चंडीगढ़। सेक्टर-43 में शुक्रवार को नव दशहरा समिति की ओर से दशहरा का पर्व रावण, कुंभकरण और मेघनाथ का पुतला जलाने की बजाय हवन यज्ञ कर मनाया गया। इस अवसर पर चंडीगढ़ के पूर्व सांसद एवं भारत सरकार के अपर महा सालिसिटर सत्यपाल जैन मुख्यातिथि के तौर पर उपस्थित रहे।
जैन ने कहा कि नव दशहरा कमेटी इसी स्थान पर पिछले 25 वर्षों से लगातार रावण, कुंभकरण और मेघनाथ आदि के पुतले जलाकर दशहरा मनाती आ रही है। कोरोना महामारी के चलते समिति ने पिछली बार की तरह इस वर्ष भी दशहरा पुतले जलाने के बजाय हवन यज्ञ कर मनाने का निर्णय किया। हवन यज्ञ भी बुराइयों को भस्म कर वातावरण को शुद्ध बनाने का काम करता है, इसलिए समाज में बीमारियों और कुरीतियों का अंत हवन यज्ञ के माध्यम से भी किया जा सकता है। विशेष तौर पर जब कोरोना महामारी के कारण पुतले बनाकर जलाना और भारी जनसमूह इकट्ठा करना संभव नहीं है। इस अवसर पर जीके गिरधर, डॉ. राजेश मित्तल, जीएस थिंड, डीके सिंह, प्रदीप पुरी, एडी राजपूत, प्रीती वर्मा, अनामिका वालिया और रमेश निक्कू आदि उपस्थित रहे।