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Mohali: फर्जी कॉल सेंटर मामले में ईडी की एंट्री, 100 करोड़ के साइबर फ्रॉड केस में पंजाब पुलिस से मांगा रिकॉर्ड
Tue, 01 Oct 2024 12:09 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 01 Oct 2024 12:09 PM IST
सार
28 अगस्त को इंस्पेक्टर अमनजोत कौर ने डीजीपी गौरव यादव को प्रदेश के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और आईपीएस ज्योति यादव पर केस में एक आरोपी पर कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर झूठे केस में फंसाए जाने के आरोप लगाए थे।
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- फोटो : ANI
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विस्तार
मोहाली के फर्जी कॉल सेंटर मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एंट्री हो गई है। ईडी ने 100 करोड़ के फर्जी कॉल सेंटर केस में पंजाब पुलिस से अब तक की कार्रवाई पर रिकॉर्ड तलब किया है। ईडी को इस साइबर फ्रॉड केस में राष्ट्र सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने से जुड़े इनपुट मिले हैं, ऐसे में ईडी अब इस पूरे मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई करेगी।
इस केस में 28 अगस्त को इंस्पेक्टर अमनजोत कौर ने डीजीपी गौरव यादव को प्रदेश के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और आईपीएस ज्योति यादव पर केस में एक आरोपी पर कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर झूठे केस में फंसाए जाने के आरोप लगाए थे। इंस्पेक्टर अमनजोत कौर ने गुहार लगाई थी कि इस केस की सेंट्रल एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए, ताकि 100 करोड़ के साइबर फ्रॉड केस के मुख्य आरोपी को संरक्षण मुहैया कराने वाले को पता लग सके।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने इंस्पेक्टर की शिकायत पर पूरे मामले की तहकीकात के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की थी। यह एसआईटी साइबर क्राइम की एडीजीपी वी नीरजा की अध्यक्षता में बनाई गई है। बता दें इस मामले में महिला पलक देव ने जिला न्यायालय में बीते अप्रैल में इंस्पेक्टर अमनजोत कौर के खिलाफ रिश्वत मांगे जाने के आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज करने को लेकर याचिका लगाई थी, इस पर जिला न्यायालय ने पुलिस को इंस्पेक्टर के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए कहा था, लेकिन बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने जिला न्यायालय के आदेश पर रोक लगाते हुए मामले में अगली तारीख दी थी। अब ईडी ने मामले में पूरा रिकॉर्ड तलब कर केस की जांच शुरू कर दी है।
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इस केस में 28 अगस्त को इंस्पेक्टर अमनजोत कौर ने डीजीपी गौरव यादव को प्रदेश के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और आईपीएस ज्योति यादव पर केस में एक आरोपी पर कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर झूठे केस में फंसाए जाने के आरोप लगाए थे। इंस्पेक्टर अमनजोत कौर ने गुहार लगाई थी कि इस केस की सेंट्रल एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए, ताकि 100 करोड़ के साइबर फ्रॉड केस के मुख्य आरोपी को संरक्षण मुहैया कराने वाले को पता लग सके।
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पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने इंस्पेक्टर की शिकायत पर पूरे मामले की तहकीकात के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की थी। यह एसआईटी साइबर क्राइम की एडीजीपी वी नीरजा की अध्यक्षता में बनाई गई है। बता दें इस मामले में महिला पलक देव ने जिला न्यायालय में बीते अप्रैल में इंस्पेक्टर अमनजोत कौर के खिलाफ रिश्वत मांगे जाने के आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज करने को लेकर याचिका लगाई थी, इस पर जिला न्यायालय ने पुलिस को इंस्पेक्टर के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए कहा था, लेकिन बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने जिला न्यायालय के आदेश पर रोक लगाते हुए मामले में अगली तारीख दी थी। अब ईडी ने मामले में पूरा रिकॉर्ड तलब कर केस की जांच शुरू कर दी है।
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