आज से जींद-कुरुक्षेत्र रेल लाइन पर दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक ट्रेनें, समय की बचत, रेलवे को फायदा
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बता दें कि दिल्ली-बठिंडा के बीच जींद से नरवाना तक के बीच का विद्युतीकरण का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। इस पर काफी ट्रेनों का बिजली के इंजन के साथ परिचालन किया जा रहा है। जींद से कुरुक्षेत्र पहुंचने में यात्रियों को तीन घंटे से ज्यादा का समय लगता है जो दो घंटे 30 मिनट में पूरा होगा। विद्युतीकरण के बाद ट्रैक पर ट्रेनों की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
सुबह आठ बजकर 25 मिनट पर चलेगी पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन
सुबह आठ बजकर 25 मिनट पर ट्रेन संख्या 5404 इलेक्ट्रिक इंजन से चलाई जाएगी। यही गाड़ी वापस 12 बजकर 50 मिनट पर 54039 बनकर कुरुक्षेत्र से वापस जींद आएगी। वहीं शाम तीन बजकर 50 मिनट पर जींद से दिल्ली जाने वाली पैसेंजर ट्रेन 54034 भी इलेक्ट्रिक इंजन के साथ दौड़ेगी।
26 जनवरी को ट्रेन नंबर 54047 और 54048 भी इलेक्ट्रिक इंजन के साथ दौड़ेगी। जींद-कुरुक्षेत्र रूट पर दिन में चार पैसेंजर गाड़ियां दौड़ती हैं। एक गाड़ी सुबह चार बजकर पांच मिनट, दूसरी ट्रेन आठ बजकर 25 मिनट, तीसरी ट्रेन दोपहर एक बजकर पांच मिनट पर और चौथी ट्रेन शाम पांच बजकर 45 मिनट पर चलती है।
समय से पहले हुई रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन की शुरुआत
नरवाना-कुरुक्षेत्र रेलमार्ग के विद्युतीकरण की शुरूआत पांच जनवरी 2018 को हुई थी। पांच जनवरी 2018 को धरोदी रोड पर फाटक के पास अधिकारियों ने हवन करके कार्य की शुरूआत की थी। 85 करोड़ की लागत से 18 माह में 83 किलोमीटर नरवाना-कुरुक्षेत्र रेलवे लाइन का विद्युतीकरण होना था, लेकिन एक साल के दौरान ही कार्य को पूरा कर लिया गया। नरवाना-कुरुक्षेत्र रेलवे लाइन पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों के लिए टीक स्टेशन के पास रेलवे विभाग का बिजली घर बनाया जाएगा। जिससे ट्रेनों को चलाने के लिए बिजली दी जाएगी।