{"_id":"65ba4cd630d69b6c0d0a0685","slug":"ed-raids-nine-places-in-rs-200-crore-bank-scam-case-2024-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"ED Raids: पंजाब, जम्मू और यूपी में नौ स्थानों पर ED की दबिश, 200 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में एक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ED Raids: पंजाब, जम्मू और यूपी में नौ स्थानों पर ED की दबिश, 200 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में एक्शन
Wed, 31 Jan 2024 07:11 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 31 Jan 2024 07:11 PM IST
सार
200 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तीन राज्यों के नौ स्थानों पर एक साथ दबिश दी। एसबीआई की शिकायत पर पहले मामले की जांच सीबीआई ने की। इसके बाद ईडी धन शोधन के एंगल से जांच कर रही है। इससे पहले सीबीआई कंपनी के दो पूर्व निदेशकों को गिरफ्तार भी कर चुकी है।
विज्ञापन
लुधियाना स्थित भारत पेपर्स लिमिटेड।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लुधियाना में भामियां रोड पर स्थित भारत पेपर्स लिमिटेड की भारत बॉक्स फैक्टरी में बुधवार को बैंक घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने दबिश दी। पेपर मिल से जुड़े पंजाब, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश समेत नौ अन्य ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई एक साथ चली। सुबह करीब साढ़े सात बजे ईडी की टीम भारत बॉक्स फैक्टरी पहुंची। जहां उन्होंने श्रमिकों को बाहर कर जांच शुरु की। कंपनी के खिलाफ आरोप है कि एसबीआई की लुधियाना ब्रांच से अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है।
विज्ञापन
जम्मू के कठुआ और लुधियाना के भामियां रोड पर करीब 18 साल पहले भारत पेपर्स लिमिटेड और पेपर बोर्ड पैकेजिंग उद्योग की शुरुआत की गई थी। इसी के तहत भामिया रोड पर भारत बॉक्स फैक्टरी भी स्थापित की गई थी। कंपनी के पूर्व निदेशक प्रवीण अग्रवाल और अनिल कुमार को सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी के आरोप में जम्मू के कठुआ से गिरफ्तार किया था। आरोप था कि दोनों ने लुधियाना की एसबीआई ब्रांच से करीब 88 करोड़ रुपये का लोन लिया था और घोटाला किया। यह कार्रवाई सीबीआई ने बैंक की शिकायत पर की थी। सीबीआई ने बाद में प्रबंधकों व निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि बैंक से लोन लेने के बाद मंदी आ गई थी। दोनों मिले बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी थीं। मशीनों को भी बेच दिया गया था। इसके बाद किश्त नहीं मिलने पर बैंक ने फैक्टरी की संपत्तियों को अपने कब्जे में ले लिया था। बैंक का आरोप है कि एसबीआई के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई।
विज्ञापन