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देखिए, सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत-पाक के कारोबार पर क्या पड़ा फर्क?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 01 Oct 2016 09:41 AM IST
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इंडो पाक बॉर्डर पर बीएसएफ ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था
- फोटो : फाइल फोटो
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भारत की ओर से पाक अधिकृत कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दोनों मुल्कों के बीच बढ़े तनाव का असर कारोबार पर नहीं पड़ा है। वाघा बॉर्डर से दोनों देशों के बीच होने वाला कारोबार शुक्रवार को पहले की तरह जारी रहा। ट्रकों की आवाजाही में कोई गिरावट देखने को नहीं मिली।
कस्टम विभाग के मुताबिक शुक्रवार शाम तक भारत से टमाटर से भरे 63 ट्रक पाकिस्तान गए। जबकि, पाकिस्तान से 123 ट्रक आए, जिनमें सीमेंट, एलुमिनियम, जिप्सम और नमक था।
कस्टम अधिकारियों के मुताबिक रात को ट्रकों की आवाजाही और बढ़ने के आसार हैं। वीरवार को पाकिस्तान से 170 ट्रक भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे। जबकि, भारत से पचास ट्रक वाघा बॉर्डर पार कर पाकिस्तान में दाखिल हुए थे।
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कस्टम विभाग के मुताबिक शुक्रवार शाम तक भारत से टमाटर से भरे 63 ट्रक पाकिस्तान गए। जबकि, पाकिस्तान से 123 ट्रक आए, जिनमें सीमेंट, एलुमिनियम, जिप्सम और नमक था।
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कस्टम अधिकारियों के मुताबिक रात को ट्रकों की आवाजाही और बढ़ने के आसार हैं। वीरवार को पाकिस्तान से 170 ट्रक भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे। जबकि, भारत से पचास ट्रक वाघा बॉर्डर पार कर पाकिस्तान में दाखिल हुए थे।
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वाघा बॉर्डर के रास्ते कई चीजें निर्यात करता पाकिस्तान
इंडो पाक बॉर्डर
- फोटो : फाइल फोटो
पाकिस्तान मुख्य तौर पर वाघा बॉर्डर से ड्राई फ्रूट, जिप्सम और सीमेंट का निर्यात करता है। यहां से टमाटर, कॉटन यार्न, मसाले, लहसुन व अदरक आदि पाक ज्यादा जाता है। वाघा बॉर्डर से दोनों मुल्कों केबीच हर साल करीब तीन हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता है।
इसके लिए 2012 में अटारी-वाघा बॉर्डर पर डेढ़ सौ करोड़ की लागत से इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट स्थापित किया गया था। एक तरफ वाघा बॉर्डर से कारोबार पर दोनों देशों के बीच तनाव से कोई असर नहीं पड़ा है।
उधर, भारत-पाक केबीच वाघा बॉर्डर से होने वाले कारोबार करने वाले व्यापारी भी भारत सरकार के फैसले से खुश हैं। फेडरेशन ऑफ ड्राई फ्रूट एंड करियाना कॉमर्शियल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अनिल मेहता ने कहा कि भारत ने उड़ी हमले का माकूल जवाब दिया है। हमेशा पाकिस्तान ही दोनों देशों के बीच व्यापार को प्रभावित करता है।
इसके लिए 2012 में अटारी-वाघा बॉर्डर पर डेढ़ सौ करोड़ की लागत से इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट स्थापित किया गया था। एक तरफ वाघा बॉर्डर से कारोबार पर दोनों देशों के बीच तनाव से कोई असर नहीं पड़ा है।
उधर, भारत-पाक केबीच वाघा बॉर्डर से होने वाले कारोबार करने वाले व्यापारी भी भारत सरकार के फैसले से खुश हैं। फेडरेशन ऑफ ड्राई फ्रूट एंड करियाना कॉमर्शियल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अनिल मेहता ने कहा कि भारत ने उड़ी हमले का माकूल जवाब दिया है। हमेशा पाकिस्तान ही दोनों देशों के बीच व्यापार को प्रभावित करता है।