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Chandigarh: चंडीगढ़ में हिंदी-पंजाबी पर भारी अंग्रेजी, नियम-साइन बोर्ड पर सबसे पहले होनी चाहिए क्षेत्रीय भाषा

Tue, 21 Feb 2023 11:45 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 21 Feb 2023 11:45 AM IST
सार

समाज कल्याण विभाग, श्रम विभाग समेत कई ऐसे विभाग हैं जिससे गरीब, मजबूर व कम पढ़े-लिखे लोग जुड़े हुए हैं, लेकिन इनकी वेबसाइट अंग्रेजी में है। समाज कल्याण विभाग की कई योजनाएं, जिनके नाम तो हिंदी में हैं लेकिन उनके फॉर्म अंग्रेजी में हैं। 

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English dominates more than Hindi and Punjabi in Chandigarh
चंडीगढ़ के नए सचिवालय का साइन बोर्ड। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

चंडीगढ़ की 76.8 फीसदी आबादी हिंदी और 22.03 फीसदी आबादी पंजाबी बोलती है। इसके बावजूद शहर में हिंदी और पंजाबी पर अंग्रेजी कई गुना ज्यादा हावी है। शहर के सभी साइन बोर्ड, कार्यालयों के नाम सबसे पहले अंग्रेजी, फिर हिंदी और उसके बाद पंजाबी में लिखे गए हैं। जबकि नियम कहते हैं कि सबसे ऊपर क्षेत्रीय भाषा, उसके बाद हिंदी और फिर अंग्रेजी का प्रयोग होना चाहिए।
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आम बोलचाल में चंडीगढ़ में सबसे ज्यादा हिंदी और पंजाबी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। इसके बावजूद किसी भी नीति को लागू करने से पहले प्रशासन शहरवासियों से सुझाव मांगता है, तो उसके ड्राफ्ट को अंग्रेजी में ही जारी किया जाता है। इसकी वजह से शहर का एक बड़ा वर्ग नीति को समझ पाने में असमर्थ हो जाता है, जबकि केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी सूचना को कम से कम दो भाषाओं में जारी करना अनिवार्य है। 
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समाज कल्याण विभाग, श्रम विभाग समेत कई ऐसे विभाग हैं जिससे गरीब, मजबूर व कम पढ़े-लिखे लोग जुड़े हुए हैं, लेकिन इनकी वेबसाइट अंग्रेजी में है। समाज कल्याण विभाग की कई योजनाएं, जिनके नाम तो हिंदी में हैं लेकिन उनके फॉर्म अंग्रेजी में हैं। 
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प्रशासन की तरफ से सरकारी विज्ञप्तियां भी अंग्रेजी में ही आती हैं। सवाल यह उठ रहा है कि केंद्र शासित प्रदेश होने के बावजूद चंडीगढ़ केंद्र के ही आदेशों का पालन क्यों नहीं कर रहा है। सेक्टर-46 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज के सहायक प्रोफेसर पंडित राव धरेनवर ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत चंडीगढ़ में किसी भी साइन बोर्ड पर सबसे पहले पंजाबी, फिर हिंदी और उसके बाद अंग्रेजी में लिखा होना चाहिए, लेकिन चंडीगढ़ में ठीक इसका उल्टा हो रहा है।
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