ड्रंकन ड्राइव: ‘जज साहब, हमें जेल भेजा तो कहीं नहीं मिलेगी नौकरी’
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जज साहब, पहले ही जेल जाने के बाद हमें अब वैसे भी कोई नौकरी नहीं देगा, न सरकारी और न ही प्राइवेट। कहीं भी आवेदन करेंगे तो जेल जाने का दाग हमारे साथ लगा रहेगा। नौकरी के लिए आवेदन करेंगे तो वेरिफिकेशन में हमारी सजा की बात सामने आ जाएगी।
एक बार जेल होने पर इस देश में तो क्या विदेश में भी नौकरी के लायक नहीं रह जाएंगे। ऐसे में अगर पासपोर्ट बनवाएंगे तो वहां भी पुलिस वेरिफिकेशन में इसका उल्लेख आ जाएगा। हमें अपने किए का बहुत पछतावा है और हम आज के बाद ऐसी गलती दोबारा नहीं करेंगे। यह अपील उन लोगों ने की, जिन्हें होली के दिन ड्रंकन ड्राइव में पकड़े जाने पर अगले रोज सीजेएम कोर्ट ने एक-एक माह की सजा सुनाई थी। एडीजे कोर्ट ने 10 लोगों की अपील पर फैसला सुनाते हुए उनकी शेष सजा माफ कर दी। हालांकि जुर्माना और छह महीने तक लाइसेंस सस्पेंड रहने की सजा को बरकरार रखा है।
33 में से 11 लोगों की अपील, उन्हें पछतावा है: सजा पाने वाले कुल 33 लोगों में से 11 ने कोर्ट में अपील की थी। सुनवाई के दौरान एक अपीलकर्ता अनुपस्थित रहा। उसके मामले में कोर्ट अगली तारीख पर सुनवाई करेगी। वहीं सजा पाने वाले 10 युवकों ने अपील करते हुए कहा कि उन्हें अपने किए हुए का पछतावा है। इसलिए उनकी शेष सजा माफ कर दी जाए।
कोर्ट ने कहा, यह औरों के लिए भी सीख है: अदालत ने कहा कि उनकी सजा ऐसे मामले में पकड़े जाने वाले लोगों के लिए सीख है। कम से कम ये 10 लोग आगे 10 लोगों को ऐसा करने से रोकेंगे, इसलिए इनकी सजा माफ तो नहीं कर सकते, लेकिन कम जरूर कर सकते हैं।
वकील की दलील, किसी की नौकरी खराब तो किसी की पढ़ाई: बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि ये लोग पहले ही अपने किए पर पछता रहे हैं। इन्हें परिवार और समाज से पहले ही बहुत कुछ सुनने को मिल चुका है। इनमें से किसी की नौकरी खराब हो रही है तो किसी कि पढ़ाई। ऐसे में उनकी सजा समाप्त की जाए।
कोर्ट में कान पकड़कर माफी मांगी तब जाकर शेष सजा माफ
अदालत ने कहा, इसकी क्या गारंटी कि दोबारा ऐसा नहीं करेंगे तो पकड़े कान: अदालत ने कहा कि इस बात की क्या गारंटी है कि ये लोग दोबारा ऐसा काम नहीं करेंगे। इस पर सभी 10 अपीलकर्ताओं ने कोर्ट में ही जज साहब से कान पकड़ते हुए ऐसा दोबारा न करने की बात कही। इस पर अदालत ने उनकी शेष सजा माफ कर दी।
नौकरी खराब न हो इसलिए कोर्ट ने लिखा पत्र: साथ ही युवाओं का भविष्य खराब न हो, इसके लिए उन्होंने नौकरी या पासपोर्ट बनवाने के लिए डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को लेटर लिखकर उन्हें क्लीयरेंस देने की बात कही।
होली के दिन पकड़ा था: बता दें कि होली के दिन ड्रंकन ड्राइव में पकड़े गए लोगों पर कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए स्टूडेंट्स से लेकर नौकरी पेशा लोगों तक को शराब पीकर ड्राइविंग करने पर जेल भेजा था। चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट ने समाज में ऐसे अराजक तत्वों को कड़ा संदेश देते हुए 33 दोषियों को 1-1 महीने के लिए जेल भेजा था। साथ ही 6-6 महीने के लिए इनका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने के साथ ही 2-2 हजार रुपये जुर्माना लगाया था। यूटी पुलिस ने होली पर लगाए 9 नाकों पर ड्रंकन ड्राइविंग के 107 चालान काटे थे। इनमें से 71 दोषी कोर्ट में पेश हुए, लेकिन जैसे ही अदालत द्वारा लोगों को जेल भेजा जाने लगा तो वहां से कई लोग भाग खड़े हुए थे।
छह माह सजा वाले की अपील पर सुनवाई अगले महीने: होली से एक दिन पहले ड्रंकन ड्राइविंग के नाके में पकड़े गए सेक्टर-26 के एक कॉलेज के स्टूडेंट को सीजेएम ने 6 महीने की कैद और 2 हजार रुपये जुमाने की सजा सुनाई थी। वह एक ही सप्ताह में दूसरी बार ड्रंकन ड्राइव में पकड़ा गया था। सोमवार को उसकी सजा माफ करने की अपील पर सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने कहा कि उसकी सजा माफी के लायक नहीं है। हालांकि अदालत ने उसकी अपील पर फैसला न सुनाते हुए उसकी अपील पर सुनवाई अगली तारीख तक के लिए टाल दी।