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चंडीगढ़ः ई-चालान का भुगतान नहीं आसान...बड़े रोड़े हैं इस राह में, ट्रैफिक पार्क में जमा हुए वाहन

Thu, 01 Nov 2018 03:04 PM IST
अविनाश शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
अविनाश शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 01 Nov 2018 03:04 PM IST
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E-Challan System Fail in Chandigarh, Traffic Police, Transport Department
ई-चालान भरने के लिए कोर्ट में खड़े लोग
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद यूटी की ट्रैफिक पुलिस रोजाना बड़ी संख्या में चालान कर रही है। यहां तक की साइकिल ट्रैक पर गाड़ी खड़ी मिलने पर चालान स्लिप में डेंजरस ड्राइविंग का ऑफेंस जोड़ने समेत वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट में केस भी दर्ज किए जा रहे हैं लेकिन ट्रैफिक पुलिस की यह कार्यप्रणाली लोगों के लिए जी का जंजाल बन गई है क्योंकि पांच सितंबर से ई-चालान सेवा को व्यवहार में लाया गया है। 
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यूटी ट्रैफिक पुलिस ने इस सेवा के जरिए चालान के भुगतान की कार्यप्रणाली को मजबूत करने से पहले ही रोजाना वाहन चालकों के दनादन चालान करने शुरू कर दिए। नतीजतन करीब डेढ़ महीने पहले हुए चालान भी अब तक कोर्ट में नहीं पहुंचे हैं जबकि नियम के मुताबिक एक महीने के अंदर चालान नहीं भुगतने पर ट्रैफिक पुलिस उसी चालक का दोबारा चालान करती है। लोग चालान के भुगतान के लिए जिला अदालत जा रहे हैं लेकिन डेढ़ महीने बाद भी उनका चालान कोर्ट नहीं पहुंचा है।
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ई-चालान सेवा में कई तकनीकी खामियों से ऐसी नौबत आई है। सेक्टर-40,डी निवासी हरीश जोशी ने बताया कि उनका चालान हुए करीब डेढ़ महीना गुजर चुका है। वह भुगतान करने कोर्ट गए लेकिन पता लगा कि वहां उनका चालान पहुंचा ही नहीं है। ट्रैफिक लाइन में पता किया तो कर्मियों ने बताया कि अभी दस-15 दिन और लगेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे में वह ड्राइविंग करते हैं तो ट्रैफिक पुलिस उनका दोबारा चालान कर देगी। उन्होंने कहा कि वह तो चालान भुगतना  चाहते हैं लेकिन ट्रैफिक पुलिस अपनी समस्याओं को हम जैसे लोगों पर थोप रही है।
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सेक्टर-23 ट्रैफिक पार्क में लगा गाड़ियों का ढेर

ट्रैफिक पुलिस नो पार्किंग व साइकिल ट्रैक पर खड़ी गाड़ियों के चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस भी दर्ज कर रही है। वाहन चालक तो मौके पर ही जमानत पर छूट रहे हैं लेकिन अपनी गाड़ियां छुड़वाने के लिए उनके पसीने छूट रहे हैं। करीब एक महीने से लोग अपनी गाड़ियां छुड़वाने के लिए पुलिस थाने, ट्रैफिक लाइन और कोर्ट के चक्कर लगाने रहे हैं।

बावजूद इसके कोर्ट से रिलीज ऑर्डर लेने से पहले की प्रक्त्रिस्या उनके लिए जी का जंजाल बनी है। संबंधित थाना एसएचओ से पहले गाड़ी के संबंध में लिखित रिपोर्ट लेनी पड़ रही है। फिर अन्य सभी कागज पूरे कर लोग कोर्ट पहुंच रहे हैं। बावजूद इसके समय रहते चालान का भुगतान नहीं हो पा रहा है। नतीजतन ट्रैफिक पार्क-23 में बड़ी संख्या में जब्त वाहन खड़े हो गए हैं। ड्राइविंग टेस्ट के लिए बनाए ट्रैक तक पर गाड़ियां खड़ी कर दी गई हैं।

पहले बंडल में एक साथ जाते थे चालान, अब रोज 20 चालान हो रहे डिस्पैच
ट्रैफिक पुलिस लाइन से पहले रोजाना चालान के बंडल जिला अदालत में एक साथ भेजे जाते थे लेकिन ई-चालान सेवा को व्यवहार में लाए जाने के पहले दिन से यह व्यवस्था फिलहाल लड़खड़ा गई है। अब एक दिन में करीब 20 चालान ही कोर्ट के लिए डिस्पैच हो रहे हैं। ऐसे में ट्रैफिक लाइन-29 में चालानों का ढेर लगने से पेंडेंसी बढ़ गई है। इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ा रहा है। ट्रैफिक पुलिस ने सिस्टम मजबूत करने के बजाय आमजन के चालान दर चालान करने का सिलसिला शुरू किया हुआ है।

 

क्या है ई-चालान

ई-चालान सुविधा के पूरी तरह व्यवहार में आने पर रिश्वतखोरी पर तो लगाम लगेगी ही, साथ ही यदि कोई वाहन चालक यातायात नियम के उल्लंघन में दोबारा पकड़ा जाता है तो उसके पहले हुए चालान से संबंधित पूरी जानकारी आरटीओ/आरएलए ऑफिस समेत पुलिस विभाग के पास एम के माध्यम से पहुंच जाएगी। पता लग सकेगा कि वाहन चालक का चालान पहले कब और देश के किस हिस्से में हुआ था। पेमेंट भी ऑनलाइन हो सकेगी और कागज की बचत भी होगी। लेकिन प्रक्रिया के पूरी तरह प्रभावी नहीं होने से लोग परेशानी झेल रहे हैं। ट्रैफिक लाइन-29 और आरएलए का चालान सिस्टम एक-दूसरे से कनेक्ट है।

लोगों को जो भी समस्याएं पेश आ रही हैं, उनका निदान जल्द कर लिया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस शहरवासियों को हर पहर सुविधाएं देने के लिए 24 घंटे तत्पर है। ई-चालान सेवा से सिस्टम मजबूत होगा और लोगों के समय की बचत भी होगी।
- पवन कुमार, डीएसपी व पीआरओ यूटी पुलिस

ई-चालान के पूरी तरह व्यवहार में आने पर लोगों को पहले से अधिक सुविधा होगी। ट्रैफिक पुलिस वाहन चालकों के ताबड़तोड़ चालान से पहले व्यवस्था को मजबूत करती तो बेहतर होता। कोई नई चीज व्यवहार में आती है तो शुरुआत में कुछ परेशानियां जरूर आती हैं। धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा।
- जगबीर सिंह, रिटायर्ड डीएसपी

चालान पेश नहीं होने के कारण लोग परेशान हैं। गलती ट्रैफिक पुलिस की और भुगतना लोगों को करना पड़ रहा है। जिला अदालत में चालान के भुगतान को लोगों की भीड़ लगी होती है। लेकिन चालान अदालत में नहीं पहुंचने से उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है। ट्रैफिक पुलिस को चाहिए कि वह लोगों की समस्याओं को जल्द खत्म करे।
- गुरविंदर सिंह, एडवोकेट, जिला अदालत
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