10 साल सीएम रहे हुड्डा सोनीपत से हारे लेकिन ससुराल से जीते, कौशिक पर भी रही अपनों की मेहरबानी
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प्रदेश की सबसे हॉट सीट सोनीपत से भले ही भाजपा सांसद रमेश कौशिक ने कांग्रेस के पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा को हराकर जीत दर्ज की हो। लेकिन भाजपा व कांग्रेस दोनों ही प्रत्याशियों के अपनों ने चुनाव में अधिकतर जगह पूरा साथ दिया है। भूपेंद्र हुड्डा को मटिंडू गांव में ससुराल वालों ने जिताया है, जिनको मटिंडू में 707 वोट मिले हैं तो रमेश कौशिक को वहां 343 वोट मिले।
रमेश कौशिक का पैतृक गांव समसपुर के लोगों ने पूरा साथ दिया, जिनको अपने गांव में 432 वोट मिले तो हुड्डा को वहां केवल 110 वोट मिल सके। इन दोनों जगह अन्य प्रत्याशी आसपास भी दिखाई नहीं दिए। मंत्री कविता जैन के मतदान केंद्र पर रमेश कौशिक को बड़ी बढ़त मिली है। राई क्षेत्र में भूपेंद्र हुड्डा अपने ही विधायक जयतीर्थ दहिया के गांव बढ़खालसा में हार गए। इस क्षेत्र के जाखौली व राई गांवों में रमेश कौशिक को बंपर वोट मिले हैं।
खरखौदा हल्के में भले ही हुड्डा को जीत मिली हो लेकिन अपने ही विधायक जयवीर वाल्मीकि के बूथ पर वह हारे हैं। इस हल्के में जजपा के जिलाध्यक्ष पदम दहिया के गांव खांडा व किसान प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष राजकुमार के गांव रिढ़ाऊ में दिग्विजय चौटाला की बुरी हालत हुई है।
गोहाना में हारने वाले हुड्डा को अपने विधायक जगबीर मलिक के बूथ पर जीत मिली है तो पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक के गांव बीधल से भी हुड्डा जीते हैं। जजपा के लिए सबसे बुरी स्थिति राष्ट्रीय महासचिव केसी बांगड के गांव कोहला में हुई, जहां दिग्विजय से ज्यादा हुड्डा व कौशिक को वोट मिले हैं।
शहर के सेक्टर 15 में रहने वाली शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन व सीएम के मीडिया सलाहकार राजीव जैन का मतदान केंद्र डीएवी स्कूल में बना था। जहां क्षेत्र के 48, 40, 50, 51, 52 बूथ थे। इन बूथों पर कुल 6305 वोट थे, जिनमें से 4171 वोट डाले गए थे। भूपेंद्र हुड्डा को 1432 वोट मिले तो रमेश कौशिक को 2601 वोट मिले हैं। इनेलो के सुरेंद्र छिक्कारा को 27 और जजपा के दिग्विजय को केवल 33 वोट मिल सके।
राई विधानसभा क्षेत्र में इस समय कांग्रेस के विधायक जयतीर्थ दहिया है जो पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के काफी करीबी भी माने जाते हैं। लेकिन वह अपने ही गांव से हुड्डा को जीत नहीं दिलवा सके। विधायक के गांव बढ़खालसा में तीन बूथ 107, 108, 109 बने थे, जिन पर 2976 वोट थे और उनमें से 2122 वोट डाले गए थे। जिनमें भूपेंद्र हुड्डा को 879 वोट तो रमेश कौशिक को 1060 वोट मिले हैं।
जाखौली गांव से भाजपा समर्थित ब्लॉक समिति चेयरमैन संजय चौहान के साथ ही जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति के सदस्य उनके भाई सुनील चौहान है। जाखौली में 96 से 101 तक बने बूथों पर 5776 वोट हैं, जिनमें से 4147 डाले गए थे। इनमें से जहां भूपेंद्र हुड्डा को केवल 874 वोट मिले, वहीं रमेश कौशिक को 2866 वोट मिले हैं। सुरेंद्र छिक्कारा व दिग्विजय पचास का आंकड़ा तक नहीं छू सके।
इस तरह ही राई गांव में भाजपा नेता पुनीत राई है तो कांग्रेस के प्रदेश में पदाधिकारी रणजीत कौशिक है। इस गांव में 89 व 90 नंबर बूथ पर 2115 वोट हैं, जिनमें से 1653 वोट डाले गए थे। इनमें हुड्डा को केवल 445 वोट मिले तो कौशिक को 1128 वोट मिले हैं। राई हल्के का बड़ौली गांव भी नेताओं के कारण काफी चर्चा में रहता है, जहां भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मोहनलाल बड़ौली है तो जजपा के पुराने नेता रमेश पहलवान है।
इस गांव के 37, 38, 39 बूथों पर 2543 वोट हैं, जिनमें से 1899 डाले गए थे। इनमें हुड्डा को 705 तो कौशिक को 817 वोट मिले हैं और दिग्विजय केवल 145 तक सिमटकर रह गए।
खरखौदा : जजपा नेताओं के गांव खांडा व रिढ़ाऊ में दिग्विजय की बुरी हालत
खरखौदा विधानसभा से कांग्रेस के जयवीर वाल्मिकी विधायक हैं और इस हल्के से भूपेंद्र हुड्डा को जीत मिली है। लेकिन विधायक के बूथ नंबर 127 से हुड्डा हारे हैं और इस बूथ पर 1110 वोट हैं, जिनमें से 708 वोट पड़े थे। जिनमें भूपेंद्र हुड्डा को 235 तो रमेश कौशिक को 444 वोट मिले थे। सुरेंद्र छिक्कारा को केवल एक तो दिग्विजय चौटाला को 10 वोट मिले थे।
गोहाना विधानसभा में कांग्रेस के जगबीर मलिक विधायक हैं और यहां से भूपेंद्र हुड्डा को हार झेलनी पड़ी है। लेकिन विधायक जगबीर के गोहाना शहर के बूथ पर हुड्डा को जीत मिली है। बूथ नंबर 53 पर 1420 वोट हैं, जिनमें से 978 वोट डाले गए थे। वहां भूपेंद्र हुड्डा को 545 वोट मिले तो रमेश कौशिक को 394 वोट मिल सके।
सुरेंद्र छिक्कारा को केवल 10 तो दिग्विजय को 21 वोट मिले। कांग्रेस के पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक के गांव बीधल में 132, 133, 134 नंबर बूथ पर 2781 वोट थे, जिनमें से 1871 वोट डाले गए थे। इनमें से भूपेंद्र हुड्डा को 912 तो रमेश कौशिक को 828 वोट मिले हैं। दिग्विजय चौटाला केवल 70 वोट पर सिमटकर रह गए हैं।