पोर्ट्स एसोसिएशनों को नोटिस जारी करेगा, जो स्पोर्ट्स कोड का पालन नहीं कर रही हैं। स्केटिंग एसोसिएशन से एंट्री फीस के नाम पर की गई वसूली पर भी जवाब मांगा जा रहा है।
- जितेंद्र यादव, सेक्रेटरी स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट
हम स्केटिंग एसोसिएशन से जवाब मांग रहे हैं। अगर एसोसिएशन गलत पाई गई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. महेंद्र कुमार, ज्वाइंट डायरेक्टर, स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट, यूटी
फीस संबंधित हर जानकारी हमने चैंपियनशिप से पहले अखबारों में दे दी थी। हमें कोई ग्रांट नहीं मिलती। फीस से ही हम खेल प्रतियोगिता में ज्यूरी, एंपायर की फीस के साथ-साथ मेडल और ट्राफी की व्यवस्था करते हैं।
- हरप्रीत सिंह, पदाधिकारी, चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन
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बता दें कि चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन की ओर से सेक्टर-10 के सरकारी रिंक में आयोजित की गई स्केटिंग चैंपियनशिप में खिलाड़ियों से 700 रुपये से लेकर 1200 रुपये तक की एंट्री फीस वसूली गई थी। प्रशासन के खेल विभाग ने एसोसिएशन को यह रिंक फ्री में उपलब्ध कराया था। ऐसे में एसोसिएशन ने खिलाड़ियों से एंट्री फीस के नाम पर ही लाखों रुपये ऐंठ लिए। नियमों के अनुसार, फ्री में स्केटिंग रिंक मिलने पर एसोसिएशन खिलाड़ियों से इतनी अधिक फीस नहीं ले सकती। खेल विभाग अब एसोसिएशन से न केवल स्केटिंग रिंक का किराया वसूलेगा बल्कि फीस पर भी वसूली की जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन खेल विभाग के किसी भी नियम का पालन नहीं कर रही। नियमों के अनुसार खेल विभाग से जुड़ी हर एसोसिएशन को अपना लेखा-जोखा तथा पदाधिकारियों की सूची खेल विभाग को उपलब्ध करानी होती है। यही नहीं समय-समय पर एसोसिएशन को खेल विभाग के ऑब्जर्वर की निगरानी में अपने पदाधिकारियों का चुनाव करवाना होता है। चंडीगढ़ की स्केटिंग एसोसिएशन में लंबे समय से प्रेसिडेंट पद पर एक ही व्यक्ति तैनात है। यही नहीं खेल विभाग के नियमों के अनुसार 70 साल से अधिक व्यक्ति एक निर्धारित समय के बाद प्रेसिडेंट के पद पर नहीं रह सकता।
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यदि कोई स्पोर्ट्स एसोसिएशन खेल विभाग के नियमों का पालन नहीं करती है तो प्रशासन उसकी एफीलिएशन रद्द कर सकता है। चंडीगढ़ में कई खेल एसोसिएशन अपनी मनमर्जी चला रही हैं। ऐसे में इन सभी एसोसिएशन को अपना रिकॉर्ड खेल विभाग को उपलब्ध कराने को कहा जाएगा।
खेल विभाग स्केटिंग एसोसिएशन के साथ शहर की उन सभी स्पोर्ट्स एसोसिएशनों को नोटिस जारी करेगा, जो स्पोर्ट्स कोड का पालन नहीं कर रही हैं। स्केटिंग एसोसिएशन से एंट्री फीस के नाम पर की गई वसूली पर भी जवाब मांगा जा रहा है।
- जितेंद्र यादव, सेक्रेटरी स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट
हम स्केटिंग एसोसिएशन से जवाब मांग रहे हैं। अगर एसोसिएशन गलत पाई गई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. महेंद्र कुमार, ज्वाइंट डायरेक्टर, स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट, यूटी
फीस संबंधित हर जानकारी हमने चैंपियनशिप से पहले अखबारों में दे दी थी। हमें कोई ग्रांट नहीं मिलती। फीस से ही हम खेल प्रतियोगिता में ज्यूरी, एंपायर की फीस के साथ-साथ मेडल और ट्राफी की व्यवस्था करते हैं।
- हरप्रीत सिंह, पदाधिकारी, चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन