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ईसीएचएस घोटाला: ट्राइसिटी के कई निजी अस्पतालों-डॉक्टरों पर एफआईआर, ईसीएचएस अधिकारी भी नामजद

Sat, 04 Apr 2026 11:30 AM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Sat, 04 Apr 2026 11:30 AM IST
सार

फर्जी मरीज बनाकर उन्हें आईसीयू और वेंटिलेटर पर भर्ती दिखाया गया और महंगी दवाइयों के नाम पर मोटे बिल तैयार किए गए। सूत्रों के मुताबिक, केयर अस्पताल, मंथन हेल्थ केयर, धर्म अस्पताल के साथ डॉ. विकास और डॉ. रिंपल गुप्ता की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। 

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ECHS scam FIR against several private hospitals and doctors in Tricity
FIR Demo - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्र सरकार की एक्स-सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ईसीएचएस) में करीब 100 करोड़ रुपये के घोटाले में सीबीआई ने ट्राइसिटी के कई निजी अस्पतालों, डॉक्टरों और ईसीएचएस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। 
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जांच में फर्जी बिलिंग, नकली लैब रिपोर्ट और मरीजों को गलत तरीके से भर्ती दिखाने का खुलासा हुआ है। सीबीआई को जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज और सबूत मिले जिनके आधार पर शुक्रवार को यह कार्रवाई की गई। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में जल्द ही गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। दो डॉक्टरों से पहले ही पूछताछ की जा चुकी है और वे एजेंसी के रडार पर हैं।
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जांच में खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क केवल चंडीगढ़ तक सीमित नहीं था बल्कि पंजाब, हरियाणा और जम्मू तक फैला हुआ था। फर्जी मरीज बनाकर उन्हें आईसीयू और वेंटिलेटर पर भर्ती दिखाया गया और महंगी दवाइयों के नाम पर मोटे बिल तैयार किए गए। सूत्रों के मुताबिक, केयर अस्पताल, मंथन हेल्थ केयर, धर्म अस्पताल के साथ डॉ. विकास और डॉ. रिंपल गुप्ता की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। 
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इसके अलावा अस्पतालों के बिल क्लर्कों की संलिप्तता भी सामने आई है, जो फर्जी बिलिंग में अहम कड़ी थे। वीरवार को सीबीआई ने ट्राइसिटी के करीब नौ निजी अस्पतालों और संबंधित डॉक्टरों के ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जब्त किए थे। इन दस्तावेजों से घोटाले की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं।

प्राइवेट एजेंसी की भूमिका भी संदिग्ध

जांच में यह भी सामने आया है कि चंडीगढ़ की एक निजी एजेंसी पर्दे के पीछे रहकर इस घोटाले को अंजाम दे रही थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों, अस्पताल संचालकों, लैब और एजेंसी के बीच रकम का बंटवारा होता था। सीबीआई अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
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