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प्लाट अलॉटमेंट मामलाः ईडी कोर्ट ने बीएस हुड्डा समेत मोतीलाल वोरा और एजेएल को जारी किया नोटिस

Fri, 27 Sep 2019 12:27 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Fri, 27 Sep 2019 12:27 AM IST
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ED court issues notice to Motilal Vora and AJL including former CM BS Hooda
बीएस हुड्डा (फाइल फोटो) - फोटो : pti

सेक्टर-6 पंचकूला स्थित एजेएल प्लॉट आवंटन मामले में गुरुवार को पंचकूला की स्पेशल इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत मोती लाल वोरा और एजेएल को तीस अक्तूबर के लिए नोटिस जारी किया है। इससे पहले 26 अगस्त को ईडी की तरफ से शिकायत दायर की गई थी। इसी वर्ष जुलाई महीने में ईडी ने आरोपी भूपेन्द्र सिंह हुड्डा से एजेएल प्लाट अलॉटमेंट मामले में चार बार पूछताछ की थी। 

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24 साल पुराने रेट पर प्लॉट किया था अलॉट 
पंचकूला सेक्टर-6 में 3360 वर्गमीटर का प्लॉट नंबर सी-17 तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल ने 24 अगस्त 1982 को अलॉट कराया था। कंपनी को इस पर छह महीने में निर्माण शुरू कर दो साल में काम पूरा करना था। लेकिन कंपनी 10 साल में भी ऐसा नहीं कर सकी। फिर 30 अक्टूबर 1992 को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने अलॉटमेंट निरस्त कर प्लॉट को रिज्यूम किया। फिर 26 जुलाई 1995 को मुख्य प्रशासक हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने एस्टेट ऑफिसर के आदेश के खिलाफ कंपनी की अपील खारिज की। 

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इसके बाद 14 मार्च 1998 को कंपनी की ओर से आबिद हुसैन ने चेयरमैन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को प्लॉट की अलॉटमेंट बहाली की अपील की। फिर 14 मई 2005 को चेयरमैन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने अधिकारियों को एजेएल कंपनी के प्लॉट अलॉटमेंट की बहाली की संभावनाएं तलाशने को कहा। लेकिन लॉ विभाग ने अलॉटमेंट बहाली से साफ इनकार कर दिया। फिर 18 अगस्त 1995 को नई अलॉटमेंट के लिए आवेदन मांगे गए और एजेएल कंपनी को भी आवेदन की छूट प्रदान की गई।

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 इसके तहत 28 अगस्त 2005 को एजेएल की ही 1982 की मूल दर पर प्लॉट अलॉट करने की फाइल पर साइन कर दिए गए। साथ ही कंपनी को छह महीने में निर्माण शुरू कर एक वर्ष में काम पूरा करने को कहा गया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्लॉट को पुराने रेट पर अलॉट के आदेश दिए थे।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सीबीआई कोर्ट के समक्ष नहीं हुए पेश 
हरियाणा के मानेसर में 900 एकड़ जमीन अधिग्रहण मामले में गुरुवार को पंचकूला की सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। लेकिन सुनवाई के दौरान मामले के आरोपी व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हुए। बचाव पक्ष ने सीबीआई कोर्ट में पूर्व सीएम की तरफ से पेशी से छूट की अर्जी दायर की गई है।

 उनके अलावा केस के अन्य सभी 33 आरोपी कोर्ट में पेशी पर पहुंचे। कोर्ट में गुरुवार को भी आरोपों पर बहस हुई। कोर्ट ने मामले की आगामी सुनवाई के लिए तीन अक्टूबर की तिथि निर्धारित की है। गौरतलब है कि मामले के आरोपी भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत 34 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई थी। अब पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट में केस की सुनवाई की जा रही है। आरोपी हुड्डा सहित एमएल तायल, छतर सिंह, एसएस ढिल्लों, पूर्व डीटीपी जसवंत सहित अन्य कई बिल्डरों का चार्जशीट में नाम है।

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