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नगर निगम के खिलाफ हुए कर्मचारी.. जानिए क्यों
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चंडीगढ़। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर वीरवार को डीसी रेट बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर कर्मचारियों ने विरोध जताया। नगर निगम कार्यालय के बाहर अर्थी फूंक प्रदर्शन किया। इससे पहले कर्मचारी परेड ग्राउंड के साथ लगते मैदान में जमा हुए। वहां से नारे लगाते हुए कर्मचारी सेक्टर-17 के नगर निगम कार्यालय के बाहर पहुंचे और चंडीगढ़ प्रशासन व नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को संबोधित करते ज्वाइंट एक्शन कमेटी के संयोजक अश्वनी कुमार और चेयरमैन सुरमुख सिंह ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम जायज मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। कर्मचारियों की मांगों पर बात भी नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी नेताओं के साथ बैठक कर प्रशासन उनकी मांगें पूरी करे। ज्वाइंट एक्शन कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल अतिरिक्त उपायुक्त कुलजीत पाल सिंह से मिला और एक पत्र सौंपा। अश्वनी कुमार ने बताया कि एडीसी ने आश्वासन दिया है कि 22 मार्च को उपायुक्त के साथ बैठक में डीसी रेट पर चर्चा के बाद अधिसूचना कर दी जाएगी। इस मौके पर राजा राम, नरिंदर कुमार, राजिंदर कुमार, कुलदीप सिंह, सरवन कुमार, संजय दुहन, रविंदर बिंदु, सुरिंदर सिंह, रवि सिंह, सत्य प्रकाश, नरिंदर चौधरी, याद राम, गुरमीत सिंह, लालजीत, महिपाल, कमल कुमार और सुरिंदर शर्मा मौजूद रहे।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
अप्रैल 2020 से डीसी रेट बढ़ाया जाए। जेम पोर्टल के माध्यम से काम कर रहे कर्मचारियों के लिए सुरक्षित नीति बनाई जाए। मृतक कर्मचारियों के परिजनों को पंजाब की तर्ज पर नौकरी दी जाए। एमसी से सेवामुक्त कर्मचारियों को पेंशन व अन्य लाभ दिया जाए। दिहाड़ीदार और वर्कचार्ज कर्मचारियों को नियमित किया जाए। श्रम कानून लागू किया जाए। खाली पदों को जल्द भरा जाए। बिजली विभाग का निजीकरण रोका जाए, डीए का भुगतान किया जाए, स्कूलों में काम करने वाले चौकीदारों के काम के 8 घंटे निश्चित किए जाएं।
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प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को संबोधित करते ज्वाइंट एक्शन कमेटी के संयोजक अश्वनी कुमार और चेयरमैन सुरमुख सिंह ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम जायज मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। कर्मचारियों की मांगों पर बात भी नहीं कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि कर्मचारी नेताओं के साथ बैठक कर प्रशासन उनकी मांगें पूरी करे। ज्वाइंट एक्शन कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल अतिरिक्त उपायुक्त कुलजीत पाल सिंह से मिला और एक पत्र सौंपा। अश्वनी कुमार ने बताया कि एडीसी ने आश्वासन दिया है कि 22 मार्च को उपायुक्त के साथ बैठक में डीसी रेट पर चर्चा के बाद अधिसूचना कर दी जाएगी। इस मौके पर राजा राम, नरिंदर कुमार, राजिंदर कुमार, कुलदीप सिंह, सरवन कुमार, संजय दुहन, रविंदर बिंदु, सुरिंदर सिंह, रवि सिंह, सत्य प्रकाश, नरिंदर चौधरी, याद राम, गुरमीत सिंह, लालजीत, महिपाल, कमल कुमार और सुरिंदर शर्मा मौजूद रहे।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
अप्रैल 2020 से डीसी रेट बढ़ाया जाए। जेम पोर्टल के माध्यम से काम कर रहे कर्मचारियों के लिए सुरक्षित नीति बनाई जाए। मृतक कर्मचारियों के परिजनों को पंजाब की तर्ज पर नौकरी दी जाए। एमसी से सेवामुक्त कर्मचारियों को पेंशन व अन्य लाभ दिया जाए। दिहाड़ीदार और वर्कचार्ज कर्मचारियों को नियमित किया जाए। श्रम कानून लागू किया जाए। खाली पदों को जल्द भरा जाए। बिजली विभाग का निजीकरण रोका जाए, डीए का भुगतान किया जाए, स्कूलों में काम करने वाले चौकीदारों के काम के 8 घंटे निश्चित किए जाएं।