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Chandigarh News: कर्मचारी को 29 साल बाद मिला इंसाफ... यूटी प्रशासन को 4 लाख मुआवजा देने का आदेश

Thu, 23 May 2024 05:46 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 23 May 2024 05:46 AM IST
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Employee got justice after 29 years... Order to give Rs 4 lakh compensation to UT administration
चंडीगढ़। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में मिस्त्री रहे कर्मचारी को बर्खास्तगी के 29 साल बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से इंसाफ मिला है। हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को तीन माह के भीतर कर्मचारी को मुआवजे के रूप में 4 लाख रुपये भुगतान करने का आदेश दिया है।
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मोहन सिंह को पीडब्ल्यूडी में 1 फरवरी, 1995 को रोजाना 73 रुपये की दिहाड़ी पर रखा गया था। इसके बाद उसे दिसंबर 1995 में सेवा से हटा दिया गया। इस आदेश को उसने लेबर कोर्ट में चुनौती दी थी। लेबर कोर्ट ने याची के हक में फैसला सुनाया था और उसे बहाल करने का आदेश दिया था। इसके बाद विभाग 2002 को अपील लेकर हाईकोर्ट पहुंच गया और कर्मचारी ने भी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। करीब दो दशक से भी अधिक समय तक हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन रहा और अब बर्खास्तगी के 29 साल बाद याची को इंसाफ मिला है।
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हाईकोर्ट ने पाया कि कर्मचारी करीब 70 साल का है और यह मामला भी दो दशक से अधिक पुराना है। ऐसे में हाईकोर्ट ने कहा कि कर्मी की सेवा को लेकर कोई आदेश जारी करना ठीक नहीं होगा। कर्मचारी की सेवा समाप्त करते हुए तय प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ और याची के जूनियर सेवा में बनाए रखे गए। ऐसे में याची इसके लिए मुआवजे का हकदार है। हाईकोर्ट ने तीन माह में यूटी प्रशासन को याची को 4 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि देरी की गई तो प्रशासन को यह राशि 6 प्रतिशत ब्याज के साथ देनी होगी।
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