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Chandigarh News: बिजली उपभोक्ताओं को अब बिल के साथ देना होगा अतिरिक्त शुल्क
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यूएचबीवीएन ने एफएसए को दिसंबर तक जारी रखने का दिया आदेश, प्रति यूनिट पर देने होंगे 47 पैसे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के लाखों बिजली उपभोक्ता को अब 1 जुलाई से दिसंबर 2024 तक यूनिट खर्च के अलावा प्रति यूनिट पर 47 पैसे फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट (एफएसए) देना होगा। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने इस संबंध में पत्र जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए यह लागू होगा। इससे पहले, एफएसए की अवधि 1 अप्रैल से 30 जून तक रखी गई थी। इस फैसले से गैर-कृषि उपभोक्ताओं और 200 यूनिट प्रतिमाह से कम खपत करने वाले उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा। एफएसए जारी रखने के फैसले से हर महीने उपभोक्ता को लगभग 100 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। यदि आपका बिजली बिल दो माह का आता है तो कुल 400 यूनिट के हिसाब से 188 रुपये आपको देने होंगे। एफएसए, विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा अल्पकालीन समझौतों के माध्यम से अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था करने में व्यय की गई राशि की वसूली के लिए लिया जाता है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 2 किलोवाट तक के घरेलू कनेक्टेड लोड वाली टैरिफ श्रेणी-1 में आने वाले बिजली ग्राहकों पर 115 रुपये न्यूनतम मासिक शुल्क (एमएमसी) न लगाने का फैसला किया था। इसके बाद अब उपभोक्ता केवल यूनिट के हिसाब से ही बिल भर रहे हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के लाखों बिजली उपभोक्ता को अब 1 जुलाई से दिसंबर 2024 तक यूनिट खर्च के अलावा प्रति यूनिट पर 47 पैसे फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट (एफएसए) देना होगा। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने इस संबंध में पत्र जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए यह लागू होगा। इससे पहले, एफएसए की अवधि 1 अप्रैल से 30 जून तक रखी गई थी। इस फैसले से गैर-कृषि उपभोक्ताओं और 200 यूनिट प्रतिमाह से कम खपत करने वाले उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा। एफएसए जारी रखने के फैसले से हर महीने उपभोक्ता को लगभग 100 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। यदि आपका बिजली बिल दो माह का आता है तो कुल 400 यूनिट के हिसाब से 188 रुपये आपको देने होंगे। एफएसए, विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा अल्पकालीन समझौतों के माध्यम से अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था करने में व्यय की गई राशि की वसूली के लिए लिया जाता है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 2 किलोवाट तक के घरेलू कनेक्टेड लोड वाली टैरिफ श्रेणी-1 में आने वाले बिजली ग्राहकों पर 115 रुपये न्यूनतम मासिक शुल्क (एमएमसी) न लगाने का फैसला किया था। इसके बाद अब उपभोक्ता केवल यूनिट के हिसाब से ही बिल भर रहे हैं।
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