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सरकारी दफ्तरों के चक्कर से निजात दिलाएगी ये कवायद
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 18 Jan 2014 12:21 PM IST
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पंजाब में लोगों को अपने कामों के लिए अब सरकारी दफ्तरों के चक्करों से निजात मिल जाएगी। राज्य सरकार जल्द ही बीस जिलों में ई-डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट लांच करने जा रही है।
पिछले साल कपूरथला और नवांशहर जिलों में इस सुविधा को पायलट प्रोजेक्ट केतौर पर लागू करने से मिली सफलता को देखते हुए सरकार ने अब बाकी 20 जिलों में यह सेवा लागू करने का फैसला ले लिया है।
प्रोजेक्ट का मकसद सरकारी सेवाओं को आम लोगों को अच्छे ढंग से उपलब्ध कराना है। यह प्रोजेक्ट लागू किए जाने के बाद सेवाएं मुहैया कराने में समय भी कम लगेगा।
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सरकार ने इसके लिए सेंटर व इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के साथ-साथ फील्ड स्टाफ को ट्रेनिंग देने का जिम्मा निजी कंपनी को सौंपने का फैसला किया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 61 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
दो जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के अच्छे नतीजे सामने आए हैं। बहुत जल्द बाकी बीस जिलों में प्रोजेक्ट शुरू कर दिया जाएगा।
सी. राउल, प्रमुख सचिव, प्रशासनिक सुधार विभाग
कागजी दस्तावेजों, फाइलों की जरूरत नहीं
ई-डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट के तहत जिलों में ‘डिस्ट्रिक्ट फेलिसिटेशन सेंटर’ स्थापित किए जाएंगे। इस सेंटरों में सभी काम कंप्यूटर के जरिए होंगे और कागजी दस्तावेजों और फाइलों की जरूरत नहीं रहेगी।
जो भी व्यक्ति सरकारी काम के लिए आवेदन करेगा तो उसकी फाइल को स्कैन करके डिजिटल फाइल तैयार की जाएगी।
यही फाइल ऑनलाइन संबंधित अधिकारियों व मुलाजिमों के पास पहुंचेगी और अधिकारी फाइल पर डिजिटल साइन ही करेंगे। इसके बाद तय समय में आवेदक को सेवा प्रदान कर दी जाएगी।
इस दौरान सेवा में देरी होने पर यह भी पता लगाया जा सकेगा कि फाइल कहां रुकी और किस वजह से रोकी गई। बिना किसी ठोस कारण के सेवा प्रदान करने में देरी करने वाले अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई हो सकेगी।
यह प्रमुख सेवाएं मिलेंगी
ई-डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट के तहत लोगों को 47 प्रमुख सेवाएं मुहैया कराई जाएंगी। इनमें डोमिसाइल, आय, जन्म-मृत्यु व जाति प्रमाणपत्र, विवाह का रजिस्ट्रेशन और सर्टिफिकेट, आर्म्स लाइसेंस और उसमें संशोधन, राशन कार्ड व उसमें संशोधन, बुढ़ापा, विधवा, विकलांग पेंशन, जमीन रिकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, प्रॉपर्टी टैक्स का आकलन, प्रापर्टी टैक्स जमा कराना, ऑनलाइन आरटीआई आवेदन करना आदि शामिल हैं।
सचिवालय मुलाजिमों को पते अपडेट कराने का निर्देश
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने सभी अधिकारियों और मुलाजिमों को अपने घर के पते और फोन नंबर अपडेट कराने के आदेश दिए हैं।
पंजाब सिविल सचिवालय 1 व 2 में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को सारा ब्यौरा अपडेट कराने को कहा गया है। ताकि अचानक जरूरत पड़ने पर उनसे संपर्क किया जा सके।
सरकार के ध्यान में आया था कि सचिवालय के सिविल कंट्रोल रूम में दर्ज पते व नंबर में से काफी बदल चुके हैं। इसके चलते मुश्किल आ रही है।
जो लोग एक हफ्ते के अंदर ब्यौरा अपडेट नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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पिछले साल कपूरथला और नवांशहर जिलों में इस सुविधा को पायलट प्रोजेक्ट केतौर पर लागू करने से मिली सफलता को देखते हुए सरकार ने अब बाकी 20 जिलों में यह सेवा लागू करने का फैसला ले लिया है।
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प्रोजेक्ट का मकसद सरकारी सेवाओं को आम लोगों को अच्छे ढंग से उपलब्ध कराना है। यह प्रोजेक्ट लागू किए जाने के बाद सेवाएं मुहैया कराने में समय भी कम लगेगा।
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सरकार ने इसके लिए सेंटर व इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के साथ-साथ फील्ड स्टाफ को ट्रेनिंग देने का जिम्मा निजी कंपनी को सौंपने का फैसला किया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 61 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
दो जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के अच्छे नतीजे सामने आए हैं। बहुत जल्द बाकी बीस जिलों में प्रोजेक्ट शुरू कर दिया जाएगा।
सी. राउल, प्रमुख सचिव, प्रशासनिक सुधार विभाग
कागजी दस्तावेजों, फाइलों की जरूरत नहीं
ई-डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट के तहत जिलों में ‘डिस्ट्रिक्ट फेलिसिटेशन सेंटर’ स्थापित किए जाएंगे। इस सेंटरों में सभी काम कंप्यूटर के जरिए होंगे और कागजी दस्तावेजों और फाइलों की जरूरत नहीं रहेगी।
जो भी व्यक्ति सरकारी काम के लिए आवेदन करेगा तो उसकी फाइल को स्कैन करके डिजिटल फाइल तैयार की जाएगी।
यही फाइल ऑनलाइन संबंधित अधिकारियों व मुलाजिमों के पास पहुंचेगी और अधिकारी फाइल पर डिजिटल साइन ही करेंगे। इसके बाद तय समय में आवेदक को सेवा प्रदान कर दी जाएगी।
इस दौरान सेवा में देरी होने पर यह भी पता लगाया जा सकेगा कि फाइल कहां रुकी और किस वजह से रोकी गई। बिना किसी ठोस कारण के सेवा प्रदान करने में देरी करने वाले अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई हो सकेगी।
यह प्रमुख सेवाएं मिलेंगी
ई-डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट के तहत लोगों को 47 प्रमुख सेवाएं मुहैया कराई जाएंगी। इनमें डोमिसाइल, आय, जन्म-मृत्यु व जाति प्रमाणपत्र, विवाह का रजिस्ट्रेशन और सर्टिफिकेट, आर्म्स लाइसेंस और उसमें संशोधन, राशन कार्ड व उसमें संशोधन, बुढ़ापा, विधवा, विकलांग पेंशन, जमीन रिकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, प्रॉपर्टी टैक्स का आकलन, प्रापर्टी टैक्स जमा कराना, ऑनलाइन आरटीआई आवेदन करना आदि शामिल हैं।
सचिवालय मुलाजिमों को पते अपडेट कराने का निर्देश
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने सभी अधिकारियों और मुलाजिमों को अपने घर के पते और फोन नंबर अपडेट कराने के आदेश दिए हैं।
पंजाब सिविल सचिवालय 1 व 2 में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को सारा ब्यौरा अपडेट कराने को कहा गया है। ताकि अचानक जरूरत पड़ने पर उनसे संपर्क किया जा सके।
सरकार के ध्यान में आया था कि सचिवालय के सिविल कंट्रोल रूम में दर्ज पते व नंबर में से काफी बदल चुके हैं। इसके चलते मुश्किल आ रही है।
जो लोग एक हफ्ते के अंदर ब्यौरा अपडेट नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।