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खराब हुआ सब स्टेशन, 8 साल से नहीं बना पाए नया, ये रही वजह
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 27 Jun 2016 10:01 AM IST
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बिजली की समस्या
- फोटो : Demo pic
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बिजली विभाग के पांच अतिरिक्त सब-स्टेशन न बनाए जाने से शहर की बिजली गुल हो रही है। इसका दंश शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। दो साल बाद एक बार फिर से इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित 66/11 केवी का ट्रांसफार्मर सब स्टेशन खराब हो गया है। बिजली विभाग ने हल्लोमाजरा, सारंगपुर, इंडस्ट्रियल एरिया, सेक्टर - 52, और सेक्टर- 26 में नया सब स्टेशन बनाने का प्लान आठ साल पहले तैयार किया था। लेकिन इसे नहीं बनाया गया। इस कारण बिजली सप्लाई में अतिरिक्त लोड दूसरे सब-स्टेशन पर पड़ता है। शहर की बिजली विभाग व्यवस्था 16 सब स्टेशनों पर निर्भर है।
जबकि यह 22 होने चाहिए थे। इन्हें इसलिए नहीं बनाया गया क्योंकि बिजली विभाग से मिला बजट कम हो जाता है। बिजली विभाग को 600 करोड़ का बजट मिला है। यह बजट बिजली की जरूरत को पूरा करने में खर्च हो जाता है। मेंटीनेंस का काम नहीं हो पाता है। 16 सब स्टेशन और शहर के सेक्टरों में 2500 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इसमें 1500 ट्रांसफार्मर नए लगाए जाने हैं। इसके लिए प्रपोजल भी बनाया गया लेकिन दो साल प्रपोजल बनाने के बाद बीत गए लेकिन काम नहीं हुआ। अब बिजली कट से शहर के लोगों को निजात नहीं मिल रही है। अगर पांच नए सब स्टेशन बना दिए गए होते तो इंडस्ट्रियल एरिया का 66/11 केवी के ट्रांसफार्मर सब स्टेशन खराब नहीं होता।
शहर में बिजली की खपत उमस भरी गर्मी के बाद 400 मेगावाट पहुंच जाती है। आम दिनों मे चंडीगढ़ में बिजली की खपत 250 मेगावाट होती है। जबकि सर्दियों में बिजली की खपत 300 मेगावाट होती है।
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बिजली विभाग की समस्याएं
बिजली विभाग के पास 350 कर्मचारियों की कमी
बजट कम होने के कारण स्मार्ट मीटर भी नहीं लग सके
दस साल से नए ट्रांसफार्मर भी नहीं बदले गए
स्मार्ट मीटर न लगने से लोड का भी चलता है पता
यह कहना है लोगों का
कोट
बिजली कट से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग इस व्यवस्था को ठीक करने में लचर है।
शिखा निझावन, एडवाइजर, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर- 27
कोट
सेक्टर-43 की बिजली व्यवस्था ठीक नहीं है। दिन में 10 से अधिक बार बिजली गुल हो रही है। इसी कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
हितेश पुरी, फॉसवेक के वाइस चेयरमैन।
कोट
बिजली विभाग की व्यवस्था ठीक नहीं है। हर घंटे सेक्टरों में कट लग रहे हैं। लगातार बिजली विभाग की व्यवस्थाएं बिगड़ रही हैं।
पीएस बाजवा, जनरल सेक्रेटरी, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-18
कोट
बिजली विभाग जल्द ही 5 नए सब-स्टेशन बनाएगा। व्यवस्था को एक महीने में सुधारने का प्रयास होगा।
एमपी सिंह, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, चंडीगढ़ प्रशासन।
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जबकि यह 22 होने चाहिए थे। इन्हें इसलिए नहीं बनाया गया क्योंकि बिजली विभाग से मिला बजट कम हो जाता है। बिजली विभाग को 600 करोड़ का बजट मिला है। यह बजट बिजली की जरूरत को पूरा करने में खर्च हो जाता है। मेंटीनेंस का काम नहीं हो पाता है। 16 सब स्टेशन और शहर के सेक्टरों में 2500 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इसमें 1500 ट्रांसफार्मर नए लगाए जाने हैं। इसके लिए प्रपोजल भी बनाया गया लेकिन दो साल प्रपोजल बनाने के बाद बीत गए लेकिन काम नहीं हुआ। अब बिजली कट से शहर के लोगों को निजात नहीं मिल रही है। अगर पांच नए सब स्टेशन बना दिए गए होते तो इंडस्ट्रियल एरिया का 66/11 केवी के ट्रांसफार्मर सब स्टेशन खराब नहीं होता।
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शहर में बिजली की खपत उमस भरी गर्मी के बाद 400 मेगावाट पहुंच जाती है। आम दिनों मे चंडीगढ़ में बिजली की खपत 250 मेगावाट होती है। जबकि सर्दियों में बिजली की खपत 300 मेगावाट होती है।
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बिजली विभाग की समस्याएं
बिजली विभाग के पास 350 कर्मचारियों की कमी
बजट कम होने के कारण स्मार्ट मीटर भी नहीं लग सके
दस साल से नए ट्रांसफार्मर भी नहीं बदले गए
स्मार्ट मीटर न लगने से लोड का भी चलता है पता
यह कहना है लोगों का
कोट
बिजली कट से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग इस व्यवस्था को ठीक करने में लचर है।
शिखा निझावन, एडवाइजर, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर- 27
कोट
सेक्टर-43 की बिजली व्यवस्था ठीक नहीं है। दिन में 10 से अधिक बार बिजली गुल हो रही है। इसी कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
हितेश पुरी, फॉसवेक के वाइस चेयरमैन।
कोट
बिजली विभाग की व्यवस्था ठीक नहीं है। हर घंटे सेक्टरों में कट लग रहे हैं। लगातार बिजली विभाग की व्यवस्थाएं बिगड़ रही हैं।
पीएस बाजवा, जनरल सेक्रेटरी, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-18
कोट
बिजली विभाग जल्द ही 5 नए सब-स्टेशन बनाएगा। व्यवस्था को एक महीने में सुधारने का प्रयास होगा।
एमपी सिंह, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, चंडीगढ़ प्रशासन।