{"_id":"6293d938bad2cc2edd52e63e","slug":"eight-stps-to-be-upgraded-by-february-2023-chandigarh-news-pkl452125362","type":"story","status":"publish","title_hn":"फरवरी 2023 तक आठ एसटीपी हो जाएंगे अपग्रेड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फरवरी 2023 तक आठ एसटीपी हो जाएंगे अपग्रेड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। नगर निगम फरवरी 2023 तक अपने 8 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को अपग्रेड करने जा रहा है। इसके बाद जिन क्षेत्रों में टर्शरी वाटर सप्लाई लाइन नहीं है वहां अमृत योजना के अंतर्गत लाइन बिछाई जाएगी। जब सभी जगह टर्शरी वाटर आपूर्ति शुरू हो जाएगी तो निगम पानी के दाम बढ़ाने के लिए सदन में प्रस्ताव लाएगा। निगम के अधिकारियों का दावा है कि कार धोने से लेकर कृषि कार्यों तक के लिए इस पानी का उपयोग कर सकेंगे क्योंकि इसकी बायो ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) 5 से भी कम हो गई है।
मेयर सरबजीत कौर ने बताया कि अभी तक एसटीपी अपग्रेड नहीं थे, इसलिए टर्शरी वाटर से दुर्गंध आती थी। वहीं शहर में कुछ जगह ही टर्शरी वाटर के लिए लाइन बिछी थी। पांच एसटीपी नगर निगम ने बेहतर तरीके से अपग्रेड कर दिए हैं जबकि तीन और अपग्रेड होने हैं। अगले वर्ष तक एसटीपी को अपग्रेड करने का काम पूरा हो जाएगा। चंडीगढ़ को अमृत योजना के अंतर्गत अगले चार साल में 180 करोड़ रुपये मिलने हैं। इस फंड से अलग-अलग फेज में पाइप लाइन बिछाई जाएगी।
अतिरिक्त पानी रहा तो पंचकूला और मोहाली से भी पूछेंगे
मेयर ने बताया कि शहर में अतिरिक्त टर्शरी वाटर रहा तो यहां की इंडस्ट्रीज, कंपनी और कृषकों से पानी देने की बात करेंगे। उसके बाद पानी बचता है तो पंचकूला और मोहाली की इंडस्ट्रीज से भी बात की जाएगी क्योंकि गिरते भूमिगत जल स्तर को लेकर सभी शहर जागरूक हो रहे हैं। टर्शरी वाटर मिलने से भूमिगत जल बचेगा तो वहां का प्रशासन भी हमसे सहमत होगा।
विज्ञापन
1992 में डाली गई थी टर्शरी वाटर की पाइप लाइन
चंडीगढ़ में वर्ष 1992 में टर्शरी वाटर की पाइपलाइन डाली गई थी। उस समय डिग्गियां स्थित एसटीपी से राजेंद्र पार्क तक पाइप लाइन डाली गई थी। वर्ष 2008 में सेक्टर 47 तक जवाहर लाल नेहरू अर्बन एंड रिन्युअल मिशन योजना के तहत पाइप लाइन डाली गई। इसके साथ 1 एमजी की क्षमता वाले सेक्टर 48 व 28 में एक और 29 में 2 टैंक बनाए गए। डिग्गियां से यहां पानी आता था और पंपिंग करके सेक्टर-1 से लेकर 47 तक भेजा जाता था।
कोट
जबसे शहर बना है हम भूमिगत जल का दोहन कर रहे हैं। हमारे एसटीपी अपग्रेड हो गए हैं और इसका पानी भी काफी हद तक साफ है इसलिए टर्शरी वाटर को हर व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प है। जब हर व्यक्ति तक टर्शरी वाटर पहुंचेगा तब इसके दाम नए सिरे से तय करने पर चर्चा होगा। अमृत योजना के तहत इस काम को पूरा कराया जाएगा।
- सरबजीत कौर, मेयर
विज्ञापन
मेयर सरबजीत कौर ने बताया कि अभी तक एसटीपी अपग्रेड नहीं थे, इसलिए टर्शरी वाटर से दुर्गंध आती थी। वहीं शहर में कुछ जगह ही टर्शरी वाटर के लिए लाइन बिछी थी। पांच एसटीपी नगर निगम ने बेहतर तरीके से अपग्रेड कर दिए हैं जबकि तीन और अपग्रेड होने हैं। अगले वर्ष तक एसटीपी को अपग्रेड करने का काम पूरा हो जाएगा। चंडीगढ़ को अमृत योजना के अंतर्गत अगले चार साल में 180 करोड़ रुपये मिलने हैं। इस फंड से अलग-अलग फेज में पाइप लाइन बिछाई जाएगी।
विज्ञापन
अतिरिक्त पानी रहा तो पंचकूला और मोहाली से भी पूछेंगे
मेयर ने बताया कि शहर में अतिरिक्त टर्शरी वाटर रहा तो यहां की इंडस्ट्रीज, कंपनी और कृषकों से पानी देने की बात करेंगे। उसके बाद पानी बचता है तो पंचकूला और मोहाली की इंडस्ट्रीज से भी बात की जाएगी क्योंकि गिरते भूमिगत जल स्तर को लेकर सभी शहर जागरूक हो रहे हैं। टर्शरी वाटर मिलने से भूमिगत जल बचेगा तो वहां का प्रशासन भी हमसे सहमत होगा।
विज्ञापन
1992 में डाली गई थी टर्शरी वाटर की पाइप लाइन
चंडीगढ़ में वर्ष 1992 में टर्शरी वाटर की पाइपलाइन डाली गई थी। उस समय डिग्गियां स्थित एसटीपी से राजेंद्र पार्क तक पाइप लाइन डाली गई थी। वर्ष 2008 में सेक्टर 47 तक जवाहर लाल नेहरू अर्बन एंड रिन्युअल मिशन योजना के तहत पाइप लाइन डाली गई। इसके साथ 1 एमजी की क्षमता वाले सेक्टर 48 व 28 में एक और 29 में 2 टैंक बनाए गए। डिग्गियां से यहां पानी आता था और पंपिंग करके सेक्टर-1 से लेकर 47 तक भेजा जाता था।
कोट
जबसे शहर बना है हम भूमिगत जल का दोहन कर रहे हैं। हमारे एसटीपी अपग्रेड हो गए हैं और इसका पानी भी काफी हद तक साफ है इसलिए टर्शरी वाटर को हर व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प है। जब हर व्यक्ति तक टर्शरी वाटर पहुंचेगा तब इसके दाम नए सिरे से तय करने पर चर्चा होगा। अमृत योजना के तहत इस काम को पूरा कराया जाएगा।
- सरबजीत कौर, मेयर