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स्लेट से डिजिटल क्लास तक पहुंची शिक्षा, कुछ यूं तय किया सफर

Thu, 19 Jan 2017 07:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा) Updated Thu, 19 Jan 2017 07:09 PM IST
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education complete journey of digital and smart class from Slate and placards
डिजिटल क्लास, स्मार्ट क्लास
स्लेट और तख्तियों से शुरू हुई शिक्षा आज डिजिटल क्लास तक पहुंच गई है। यह सफर एक दो नहीं, बल्कि कई साल में तय किया गया। 
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पिछले एक दशक में बच्चों को शिक्षित करने के तौर तरीकों और माध्यम में काफी बदलाव आया है। एक समय था, जब बच्चों को स्लेट, स्लेटियों और तख्तियों के माध्यम से शिक्षा दी जाती थी।


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इनसे झड़ने वाले चॉक और स्याही से बच्चों के कपड़े व हाथ-मुंह अकसर रंगे होते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा के माध्यम के बदलाव हुआ और अब डिजिटल इंडिया का जमाना है। अब बच्चे डिजिटल स्मार्ट क्लास रूम में यंत्रों के जरिये बोर्ड पर लिखे शब्दों को सुनकर पढ़-लिख सकते हैं। पंचकूला में ये बदलाव छह साल पहले मूर्तरूप लेने लगे थे।
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जब सेक्टर-20 के द गुरुकुल स्कूल ने अपने पाठ्यक्रम में डिजिटल क्लास रूम शामिल किए। तब ट्राइसिटी के इक्का दुक्का स्कूलों में स्मार्ट क्लास लगती थीं। अब जिले के सरकारी स्कूल भी स्मार्ट क्लास से लैस हो रहे हैं। 

प्ले वे से पांचवीं तक स्मार्ट
प्ले-वे से पांचवीं तक के जूनियर विंग के विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास की सुविधा दी जाती है। इस स्मार्ट क्लास रूम को सुचारू रूप से चलाने के लिए अल्ट्रा शॉर्ट थ्रो प्रोजेक्टर लगाया है। ये कहीं भी फिट हो जाता है और स्क्रीन के बिल्कुल साथ होता है। इस प्रोजेक्टर की खासियत है कि इसमें शेडो नहीं बनती।

स्मार्ट कक्षाओं के लिए डॉल्फिन टीचर

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डिजिटल क्लास, स्मार्ट क्लास
पंचकूला के द गुरुकुल स्कूल के स्मार्ट कक्षाओं में डॉल्फिन टीचर नाम की ऐसी तकनीक आई है, जिसके जरिये स्कूली बच्चे सिर्फ एक बार टच करते हैं और उन्हें ऑडियो इफेक्ट के माध्यम से शिक्षा मिलती है। डॉल्फिन टीचर कविताएं भी सुनाते हैं।

क्या है डॉल्फिन टीचर
स्मार्ट क्लास रूम में डॉल्फिन टीचर नाम का एक ऐसा डिजिटल यंत्र है, जो पेन के शेप में है। जिस पर डॉल्फिन का आकार है। इसके लिए स्पेशल मैजिकल किताबें तैयार होती हैं, जिनमें कोडेड शीट्स होती हैं। बच्चों को अपने हाथों में डॉल्फिन टीचर को पेंसिल की तरह पकड़ना है और मैजिकल किताब पर टच करना है। टच करने से जो भी बुक्स पर लिखा होगा, वह ऑडियो इफेक्ट्स के जरिये बच्चों को सुनाई देगा।

ऐसे में बच्चे साथ के साथ राइम्स व पोइम्स को सुर में गाते तो हैं ही, साथ ही बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि भी बढ़ती है। स्कूल के डायरेक्टर संजय थरेजा ने बताया कि डॉल्फिन टीचर की स्टिक में स्पीकर और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट होता है। इसे बुक पर टच करने पर सर्किट में इफेक्ट आता है और बच्चों को बुक में लिखी बातें सेम ऑडियो इफेक्ट्स के जरिये सुनाई देती हैं।
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