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एक साथ मिलकर संघर्ष करेंगे यहां के कर्मचारी
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 18 Dec 2013 04:18 PM IST
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शहर के कर्मचारी संगठनों को एक मंच पर लाया जाएगा। यह मुहिम चंडीगढ़ सबोर्डिनेट सर्विस फेडरेशन शुरू करेगा। फेडरेशन की मंगलवार को सेक्टर-16 में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
शहर के कर्मचारियों को इकट्ठा कर अपनी मांगों को पूरा करने के लिए काम बंद कर हड़ताल करने का आह्वान किया जाएगा। बैठक में सलाहकार जसमेर सिंह, संरक्षक हरजिंद्र सिंह, अध्यक्ष विजय सैनी, सीनियर उपाध्यक्ष हरजिंद्र, महासचिव महेश नैन, राजेंद्र सिंह शामिल हुए।
फेडरेंशन के पदाधिकारी सोमवार को अपनी मांगों को लेकर शहर के सांसद पवन बंसल से मिले थे। महासचिव महेश नैन का कहना है कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की ओर से कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का दावा किया गया था। अब वे कर्मचारियों की समस्याओं को दूर नहीं करवा रहे।
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सरकारी कर्मचारियों को मकान नहीं
फेडरेशन के संरक्षक एवं इंटक उपाध्यक्ष हरजिंद्र सिंह का कहना है कि सरकारी कर्मचारी झुग्गी डालने पर मजबूर हो गए हैं।
उनका कहना है कि प्रशासन झुग्गी वालों को तो पुनर्वास योजना के तहत मकान का निर्माण करके दे रहा है, लेकिन सरकारी कर्मचारियों की हाउसिंग स्कीम लांच करने के बावजूद उन्हें मकान नहीं दे रहा है।
अध्यक्ष विजय जैन का कहना है कि पूरे शहर के कर्मचारी संगठनों को एकजुट होने का समय आ गया है। प्रशासन लंबे समय से कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए तैयार नहीं है। अब सिर्फ काम बंद करके हड़ताल करने के अलावा कोई चारा नहीं रह गया है।
कर्मचारी संगठनों
-2008 में हाउसिंग स्कीम के तहत निकाले गए ड्रा के अनुसार जल्द फ्लैट निर्माण करके आवंटन किए जाएं। जो लोग ड्रा में असफल रहे, उनके लिए भी जमीन तलाश कर नए सिरे से हाउसिंग स्कीम बनाई जाए
-नौकरी पाने की आयु सीमा 25 साल से बढ़ाकर 30 साल की जाए
-शहर के कर्मचारियों के लिए एक तरह का सर्विस रूल हों।
-सभी डेलीवेज कर्मचारियों को रेगुलर किया जाए
-कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार के सदस्य को नौकरी देने का प्रावाधान हो
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शहर के कर्मचारियों को इकट्ठा कर अपनी मांगों को पूरा करने के लिए काम बंद कर हड़ताल करने का आह्वान किया जाएगा। बैठक में सलाहकार जसमेर सिंह, संरक्षक हरजिंद्र सिंह, अध्यक्ष विजय सैनी, सीनियर उपाध्यक्ष हरजिंद्र, महासचिव महेश नैन, राजेंद्र सिंह शामिल हुए।
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फेडरेंशन के पदाधिकारी सोमवार को अपनी मांगों को लेकर शहर के सांसद पवन बंसल से मिले थे। महासचिव महेश नैन का कहना है कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की ओर से कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का दावा किया गया था। अब वे कर्मचारियों की समस्याओं को दूर नहीं करवा रहे।
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सरकारी कर्मचारियों को मकान नहीं
फेडरेशन के संरक्षक एवं इंटक उपाध्यक्ष हरजिंद्र सिंह का कहना है कि सरकारी कर्मचारी झुग्गी डालने पर मजबूर हो गए हैं।
उनका कहना है कि प्रशासन झुग्गी वालों को तो पुनर्वास योजना के तहत मकान का निर्माण करके दे रहा है, लेकिन सरकारी कर्मचारियों की हाउसिंग स्कीम लांच करने के बावजूद उन्हें मकान नहीं दे रहा है।
अध्यक्ष विजय जैन का कहना है कि पूरे शहर के कर्मचारी संगठनों को एकजुट होने का समय आ गया है। प्रशासन लंबे समय से कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए तैयार नहीं है। अब सिर्फ काम बंद करके हड़ताल करने के अलावा कोई चारा नहीं रह गया है।
कर्मचारी संगठनों
-2008 में हाउसिंग स्कीम के तहत निकाले गए ड्रा के अनुसार जल्द फ्लैट निर्माण करके आवंटन किए जाएं। जो लोग ड्रा में असफल रहे, उनके लिए भी जमीन तलाश कर नए सिरे से हाउसिंग स्कीम बनाई जाए
-नौकरी पाने की आयु सीमा 25 साल से बढ़ाकर 30 साल की जाए
-शहर के कर्मचारियों के लिए एक तरह का सर्विस रूल हों।
-सभी डेलीवेज कर्मचारियों को रेगुलर किया जाए
-कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार के सदस्य को नौकरी देने का प्रावाधान हो