{"_id":"cdf1f92208f84ce5c7370d73b8951c6b","slug":"electricity-rate-decrease-at-haryana-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा में बिजली सस्ती, नई दरें अगले बिल में होंगी लागू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा में बिजली सस्ती, नई दरें अगले बिल में होंगी लागू
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Thu, 26 Nov 2015 10:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा बिजली विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने बिजली यूनिट की स्लैब में बदलाव किया है। इसके तहत कम बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को राहत दी गई है।
विज्ञापन
एचईआरसी के अधिकारियों का दावा है कि बदलाव का सर्वाधिक फायदा उन उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिनकी मासिक खपत 100 से 800 यूनिट के बीच है। इन उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों को एक बार फिर से टेलिस्कोपिक कर दिया गया है। आगामी दिनों में जारी होने वाले बिल में घटाई गई दरें लागू की जाएंगी।
विज्ञापन
आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि इसी तरह एलटी (छोटी श्रेणी के इंडस्ट्रियल उपभोक्ता) श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में औसतन 6.3 फीसदी की कमी की गई है। अब इस श्रेणी के उपभोक्ता छह रुपये 35 पैसे प्रति यूनिट के बजाय पांच रुपये 95 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिल की अदायगी कर सकेंगे।
विज्ञापन
फिलहाल प्रदेश में करीब 56 लाख उपभोक्ता है। इनमें 31 लाख (55 प्रतिशत) घरेलू उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनकी मासिक बिजली खपत 100 यूनिट से कम है।
एक से 50 यूनिट की खपत करने वाले उपभोक्ताओं को 2.70 रुपये प्रति यूनिट, जबकि 50-100 यूनिट बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 4.50 रुपये के हिसाब से बिल चुकाना होगा।
100 यूनिट तक खपत करने वाले हैं 31 लाख उपभोक्ता :
एक से 100 यूनिट बिजली खपत करने वाले करीब 31 लाख उपभोक्ता हैं, जिन्हें तीन रुपये 75 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिल चार्ज किया जाता है। इसी श्रेणी के उपभोक्ताओं से पंजाब में पांच रुपये 21 पैसे, जबकि दिल्ली में चार रुपये 62 पैसे प्रति यूनिट बिल वसूला जाता है।
पहले भी बढ़ाए गए हैं रेट :
विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक सूबे की पिछली सरकार की कैबिनेट ने 29 मार्च, 2013 की मीटिंग में विभाग के प्रस्ताव को मंजूर किया था। इसके मुताबिक साल 2015-16 में बिजली की दरों में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जानी थी। नियामक आयोग ने सात मई 2015 को जो निर्णय लिया था उसके अनुसार बिजली दरों में औसतन 8.5 प्रतिशत बढ़ोतरी कर दी गई थी।