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Chandigarh News: पेंशन के लिए चक्कर काट रहे बुजुर्ग, दिव्यांग और महिलाएं
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चंडीगढ़। सेक्टर-17 के समाज कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे हैं। यह बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। ये लोग पेंशन के लिए चक्कर काट रहे हैं।
विजय कुमार ने बताया कि वह अपनी रुकी हुई पेंशन के लिए 1 जनवरी को विभाग आए थे। आश्वासन मिला कि पैसा आ जाएगा लेकिन 26 फरवरी तक खाता खाली रहा। दोबारा चक्कर काटने पर भी समाधान की जगह केवल तारीखें मिल रही हैं। मलोया की शांति देवी ने कहा कि कम पढ़ी-लिखी होने के कारण उन्हें कागजी कार्रवाई समझने में दिक्कत होती है। उनका कहना है कि दफ्तर में कोई हेल्प डेस्क न होने के कारण उन जैसी महिलाओं को घंटों भटकना पड़ता है।
शिव कली ने बताया कि लंच ब्रेक की टाइमिंग और काम की सुस्त रफ्तार ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दूर-दराज से आने वाले बुजुर्गों को लंच के नाम पर घंटों इंतजार करना पड़ता है, जो उनके स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति के लिए कष्टदायक है। इन पेंशनभोगियों का कहना है कि प्रशासन को एक ऐसी सरल प्रक्रिया बनाने की जरूरत है जिसमें बुजुर्गों को बार-बार दफ्तर न आना पड़े।
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विजय कुमार ने बताया कि वह अपनी रुकी हुई पेंशन के लिए 1 जनवरी को विभाग आए थे। आश्वासन मिला कि पैसा आ जाएगा लेकिन 26 फरवरी तक खाता खाली रहा। दोबारा चक्कर काटने पर भी समाधान की जगह केवल तारीखें मिल रही हैं। मलोया की शांति देवी ने कहा कि कम पढ़ी-लिखी होने के कारण उन्हें कागजी कार्रवाई समझने में दिक्कत होती है। उनका कहना है कि दफ्तर में कोई हेल्प डेस्क न होने के कारण उन जैसी महिलाओं को घंटों भटकना पड़ता है।
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शिव कली ने बताया कि लंच ब्रेक की टाइमिंग और काम की सुस्त रफ्तार ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दूर-दराज से आने वाले बुजुर्गों को लंच के नाम पर घंटों इंतजार करना पड़ता है, जो उनके स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति के लिए कष्टदायक है। इन पेंशनभोगियों का कहना है कि प्रशासन को एक ऐसी सरल प्रक्रिया बनाने की जरूरत है जिसमें बुजुर्गों को बार-बार दफ्तर न आना पड़े।
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