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हरियाणा: एमएसएमई के लिए उद्यमियों को मिले सस्ती जमीन, राष्ट्रीय जन उद्योग संगठन ने वित्त मंत्री से किया आग्रह
Tue, 01 Feb 2022 12:33 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 01 Feb 2022 12:33 AM IST
सार
राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन ने केंद्रीय वित्त मंत्री से आग्रह किया कि एमएसएमई के लिए उद्यमियों को सस्ती जमीन मिले व नियम सरल किए जाएं। ऑनलाइन खरीद पर टैक्स लगे और दुकानदारों का जोखिम बीमा हो।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा के उद्यमियों ने केंद्रीय बजट में एमएसएमई के लिए सस्ती जमीन के प्रावधान की मांग की है। साथ ही नियमों का सरलीकरण करने का आग्रह किया है। राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता व कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने कहा कि एमएसएमई में सुधार सहित भारतीय लघु एवं मझले उद्योगों व खुदरा व्यापार के उत्थान के लिए बजट में क्रांतिकारी कदम उठाने की आवश्यकता है।
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एमएसएमई के तहत उद्योग स्थापित करने के लिए उद्योगपतियों को लोन सरल तरीके से मिले, बिजली की रेट में कमी हो, आरओसी व आयकर की छूट अलग-अलग मिलनी चाहिए। बजट में खुदरा दुकानदारों के लिए अलग से नियमावली बनाएं। ऑनलाइन खरीद करने वाले ग्राहकों को अलग से टैक्स लगाया जाए। दुकानदारों के जोखिम को बीमा कंपनी के माध्यम से कवर करें। दुकानदारों को इंस्पेक्टर राज से छुटकारा मिले। व्यापार आयोग का अलग से गठन किया जाए।
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व्यापारी नेताओं ने कहा कि ऑनलाइन ई-कॉमर्स बढ़ने से घरेलू पारंपरिक खुदरा व्यापार प्रभावित हो रहा है, इसलिए ई-कॉमर्स के कुल कारोबार पर 5 से 10 प्रतिशत का विशेष कर लगाया जाए। इससे सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी और पारंपरिक खुदरा व्यापार भी प्रतिस्पर्धी बनेगा।
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व्यापारी नेता ने कहा कि अर्थव्यवस्था की तीनों अंग विनिर्माण, सेवा एवं खुदरा को एक साथ एक मंत्रालय के अधीन रखना चाहिए। लघु उद्योगों और सेवा क्षेत्र की तरह खुदरा व्यापारियों को भी सारे लाभ मिलें। उन्होंने कहा, संगठन उम्मीद करता है कि केंद्रीय वित्त मंत्री उनकी मांगों को संज्ञान लेते हुए बजट के माध्यम से पूरा करेंगी।