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हरियाणा में हाथी नहीं बन सका किसी का साथी

Wed, 25 Sep 2019 03:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 25 Sep 2019 03:24 AM IST
सार

  • हरियाणा में हाथी को साथी बनाना बड़े-बड़े नेताओं के बस की बात नहीं है
  • इनेलो नेता अभय चौटाला ने तो बहन जी से राखी तक बंधवाई, लेकिन गंठबंधन की सियासत लंबी न चल पाई 
  • हाथी भले ही हरियाणा में एक सीट तक सीमित रहता हो लेकिन बसपा की दखलअंदाजी की अनदेखी नहीं की जा सकती

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Elephant did not become friend of anyone in haryana politics
बसपा

विस्तार

हरियाणा में हाथी को साथी बनाना बड़े-बड़े नेताओं के बस की बात नहीं है। कुलदीप बिश्नोई से लेकर अभय चौटाला, दुष्यंत चौटाला और राजकुमार सैनी तक ने हाथी का साथ निभाया, लेकिन बहनजी के साथ गठबंधन लंबा नहीं चला और नाता टूट गया। 

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इनेलो नेता अभय चौटाला ने तो बहन जी से राखी तक बंधवाई, लेकिन गंठबंधन की सियासत लंबी न चल पाई। हाथी भले ही हरियाणा में एक सीट तक सीमित रहता हो लेकिन बसपा की दखलअंदाजी की अनदेखी नहीं की जा सकती।
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प्रदेश में बसपा का वोट प्रतिशत 2014 के विधानसभा चुनाव में 4.4 प्रतिशत रहा था। 2009 में 6.74 फीसदी और 1996 व 2000 में 5.44, 5.74 प्रतिशत वोट पार्टी को मिले थे। बसपा का हर विधानसभा क्षेत्र में वोट बैंक है और पार्टी उम्मीदवार किसी भी बड़े दल के प्रत्याशियों का चुनावी गणित बिगाड़ देते हैं। इस बार भी बसपा सभी विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने जा रही है। 
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बसपा उम्मीदवार कड़े मुकाबले वाली सीटों पर जीत-हार में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्हें मिलने वाले वोट भाजपा, कांग्रेस उ मीदवारों में से किसी को भी विधानसभा पहुंचने से रोक सकते हैं।

हरियाणा में मायावती की नजर 90 में से एससी के लिए आरक्षित 17 सीटों पर है। पार्टी इन सीटों पर मजबूत उम्मीदवार उतारकर पुराना मिथक तोड़ते हुए एक से अधिक विधायक बनाना चाहेगी। इसके अलावा पार्टी 19 प्रतिशत एससी वोट बैंक पर भी निगाहें जमाए हुए है। पार्टी यहां भी उत्तर प्रदेश की तर्ज पर सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला अपनाकर कोई करिश्मा करना चाहती है।  
 

चुनाव में बसपा का परफार्मेंस

वर्ष      कितनी सीटों पर लड़े   कितनी जीती    मत प्रतिशत
1991       26                     1           2.32
1996       67                     0           5.44
2000       83                     1           5.74
2005       84                     1           3.22
2009       86                     1           6.74
2014       90                      1          4.40
 
अब तक विधानसभा पहुंचने वाले नाम
नारायणगढ़ से सुरजीत कुमार, जगाधरी से डॉ. बिशन लाल, छछरौली से अर्जुन सिंह, जगाधरी से अकरम खान, पृथला से टेकचंद शर्मा।

अभी तक रहे गठबंधन
 बसपा ने 1998 में इंडियन नेशनल लोकदल के साथ गठबंधन किया, बाद में तोड़ा।
. 2009 में कुलदीप बिश्नोई की हरियाणा जनहित कांग्रेस के साथ गठबंधन किया, बाद में राहें जुदा।
. मई 2018 में फिर इंडियन नेशनल लोकदल के साथ गठबंधन, एक साल से पहले ही टूटा। जींद उपचुनाव में करारी हार के बाद बसपा को इनेलो का अस्तित्व खतरे में नजर आने लगा।
. इनेलो के साथ गठबंधन तोड़कर फरवरी 2019 में राजकुमार सैनी की लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी का साथ पकड़ा। चंद महीने बाद गठबंधन खत्म।
. लोसुपा के बाद बसपा ने 11 अगस्त 2019 को जजपा के साथ गठबंधन किया। छह सितंबर 2019 को जजपा से भी तोड़ा नाता।

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