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Chandigarh News: भारतीय बाल कल्याण परिषद के कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर, शहर के सभी 56 क्रैच रहे बंद

Wed, 31 May 2023 02:07 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 31 May 2023 02:07 AM IST
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Employees of Child Welfare Council of India on mass leave, all 56 creches of the city remained closed
चंडीगढ़। भारतीय बाल कल्याण परिषद के कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर जाने से मंगलवार को शहर के विभिन्न सेक्टरों में चल रहे सभी 56 क्रैच बंद रहे। कर्मचारियों ने सेक्टर-17 के ब्रिज मार्केट में समाज कल्याण विभाग के पास धरना दिया। यह धरना इंडियन काउंसिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर दिया गया। वहीं क्रैच, बाल भवन और प्रयास के कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश रखकर अपनी मांगों के लिए धरना दिया।इस अवसर पर धरने में भारी संख्या में महिला बाल सेविकाएं और सहायकों के अलावा फेडरेशन ऑफ यूटी इंप्लाइज एंड वर्कर्स से संबंधित यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कर्मचारियों ने कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो जून के अंतिम सप्ताह में दो दिन की हड़ताल करेंगे। इस धरने के दौरान निदेशक समाज कल्याण विभाग पालिका अरोड़ा ने यूनियन के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर ज्ञापन लिया और एक हफ्ते में मांगों का समाधान करने का विश्वास दिलाया। अपनी मांगों संबंधी यूनियन के महासचिव बिहारी लाल ने मांग की है कि क्रैचों में काम कर रही सभी बाल सेविकाओं और सहायकों का 1 अप्रैल, 2017 से रोका गया डीसी रेट बहाल किया जाए, स्विच ओवर स्टाफ को नियुक्ति पत्र देकर पहले दिया जा रहा डीसी रेट दिया जाए, नियमित कर्मियों पर छठा और सातवां वेतन आयोग लागू किया जाए, 30-35 वर्षों से काम कर रहे हेल्परों और अन्य कर्मचारियों को नियमित किया जाए। साथ ही क्रैचों में कर्मचारियों की कमी दूर की जाए। मिशन शक्ति के नाम पर आंगनबाड़ी केंद्रों को क्रैचों में मर्ज करना बंद किया जाए। काउंसिल में बाल सेविकाओं और सहायकों के साथ दुर्व्यवहार बंद किया जाए।
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वहीं, यूनियन की प्रधान रेखा शर्मा ने मांगों पर काउंसिल प्रबंधन के अड़ियल रवैये की निंदा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन काउंसिल के संविधान की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने कहा कि काउंसिल 1962 से चल रहा है और सेक्टरों व कॉलोनियों में 56 क्रैच चलाए जा रहे हैं। इसका अपना संविधान और आय के साधन हैं। कर्मचारियों के सर्विस नियम बने हैं जिन्हें लागू नहीं किया जा रहा है।
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माता-पिता को एक सप्ताह पहले से दे रहे थे सूचना...
यूनियन के महासचिव बिहारी लाल ने बताया कि शहर के कुल 56 क्रैच में 1500 बच्चे रोजाना छह महीने से 12 साल तक की उम्र के आते हैं। अपनी मांगों के समर्थन में और सामूहिक अवकाश के बारे में बच्चों के माता-पिता को एक सप्ताह पहले से जानकारी दी जा रही थी। उन्होंने भरपूर सहयोग दिया है।
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इस धरने में फेडरेशन ऑफ यूटी इंप्लाइज एंड वर्कर्स के प्रधान रघबीर चंद, महासचिव गोपाल दत्त जोशी, वरिष्ठ उप प्रधान राजेंद्र कटोच ने संबोधित करते हुए मांगों का समर्थन किया। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों से जल्द ही उनकी मांगें पूरी करने के लिए कहा। इस अवसर पर यूनियन की उपाध्यक्ष सुनीता शर्मा, रेखा गोरा, लखविंदर कौर, वंदना शेखावत ध्यान सिंह, गुरमीत सिंह सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया।
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