अब चिप बताएगी, कौन है बिजली चोर
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अब ग्रामीण ही नहीं, शहरी क्षेत्रों में भी बिजली चोरी की घटनाएं आम हो गई हैं। इसे देखते हुए बिजली निगम ने भी सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।
बिजली निगम को अब कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा और चिप के जरिए पता चल सकेगा कि बिजली कहां चोरी हो रही है और कौन चुरा रहा है।
सितंबर 2014 तक प्रदेश में सभी जगह बिजली निगम आरएपीडीआरपी (रिस्ट्रक्चर्ड एक्सलरेटेड पावर डेवलपमेंट एंड रिफार्म्स प्रोग्राम) के तहत कंप्यूटराइज्ड होने जा रहा है। यह प्रोजेक्ट करीब 75.16 करोड़ का है।
इसके शुरू होने के बाद लोगों के बिजली मीटर रीडिंग में गड़बड़ी की शिकायत दूर होने के साथ-साथ बिजली चोरी करने वालों पर भी गाज गिरेगी। यह स्कीम गवर्नमेंट ऑफ इंडिया की है।
ट्रांसफार्मर पर फिक्स किया जाएगा एक मॉडम
योजना के तहत अर्बन शहरी क्षेत्र में हर ट्रांसफार्मर के पास एक मॉडम फिक्स किया जाएगा। इसमें एक चिप होगी और उसी चिप के माध्यम से डिजास्टर रिकवरी सेंटर में बैठे विभाग के कर्मचारी या अधिकारी पता लगा सकेंगे कि ट्रांसफार्मर के पास कितनी बिजली आ रही है और लोगों के घरों में कितनी बिजली की सप्लाई हो जा रही है। इसके अलावा मीटर रीडिंग में हो रही गड़बड़ी का भी पता लग सकेगा।
मीटर रीडिंग की गड़बड़ी भी दूर होगी
अभी मैनुवल वर्क में अक्सर किसी की बिजली मीटर रीडिंग ज्यादा या कम आती है। ऐसे में बिजली बिल सही कराने के लिए उपभोक्ताओं को कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं, लेकिन कंप्यूटराइज्ड होने के बाद उन्हें इस तरह की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कस्टमर केयर सेंटर का मिलेगा लाभ
कंज्यूमर की अक्सर शिकायत होती है कि बिजली संबंधी शिकायत करने के लिए फोन करने पर कोई कॉल नहीं रिसीव करता है। अब बिजली निगम जल्द ही लोगों की इस शिकायत को भी दूर करेगा।
इसके लिए गुड़गांव में 100 सीटर कस्टमर केयर सेंटर बनाया गया है, जिसमें 100 कर्मचारी लोगों की बिजली संबंधित शिकायत सुनेंगे।
इन शहरों को मिलेगा लाभ
पंचकूला, कालका, अंबाला कैंट, अंबाला सिटी, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, बहादुरगढ़, कैथल, गोवाना, झज्जर, बहादुरगढ़, थानेसर, गुड़गांव।