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अब चंडीगढ़ में भी ई-वे बिल देना होगा, नई गाइडलाइंस जारी, क्लिक करके यहां पढ़ें
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 24 May 2018 11:01 AM IST
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अब चंडीगढ़ में भी ई-वे बिल देना होगा। केंद्र सरकार ने यूटी चंडीगढ़ के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। 25 मई के बाद चंडीगढ़ के अंदर भी सामान एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने या बेचने पर ई वे बिल जरूरी कर दिया है। 18 मई को केंद्र सरकार ने इसकी नोटिफिकेशन जारी कर यूटी के एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट को गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इसका असर कारोबारियों पर तो पड़ेगा ही साथ ही यदि आम आदमी भी अपनी कार में 50 हजार से ज्यादा का सामान लेकर चलता है तो वह भी इस दायरे में आएगा।
नई गाइडलाइंस के मुताबिक 50 हजार रुपये से ऊपर के सामान को यदि शहर में एक जगह से दूसरी जगह भेजा जाता है या बेच जाता है तो इस पर ई वे बिल जरूरी होगा। यानी अब शहर के अंदर भी गुड्स की सप्लाई के समय ई वे बिल साथ रखना जरूरी है। यदि किसी के पास बिल नहीं मिला तो उस पर जीएसटी एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। ई वे बिल न दिखाने पर चालान किया जाएगा। एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट से मिली जानकारी के अनुसार अब तक चंडीगढ़ में इससे छूट मिली हुई थी। केंद्र सरकार की जीएसटी काउंसिल ने इस संदर्भ में चंडीगढ़ प्रशासन को बाकायदा लिखित में गाइडलाइंस जारी कर दी हैं।
रिक्शा रेहड़ी में ले जाने पर मिलेगी छूट
अफसरों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी जरूरत के लिए भी 50 हजार का सामान कहीं से खरीदकर चलता है तो उसे ई वे बिल रखना जरूरी होगा। यदि ऐसा नहीं किया तो चालान भुगतना पड़ेगा। हां यदि इस सामान को रिक्शा या रेहड़ी में रखकर ले जाया जाए तो फिर ई वे बिल दिखाने की जरूरत नहीं होगी।
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दुकानदार से 50 हजार रुपये ऊपर का सामान खरीदें तो ई वे बिल जरूर लें
असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर आरके चौधरी ने बताया कि कारोबारियों के लिए तो यह नियम है ही साथ में आम रेजिडेंट्स भी यदि 50 हजार रुपये से ज्यादा का सामान खरीदें तो दुकानदार से ई वे बिल जरूर लें। टैक्स की किसी भी रूप में हो रही चोरी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
ट्रांसपोर्टर के पास तक सामान पहुंचाने तक छूट
यदि कोई विक्रेता या दुकानदार सामान ट्रांसपोर्टर के पास भेजता है तो ई वे बिल की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन ट्रांसपोर्टर को आगे सामान सप्लाई करते समय ई वे बिल रखना जरूरी होगा। साथ ही ट्रांसपोर्ट को ई वे बिल में यह जानकारी देनी होगी कि यह सामान कौन और किसको सप्लाई कर रहा है। सामान की मात्रा और मूल्य के बारे में भी जानकारी देनी होगी। वहीं, एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने बताया कि अब भी कुछ ट्रेडर्स के मन में यह असमंजस है कि शहर में 10 किलोमीटर के अंदर एक जगह से दूसरी जगह सामान सप्लाई करने पर ई वे बिल की जरूरत नहीं पड़ेगी। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ई वे बिल अब सबके लिए जरूरी होगा।
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नई गाइडलाइंस के मुताबिक 50 हजार रुपये से ऊपर के सामान को यदि शहर में एक जगह से दूसरी जगह भेजा जाता है या बेच जाता है तो इस पर ई वे बिल जरूरी होगा। यानी अब शहर के अंदर भी गुड्स की सप्लाई के समय ई वे बिल साथ रखना जरूरी है। यदि किसी के पास बिल नहीं मिला तो उस पर जीएसटी एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। ई वे बिल न दिखाने पर चालान किया जाएगा। एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट से मिली जानकारी के अनुसार अब तक चंडीगढ़ में इससे छूट मिली हुई थी। केंद्र सरकार की जीएसटी काउंसिल ने इस संदर्भ में चंडीगढ़ प्रशासन को बाकायदा लिखित में गाइडलाइंस जारी कर दी हैं।
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रिक्शा रेहड़ी में ले जाने पर मिलेगी छूट
अफसरों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी जरूरत के लिए भी 50 हजार का सामान कहीं से खरीदकर चलता है तो उसे ई वे बिल रखना जरूरी होगा। यदि ऐसा नहीं किया तो चालान भुगतना पड़ेगा। हां यदि इस सामान को रिक्शा या रेहड़ी में रखकर ले जाया जाए तो फिर ई वे बिल दिखाने की जरूरत नहीं होगी।
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दुकानदार से 50 हजार रुपये ऊपर का सामान खरीदें तो ई वे बिल जरूर लें
असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर आरके चौधरी ने बताया कि कारोबारियों के लिए तो यह नियम है ही साथ में आम रेजिडेंट्स भी यदि 50 हजार रुपये से ज्यादा का सामान खरीदें तो दुकानदार से ई वे बिल जरूर लें। टैक्स की किसी भी रूप में हो रही चोरी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
ट्रांसपोर्टर के पास तक सामान पहुंचाने तक छूट
यदि कोई विक्रेता या दुकानदार सामान ट्रांसपोर्टर के पास भेजता है तो ई वे बिल की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन ट्रांसपोर्टर को आगे सामान सप्लाई करते समय ई वे बिल रखना जरूरी होगा। साथ ही ट्रांसपोर्ट को ई वे बिल में यह जानकारी देनी होगी कि यह सामान कौन और किसको सप्लाई कर रहा है। सामान की मात्रा और मूल्य के बारे में भी जानकारी देनी होगी। वहीं, एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने बताया कि अब भी कुछ ट्रेडर्स के मन में यह असमंजस है कि शहर में 10 किलोमीटर के अंदर एक जगह से दूसरी जगह सामान सप्लाई करने पर ई वे बिल की जरूरत नहीं पड़ेगी। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ई वे बिल अब सबके लिए जरूरी होगा।