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मोदी-2 के पहले बजट पर टिकीं पंजाब की उम्मीदें, उद्यमियों और कारोबारियों को भी है आस

Fri, 05 Jul 2019 03:08 AM IST
ajay kumar अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 05 Jul 2019 03:08 AM IST
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Entrepreneur Of Punjab Want To Big relief From Budget
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : SELF

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण आज एनडीए सरकार का पहला बजट पेश करने जा रही हैं। मोदी-2 के इस पहले बजट पर एक बार पंजाब के उद्यमियों और कारोबारियों की उम्मीदें टिक गई हैं। मोदी-1 में सूबे को कुछ खास नहीं मिला, इसलिए इस बार उम्मीदे और ज्यादा हैं। फेडरेशन ऑफ पंजाब स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान बदीश जिंदल कहते हैं कि अंतरिम बजट में सरकार ने आयकर छूट की सीमा पांच लाख करने का एलान किया था। 

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उस पर कायम रहना चाहिए। पंजाब लैंड लॉक्ड स्टेट है, दूसरे राज्यों से मुकाबला करना मुश्किल होता है। फ्रेट सब्सिडी की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होनी चाहिए। उद्योगों के टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन में सरकार मदद करेगी तो फायदा देश का होगा। 
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मीडिया, स्माल, माइक्रो एंटरप्राइज (एमएसएमई) को इस बार बड़े पैकेज की उम्मीद है। अगर सरकार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है तो डायरेक्ट के बजाय इन-डायरेक्ट बेनेफिट ही दे सकती है। नई मशीनें लगाने में ड्यूटी माफ कर दी जाए। चीन के उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई जाए तो भी पंजाब की इंडस्ट्री को मदद मिलेगी।

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छोटे कारोबारियों के लिए पेंशन

पंजाब व्यापार मंडल के प्रधान और टेक्सटाइल इंडस्ट्री एसोसिएशन अमृतसर के प्रधान प्यारे लाल सेठ की मांग है कि सरकार छोटे कारोबारियों की सुध ले। जो जीएसटी में रजिस्टर्ड हैं, उनका दस लाख का सेहत बीमा कराया जाए। रिटायरमेंट की उम्र तय हो, उसके बाद जितना जीएसटी व्यापारी ने दिया है, उस हिसाब से उसकी पेंशन तय की जाए। 

व्यापारियों की समस्याओं के हल को अलग बोर्ड बने। मानव निर्मित यार्न पर जीएसटी 12 से घटाकर 5 प्रतिशत किया जाए। बांग्लादेश से आने वाले माल पर ड्यूटी लगाई जाए। इससे गारमेंट और होजरी इंडस्ट्री को काफी नुकसान हो रहा है। 1000 तक केरेडीमेड गारमेंट्स पर जीएसटी 5 प्रतिशत और उससे ज्यादा पर 12 फीसदी है, इसे समान किया जाए।

स्पोर्ट्स गुड्स इंडस्ट्री को चाहिए ऑक्सीजन
पंजाब की स्पोर्ट्स गुड्स इंडस्ट्री भी लंबे समय से कुछ न मिलने से निराश है। खेल उद्योग संघ के प्रधान रविंदर धीर ने कहा कि स्पोर्ट्स गुड्स पर जीएसटी 12 प्रतिशत और जिम और फिजिकल फिटनेस के उपकरणों पर 18 प्रतिशत है। 

एक कूदने वाली रस्सी, डंबल-रॉड पर ज्यादा टैक्स है, जबकि, डायमंड ज्वेलरी पर 0.25 फीसदी है। 25 साल से रिसर्च एंड डेवलपेंट सेंटर की मांग उठाई जा रही है, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। स्पोर्ट्स गुड्स इंडस्ट्री सिकुड़ रही है, ट्रेडिंग बढ़ रही है। नई पीढ़ी तो पूरी तरह व्यापार की तरफ भाग रही है। इसे देखते हुए सरकार को कुछ इन्सेंटिव देना चाहिए।

किसानों को कोई उम्मीद नहीं
भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि जिस सरकार ने धान का एमएसपी सिर्फ 65 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया हो, उससे बजट में क्या उम्मीद की जा सकती है। इस बार लेबर की किल्लत के चलते धान की रोपाई का खर्च आठ सौ रुपये प्रति एकड़ बढ़ गया है। 

मानसून कमजोर होने के कारण किसानों की लागत और बढ़ेगी। ऐसे में 65 रुपये बढ़ोतरी कितनी मददगार हो सकती है। यह कॉरपोरेट्स की सरकार है। जिसने स्वामीनाथन रिपोर्ट जैसे पुराने वादे अब तक पूरे नहीं किए। लेकिन इतना तय है कि बजट में कोई बड़ा ड्रामा जरूर होगा, जिससे यह दिखावा किया जाए कि सरकार को किसानों की बहुत चिंता है।

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