चंडीगढ़: 371 मेगावाट तक पहुंची मांग, कई इलाकों में अघोषित बिजली कटौती, उपभोक्ता से अधिकारी बोला- इनवर्टर लगवा लो
विभाग के अधिकारी बिजली कट के पीछे का कारण लोड बढ़ना बता रहे हैं। उनका कहना है कि आजकल रात में एक साथ एसी चलाए जाते हैं, जिसकी वजह से कई गुना लोड बढ़ जाता है। ये करीब पांच से 10 मिनट का समय होता है, जब लोड अचानक बढ़ता है।
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चंडीगढ़ में गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग भी बढ़ गई है। सोमवार को इस सीजन में सबसे ज्यादा मांग रही, जिसकी वजह से शहर के कई इलाकों में फॉल्ट आए और बिजली गुल रही। रविवार को 319 मेगावाट बिजली की मांग थी, जो सोमवार को 371 मेगावाट तक पहुंच गई। एक दिन में 52 मेगावाट की बढ़ोतरी हुई है। इस बार पीक सीजन में मांग 405 मेगावाट से भी ज्यादा पहुंच सकती है।
गर्मी में मांग बढ़ने के साथ-साथ बिजली कटौती का सिलसिला भी शुरू हो गया है। पिछले कुछ दिनों से शहर के कई हिस्सों में दो से आठ घंटे के बिजली कट लग रहे हैं। शहर में वर्किंग दिनों में अब 350 मेगावाट से ऊपर लोड चल रहा है। पिछले सप्ताह 365 मेगावाट तक बिजली का लोड पहुंच गया था। कॉलोनियों व गांव के इलाकों में बिजली कटने की समस्या ज्यादा है। हल्लोमाजरा, इंदिरा कॉलोनी, मनीमाजरा, मलोया, धनास समेत पेरीफेरी के कई इलाके बिजली की समस्या से प्रभावित हैं।
प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, मांग अधिक होगी और फॉल्ट की समस्या भी बढ़ सकती है। हालांकि विभाग के पास बिजली का पर्याप्त कोटा है और लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी में पंखे, कूलर और एसी के साथ अन्य उपकरणों के चलने से लोड बढ़ जाता है। पंखे-कूलर और एसी चलने लगते हैं, जिसका असर सीधा संबंधित फीडर के ट्रांसफार्मर पर होता है। इस कारण फ्यूज उड़ने सहित कई प्रकार की बाधाएं आ रही हैं।
बिजली जाने के बाद कारण पूछने के लिए फोन किया तो कहा- इनवर्टर लगवा लो
सेक्टर-46 में रहने वाले विजय शर्मा ने बताया कि रविवार को रात 9.45 बजे बिजली चली गई, जो देर रात करीब दो बजे आई। इसके बाद सोमवार को सुबह 11 बजे बिजली कट गई और देर शाम तक नहीं आई। उन्होंने बताया कि कारण पूछने के लिए जब उन्होंने विभाग के एक अधिकारी को फोन किया तो कारण बताने के बजाय सलाह दी गई कि घर में इनवर्टर लगवा लें।
हेल्पलाइन नंबर नहीं मिलने की शिकायतें अभी आ रही हैं। लोगों का आरोप है कि वह बिजली गायब होने पर अधिकारियों को फोन करते हैं तो वे सुनवाई तक नहीं करते हैं और उनको समस्या के समाधान के लिए कई-कई घंटे तक फोन करना पड़ता है। खुड्डा अलीशेर निवासी अंकुश ने बताया कि उनके यहां रोजाना दो से तीन घंटे का बिजली कट लग रहा है। मई महीने में ही बिजली का ये हाल है तो आने वाले दिनों को क्या हाल होगा।
अधिकारियों का तर्क: लोगों ने कम पावर का लगा रखा है मीटर
विभाग के अधिकारी बिजली कट के पीछे का कारण लोड बढ़ना बता रहे हैं। उनका कहना है कि आजकल रात में एक साथ एसी चलाए जाते हैं, जिसकी वजह से कई गुना लोड बढ़ जाता है। ये करीब पांच से 10 मिनट का समय होता है, जब लोड अचानक बढ़ता है। शहर में अधिकतर ऐसे लोग हैं, जिन्होंने घर में मीटर कम पावर का लगाया हुआ है, जबकि उनकी खपत कहीं ज्यादा है। जिनके घर में पहले एक एसी थे, अब तीन-चार हो गए हैं लेकिन उन्होंने मीटर की क्षमता नहीं बढ़ाई। इससे विभाग को नहीं पता चल पाता कि उस एरिया में कितनी बिजली सप्लाई की जरूरत है, इसलिए ही उस इलाके में फॉल्ट की समस्या आती है।
22 जुलाई 2021 को पीक पर पहुंची थी मांग
बीते साल 22 जुलाई 2021 को शहर में बिजली की मांग पीक पर पहुंची थी। 21 जुलाई को 381 मेगावाट और 22 जुलाई को 405 मेगावाट बिजली की मांग रही। ये पिछले दो साल में सबसे ज्यादा खपत थी। हालांकि चंडीगढ़ की क्षमता करीब 500 मेगावाट की है, इसलिए लोगों को ज्यादा समस्या नहीं आई लेकिन कुछ हिस्सों में बिजली की आपूर्ति प्रभावित रही।