दावे सरप्लस के, फिर भी खरीदनी पड़ेगी बिजली
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प्रदेश को पॉवर सरप्लस बनाने के अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार के दावों के बीच, पंजाब स्टेट पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को इस साल भी बाहर से बिजली खरीदनी पड़ेगी।
प्रदेश में बिजली की मांग के अनुरूप उपलब्धता बनाए रखने के लिए इस वर्ष करीब 4500 करोड़ रुपये बिजली खरीद के लिए अनुमानित किए गए हैं। यानी राजपुरा थर्मल पॉवर प्लांट से रोजाना 150 एलयू (लाख यूनिट) बिजली मिलनी शुरू होने के बावजूद प्रदेश को करीब 5000 मेगावाट का प्रबंध बाहर से करना पड़ेगा।
इसमें 2000 मेगावाट शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग, जबकि शेष सेंट्रल जेनरेटिंग स्टेशंस से मिलेगी। पिछले साल पीएसपीसीएल ने लगभग 6200 करोड़ रुपये से करीब 6500 मेगावाट बिजली खरीदी थी।
पैडी सीजन में बढ़ेगी मांग
इस समय पंजाब में बिजली की मांग रोजाना करीब 1200 एलयू है। हालांकि, पीएसपीसीएल अधिकारियों का दावा है कि पंजाब के पास मांग के मुताबिक बिजली की उपलब्धता है, लेकिन अलग-अलग जिलों से बिजली कटों के समाचार रोजाना मिल रहे है।
आगामी 10 जून से पैडी सीजन (धान की रोपाई) शुरू हो जाएगी। उस समय बिजली की मांग 2000 एलयू से अधिक हो जाएगी। इसी को ध्यान में रखकर बिजली खरीद की तैयारी की गई है।
बिजली की उपलब्धता
पीएसपीसीएल को मौजूदा समय में अपने सभी स्रोतों (थर्मल, हाइडल और बैंकिंग) से करीब 900 एलयू बिजली प्राप्त हो रही है। लगभग 400 एलयू की खरीद अभी की जा रही है।
पैडी सीजन में खरीद का आंकड़ा बढ़कर 1200 एलयू के आसपास पहुंच जाएगा। प्रदेश को अपने स्रोतों से मिलने वाली बिजली में भी करीब 1300 एलयू पर पहुंच जाएगी।
नए पॉवर प्रोजेक्टों से ही उम्मीद
प्रोजेक्ट----------------------क्षमता (मेगावाट)---------------मौजूदा उपलब्धता (मेगावाट)
तलवंडी साबो-----------------660x3=1980----------------------शून्य
राजपुरा----------------------700x2=1400----------------------700
गोइंदवाल साहिब--------------270x2=0540----------------------शून्य
कुल---------------------------3920----------------------------700