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Chandigarh News: सुनवाई के दौरान बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ी, मौत
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चंडीगढ़। यूटी सचिवालय में मंगलवार को बिल्डिंग वॉयलेशन से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान एक बुजुर्ग की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इलाज के लिए अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 78 वर्षीय चरणजीत सिंह के रूप में हुई है। वह अपनी पत्नी के साथ केस की सुनवाई के लिए वित्त सचिव कार्यालय पहुंचे थे।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सुनवाई के दौरान जब अधिकारियों ने उन्हें बताया कि बिल्डिंग नियमों के उल्लंघन के कारण उन पर कार्रवाई की जा सकती है, तभी उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। वे वित्त सचिव कार्यालय के बाहर वेटिंग एरिया में बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि मृत घोषित कर दिया। परिवार के मुताबिक बुजुर्ग की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई।
एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि चरणजीत अपने केस की सुनवाई के लिए आए थे लेकिन सुनवाई से पहले ही उनकी तबीयत खराब हो गई थी। तुरंत उन्हें अस्पताल भेजा गया जहां उनकी मृत्यु हो गई।
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उधर, भाजपा नेता और प्रॉपर्टी कंसल्टेंट एसोसिएशन चंडीगढ़ के पूर्व एडवाइजर सुभाष शर्मा ने कहा कि शहर में वॉयलेशन नोटिसों ने आम लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दी है। शहर के 66 हजार हाउसिंग बोर्ड मकानों में अधिकांश में वॉयलेशन नोटिस लंबित हैं।
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प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सुनवाई के दौरान जब अधिकारियों ने उन्हें बताया कि बिल्डिंग नियमों के उल्लंघन के कारण उन पर कार्रवाई की जा सकती है, तभी उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। वे वित्त सचिव कार्यालय के बाहर वेटिंग एरिया में बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि मृत घोषित कर दिया। परिवार के मुताबिक बुजुर्ग की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई।
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एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि चरणजीत अपने केस की सुनवाई के लिए आए थे लेकिन सुनवाई से पहले ही उनकी तबीयत खराब हो गई थी। तुरंत उन्हें अस्पताल भेजा गया जहां उनकी मृत्यु हो गई।
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उधर, भाजपा नेता और प्रॉपर्टी कंसल्टेंट एसोसिएशन चंडीगढ़ के पूर्व एडवाइजर सुभाष शर्मा ने कहा कि शहर में वॉयलेशन नोटिसों ने आम लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दी है। शहर के 66 हजार हाउसिंग बोर्ड मकानों में अधिकांश में वॉयलेशन नोटिस लंबित हैं।