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क्वारंटीन सर्जन के घर भेज दिए 12 कर्मचारी, पदाधिकारियों ने की गवर्नर से शिकायत
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चंडीगढ़। पीजीआई इंप्लाइज यूनियन नॉन फैकल्टी के पदाधिकारियों ने गवर्नर से शिकायत की है कि पीजीआई प्रशासन कोरोना से बचाव के मानकों की अनदेखी कर रहा है। क्वारंटीन किए गए डॉक्टरों के घर में कर्मचारियों को भेजकर संक्रमण फैलाने का कार्य किया जा रहा है। यूनियन अध्यक्ष अश्विनी कुमार मुंजाल ने बताया कि सर्जरी डिपार्टमेंट के एक प्रोफेसर को कोरोना संक्रमण के डर से कुछ दिन पहले क्वारंटीन किया गया था। उनका आवास सेक्टर-24 में है, जहां पर पीजीआई का मेंटेनेंस बूथ स्थित है।
पीजीआई प्रशासन ने प्रोफेसर की मांग पर वहां कारपेंटर, बिजली का काम करने वाले और अन्य 12 कर्मचारियों को मरम्मत के लिए भेजा था। उन कर्मचारियों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि डॉक्टर क्वारंटीन किए गए हैं। जब उन्हें इसका पता चला तो वह कोरोना संक्रमण के डर से परेशान हो गए। अश्विनी कुमार ने बताया कि पीजीआई प्रशासन को क्वारंटीन किए गए डॉक्टर और अन्य स्टाफ के घरों के बाहर सूचना चिपकानी चाहिए ताकि वहां जाने वाले लोग सावधान हो सकें। उनका कहना है कि पीजीआई प्रशासन की अनदेखी के कारण लगभग 12 कर्मचारी कोरोना संक्रमण की जद में आ गए हैं। उन्होंने बताया कि सर्जरी डिपार्टमेंट में 1 नर्स और 1 डॉक्टर के पॉजिटिव आने के बाद पूरे डिपार्टमेंट के 14 लोगों को क्वारंटीन किया गया था। इसमें सेक्टर-24 के वह सर्जन भी शामिल हैं, जिनके घर पर पीजीआई ने अपने 12 स्टाफ को मरम्मत के लिए भेजा था इसलिए इसकी शिकायत गवर्नर और पीजीआई के डायरेक्टर से की गई है ताकि आगे ऐसी गलती ना दोहराई जा सके।
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पीजीआई प्रशासन ने प्रोफेसर की मांग पर वहां कारपेंटर, बिजली का काम करने वाले और अन्य 12 कर्मचारियों को मरम्मत के लिए भेजा था। उन कर्मचारियों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि डॉक्टर क्वारंटीन किए गए हैं। जब उन्हें इसका पता चला तो वह कोरोना संक्रमण के डर से परेशान हो गए। अश्विनी कुमार ने बताया कि पीजीआई प्रशासन को क्वारंटीन किए गए डॉक्टर और अन्य स्टाफ के घरों के बाहर सूचना चिपकानी चाहिए ताकि वहां जाने वाले लोग सावधान हो सकें। उनका कहना है कि पीजीआई प्रशासन की अनदेखी के कारण लगभग 12 कर्मचारी कोरोना संक्रमण की जद में आ गए हैं। उन्होंने बताया कि सर्जरी डिपार्टमेंट में 1 नर्स और 1 डॉक्टर के पॉजिटिव आने के बाद पूरे डिपार्टमेंट के 14 लोगों को क्वारंटीन किया गया था। इसमें सेक्टर-24 के वह सर्जन भी शामिल हैं, जिनके घर पर पीजीआई ने अपने 12 स्टाफ को मरम्मत के लिए भेजा था इसलिए इसकी शिकायत गवर्नर और पीजीआई के डायरेक्टर से की गई है ताकि आगे ऐसी गलती ना दोहराई जा सके।
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