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तापमान बढ़ते ही यहां बिजली के अघोषित कट शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Sat, 23 May 2015 07:17 PM IST
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तापमान बढ़ते ही बिजली की किल्लत भी बढ़ने लगी है और लू के थपेड़ों से ज्यादा बिजली के अघोषित कट सताने लगे हैं।
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पिछले 20 दिनों में बिजली की खपत 76 मेगावाट तक बढ़ गई है। वीरवार को 299 मेगावाट बिजली की खपत हुई। इस मांग को पूरी करने के लिए बिजली विभाग रोजाना तीन से चार लाख रुपये की अतिरिक्त बिजली खरीद रहा है। इसके बावजूद पीक ऑवर्स में हालत चरमराई हुई है।
बिजली विभाग के पास शहर में बिजली की एलोकेशन 240 मेगावॉट है, जबकि गर्मियों में डिमांड 400 मेगावॉट तक पहुंच जाती है। एलोकेशन से अतिरिक्त बिजली मार्केट से परचेज करनी पड़ती है। पिछले साल यही डिमांड 395 मेगावॉट तक रही थी।
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अभी मई में ही बिजली खपत में बड़ा अंतर आ गया है। 2 मई को बिजली खपत 223 मेगावाट थी और 21 मई को यह बढ़कर 299 मेगावाट तक पहुंच गई। अभी तापमान में जिस हिसाब से लगातार बढ़ोतरी हो रही है, वैसे में खपत और भी बढ़ सकती है।
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यहां लगे कट
मनीमाजरा में 4 से 5 घंटे के पावर कट लग रहे हैं। धनास में वीरवार रात को एक घंटे का कट लगा। पेरीफेरी एरिया में शहरी क्षेत्र से ज्यादा कट लग रहे हैं। हालांकि, वीआईपी सेक्टरों में कट कुछ कम लग रहे हैं।
इसलिए तेजी से बढ़ रही खपत
अब लू चलने लगी है और इसके साथ ही एसी भी ज्यादा चलने लगे हैं। इसका सीधा असर खपत पर पड़ रहा है। जून में बिजली की मांग इससे भी ज्यादा बढ़ने वाली है। जुलाई में बरसात शुरू हो जाती है, लेकिन उमस के कारण एसी चलते रहते हैं। इसलिए जुलाई में भी 70 मेगावॉट तक अतिरिक्त बिजली खरीदी जाएगी। अगस्त के आखिर से कुछ राहत मिल सकती है।
रोजाना खरीदनी पड़ रही बिजली
गर्मियों में मांग को देखते हुए प्रशासन ने अप्रैल से सितंबर तक 75 करोड़ रुपये में 21.23 करोड़ यूनिट अतिरिक्त बिजली खरीदने के लिए टेंडर अप्लाई किया था। इसे अप्रूवल के लिए मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स को भेजा गया था, लेकिन टेंडर नहीं लग सका। इसलिए अब रोजाना एक्सचेंज में ऑर्डर कर बिजली खरीदनी पड़ रही है। रोजाना की इस प्रक्रिया में अधिकारियों के भी पसीने छूट रहे हैं।