{"_id":"5bbf078f867a552835538498","slug":"electric-car-unique-car-invented-by-three-college-students-og-mohali","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"3 युवाओं ने बना डाली गजब की कार, 100 किमी दौड़ सकती है, न पेट्रोल चाहिए न डीजल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
3 युवाओं ने बना डाली गजब की कार, 100 किमी दौड़ सकती है, न पेट्रोल चाहिए न डीजल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
Updated Thu, 11 Oct 2018 01:52 PM IST
विज्ञापन
गजब की कार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन युवाओं ने एक गजब की कार बना डाली है, जो 100 किलोमीटर तक दौड़ सकती है और इसके लिए न पेट्रोल चाहिए, न ही डीजल की जरूरत पड़ेगी। एक ओर जहां पेट्रोल, डीजल के ऊंचे दाम लोगों के लिए आफत बने हैं, वहीं चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेज झंजेड़ी के विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई इलेक्ट्रिकल कार लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
इसमें लगी बैटरियां चार घंटे में चार्ज हो जाती हैं और करीब सौ किलोमीटर का सफर तय करती हैं। बैटरी से चलने वाली यह कार पेट्रोल और डीजल से काफी किफायती है। हैदराबाद में 27 सितंबर को हुए नेशनल स्तर के मुकाबलों में पूरे देश में इस कार ने पहला स्थान हासिल किया है।
विज्ञापन
इसमें लगी बैटरियां चार घंटे में चार्ज हो जाती हैं और करीब सौ किलोमीटर का सफर तय करती हैं। बैटरी से चलने वाली यह कार पेट्रोल और डीजल से काफी किफायती है। हैदराबाद में 27 सितंबर को हुए नेशनल स्तर के मुकाबलों में पूरे देश में इस कार ने पहला स्थान हासिल किया है।
विज्ञापन
रेसिंग कार की लुक दी गई है
रेसिंग कार
चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेज झंजेड़ी में हुए टेक फेस्ट में इस कार को प्रदर्शित किया गया। बीटेक मैकेनिकल के पांचवें सेमेस्टर के 14 विद्यार्थियों ने अपने फैकल्टी मेंबर के साथ मिलकर गो कार्ट कार ‘ग्रिफीनो’ तैयार की है।
इस वन सीटर कार को तैयार करने में करीब 2.50 लाख रुपये खर्च हुए। 2 किलोवाट की मोटर का इस्तेमाल इस कार में किया गया है। 3.5 हार्स पॉवर से यह कार 55-60 की स्पीड में चलती है। इसे रेसिंग कार की लुक दी गई है।
कॉलेज के सहयोग से ही इस कार ने पूरे देश भर में पहला स्थान प्राप्त किया है। कॉलेज प्रेसिडेंट रछपाल सिंह धालीवाल ने कॉलेज में हुए टेक फेस्ट के दौरान प्रदर्शनी में रखी गई इस कार को चलाया। कार को तैयार करने वाले सभी विद्यार्थी देश के विभिन्न राज्यों के रहने वाले हैं।
इस वन सीटर कार को तैयार करने में करीब 2.50 लाख रुपये खर्च हुए। 2 किलोवाट की मोटर का इस्तेमाल इस कार में किया गया है। 3.5 हार्स पॉवर से यह कार 55-60 की स्पीड में चलती है। इसे रेसिंग कार की लुक दी गई है।
कॉलेज के सहयोग से ही इस कार ने पूरे देश भर में पहला स्थान प्राप्त किया है। कॉलेज प्रेसिडेंट रछपाल सिंह धालीवाल ने कॉलेज में हुए टेक फेस्ट के दौरान प्रदर्शनी में रखी गई इस कार को चलाया। कार को तैयार करने वाले सभी विद्यार्थी देश के विभिन्न राज्यों के रहने वाले हैं।