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Chandigarh: हजारों लोगों ने अदा की ईद उल अजहा की नमाज, सेक्टर 20 की जामा मस्जिद पहुंचे सांसद मनीष तिवारी

Mon, 17 Jun 2024 09:10 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 17 Jun 2024 09:10 AM IST
सार

चंडीगढ़ जामा मस्जिद के इमाम व खातिर मौलाना मोहम्मद अजमल ने ईद उल अजहा का महत्व बताते हुए कहा कि यह हमें सिखाता है कि हमें अपनी इच्छाओं और भौतिक सुखों को अल्लाह की इच्छा के ऊपर नहीं रखना चाहिए। यह हमें गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने और दूसरे के प्रति दयालु और उदार होने का भी प्रेरणा देता है।

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Eid ul Azha prayers offered in mosques of Chandigarh
नमाज अदा करते लोग - फोटो : संवाद

विस्तार

चंडीगढ़ की सभी मस्जिदों में सोमवार को ईद उल अजहा की नमाज अदा की गई। बड़ी संख्या में नमाजी सुबह से ही ईदगाहों और मस्जिद की ओर बढ़ते रहे। नमाज से पहले इमाम ने ईद उल अजहा के महत्व को विस्तार से समझाया। 
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नमाज के दौरान पुलिस के कड़े इंतजाम थे। नमाज के बाद सभी मस्जिदों में देश की उन्नति और सलामती की तथा विश्व में अमन के लिए दुआएं मांगी गई। नमाज के बाद एक दूसरे को गले मिल ईद की बधाई दी। सेक्टर 20 के जामा मस्जिद  में बड़ी संख्या में नमाजी नमाज के लिए पहुंचे। इस मौके पर सांसद मनीष तिवारी सेक्टर 20 के जामा मस्जिद पहुंचे और उन्होंने सभी को ईद की शुभकामनाएं दी।
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20 सेक्टर सेक्टर चंडीगढ़ जामा मस्जिद के इमाम व खातिर मौलाना मोहम्मद अजमल ने ईद उल अजहा का महत्व बताते हुए कहा कि यह हमें सिखाता है कि हमें अपनी इच्छाओं और भौतिक सुखों को अल्लाह की इच्छा के ऊपर नहीं रखना चाहिए। यह हमें गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने और दूसरे के प्रति दयालु और उदार होने का भी प्रेरणा देता है। उन्होंने नगर निगम और प्रशासन के अधिकारियों को ईद की मुबारकबाद देते हुए आभार व्यक्त किया कि उन्होंने नमाज के लिए बेहतरीन इंतजाम किए। पुलिस अधिकारियों और मुलाजियों का भी उन्होंने आभार व्यक्त किया।

सेक्टर 26 के नूरानी मस्जिद  के इमाम व खतीब मुफ्ती मोहम्मद अनस कासमी ने नमाज से पहले नमाजियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस्लामिक कैलेंडर में जुल हिज्जा 12 वां और अंतिम महीना होता है। यह महीना इस्लाम के पवित्र महीने में से एक है। इस महीने में इस्लाम के पांचवें स्तंभ हज का आयोजन किया जाता है। इस महीने में ईद उल अजहा का त्योहार भी मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यह त्याग, समर्पण और ईश्वर के प्रति भक्ति का भी त्योहार है। उन्होंने कुर्बानी के महत्व को बताया।


उन्होंने कहा कि बकरीद ईद सिर्फ जानवरों की बलि देने तक सीमित नहीं है। यह त्याग, समर्पण और ईश्वर के प्रति भक्ति का भी त्योहार है। यह त्योहार सामुदायिक भावना और भाईचारे को बढ़ावा देने का बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।

यह मोहब्बत का पैगाम देने वाले त्योहार है...
माड़ीवाला टाउन मनीमाजरा स्थित मोहम्मदी मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद अरशद ने कहा कि बकरीद हमें मोहब्बत भाईचारे का पैगाम देती है। इस मुबारक दिन में हमें मजहब से ऊपर उठकर गरीब बेसहारा इंसानों की मदद करनी चाहिए। मदीना मस्जिद सेक्टर 29 के इमाम कारी फैसल कलाम ने कहा कि हम सभी को त्याग और समर्पण की भावना के साथ काम करना चाहिए।
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