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Haryana: रजिस्ट्री घोटाले में हरियाणा सरकार की रडार पर डीटीपी, NOC में फर्जीवाड़े की शिकायतें, जांच होगी
Wed, 27 Jul 2022 01:01 PM IST
ajay kumar
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 27 Jul 2022 01:01 PM IST
सार
नियमों के खिलाफ रजिस्ट्री और अवैध कॉलोनी काटने के मामले में करनाल में मार्च माह में तहसीलदार राजबख्श और डीटीपी विक्रम को विजिलेंस गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में सामने आया था दोनों ही अधिकारियों ने अवैध कॉलोनियों में पैसे लगा रखे थे। इसके बाद से ही अन्य जिलों के डीटीपी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हरियाणा में रजिस्ट्री घोटाले में राजस्व विभाग के 786 अधिकारियों व कर्मचारियों को चार्जशीट करने के बाद अब डीटीपी (जिला नगर योजनाकार ) सरकार की रडार पर हैं। अवैध कॉलोनियां आबाद कैसे हो गई, इसकी जांच कराई जाएगी। सरकार ने नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग से रिपोर्ट तलब की है। पूछा है कि अवैध कॉलोनी में बिजली-पानी और सीवरेज कनेक्शन दिए गए तो संबंधित विभाग ने कार्रवाई क्यों नहीं की।
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रजिस्ट्री घोटाले में अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा को लेकर पिछले दिनों उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने उच्च स्तरीय अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। बैठक में राजस्व विभाग के साथ-साथ नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अधिकारियों को भी बुलाया गया था। किसी कारणवश आला अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे। इसके चलते बैठक को स्थगित कर दिया गया। आगामी माह दोबारा से बैठक बुलाई जा सकती है। सरकार के एक आला अधिकारी ने बताया कि एनओसी में फर्जीवाड़ा की शिकायतें मिलने के बाद सरकार अब रजिस्ट्री घोटाले में डीटीपी की भूमिका की जांच कराएगी।
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नियमों को ताक पर रखकर की गईं 64577 रजिस्ट्रियां
तीन अप्रैल, 2017 से 13 अगस्त 2021 तक पंजीकृत दस्तावेजों की जांच में पाया गया था कि नियमों का उल्लंघन कर 64577 रजिस्ट्रियां की गई हैं। विधानसभा के बीते बजट सत्र में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2010 से 2016 तक जमीन की रजिस्ट्रियों में 7-ए के उल्लंघन की जांच का भी आदेश दिया हैं। रजिस्ट्री घोटाले में अब तक राजस्व विभाग के 786 अधिकारियों व कर्मचारियों को चार्जशीट करते हुए नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें 133 सब-रजिस्ट्रार, 97 संयुक्त सब-रजिस्ट्रार, 156 लिपिकों और 400 से अधिक पटवारी शामिल हैं। अवैध कॉलोनी बसने के मामले में अब तक जिला नगर योजनाकार कार्यालय के किसी भी अधिकारी व कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं की गई। अवैध कॉलोनी बसने से रोकने की जिम्मेदारी इसी विभाग की थी।
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करनाल में तहसीलदार और डीटीपी की थी सांठगांठ
नियमों के खिलाफ रजिस्ट्री और अवैध कॉलोनी काटने के मामले में करनाल में मार्च माह में तहसीलदार राजबख्श और डीटीपी विक्रम को विजिलेंस गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में सामने आया था दोनों ही अधिकारियों ने अवैध कॉलोनियों में पैसे लगा रखे थे। इसके बाद से ही अन्य जिलों के डीटीपी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे।