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पंजाब: जेलों तक फैलाए ड्रग तस्करों ने पांव, जेल कर्मचारियों की मिलीभगत, रोकने के प्रयास विफल
Tue, 08 Oct 2019 10:23 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 08 Oct 2019 10:23 AM IST
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पंजाब की जेलों में जेलकर्मियों की मदद से ही कैदियों तक मोबाइल और नशीले पदार्थ पहुंच रहे हैं, इसका एक और उदाहरण गत दिवस रोपड़ जेल के एक कैदी के वायरल वीडियो से उजागर हुआ है। हालांकि डीजीपी दिनकर गुप्ता ने रोपड़ जेल मामले की जांच आईजी (जेल) को सौंपी है और वायरल हुए वीडियो के बारे में चार दिन में रिपोर्ट देने को भी कहा है।
लेकिन इस घटना से यह साफ हो गया है कि पंजाब में ड्रग माफिया ने आम लोगों के बीच ही नहीं बल्कि जेलों के भीतर तक अपनी पैठ बना ली है। ड्रग माफिया का दबाव कैदियों के साथ-साथ जेल कर्मचारियों पर भी है। इस साल अप्रैल में पटियाला जेल में दो जेल कर्मचारियों को कैदियों तक मोबाइल पहुंचाने के आरोप में निलंबित किया गया था।
जेलों में कैदियों से मोबाइल और नशीले पदार्थ मिलने के मामले नए नहीं है। जेल मंत्री सुखजिदंर सिंह रंधावा द्वारा कई उपाय और कदम उठाए जाने के बावजूद जेलों में अवैध वस्तुओं की सप्लाई जारी है। छह अक्तूबर फिरोजपुर जेल में भी चेकिंग के दौरान कैदियों से मोबाइल फोन और नशीले पदार्थ बरामद हुए हैं। इस मामले में दो हवालातियों और एक कैदी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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इससे दो दिन पहले अमृतसर की फताहपुर जेल में दो हवालालियों से दो ग्राम हेरोइन और एक मोबाइल बरामद किया गया। इससे पहले भी अमृतसर, नाभा, पटियाला की जेलों में कैदियों के कब्जे से मोबाइल फोन मिलने की कई घटनाएं सामने आई हैं। दरअसल, जेल विभाग ने राज्य की जेलों में गैंगस्टरों को रखने के लिए तो अलग सेल बनाए हैं, लेकिन ड्रग तस्करी में सजा काटने वालों के लिए कोई अलग सेल की व्यवस्था नहीं है।
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लेकिन इस घटना से यह साफ हो गया है कि पंजाब में ड्रग माफिया ने आम लोगों के बीच ही नहीं बल्कि जेलों के भीतर तक अपनी पैठ बना ली है। ड्रग माफिया का दबाव कैदियों के साथ-साथ जेल कर्मचारियों पर भी है। इस साल अप्रैल में पटियाला जेल में दो जेल कर्मचारियों को कैदियों तक मोबाइल पहुंचाने के आरोप में निलंबित किया गया था।
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जेलों में कैदियों से मोबाइल और नशीले पदार्थ मिलने के मामले नए नहीं है। जेल मंत्री सुखजिदंर सिंह रंधावा द्वारा कई उपाय और कदम उठाए जाने के बावजूद जेलों में अवैध वस्तुओं की सप्लाई जारी है। छह अक्तूबर फिरोजपुर जेल में भी चेकिंग के दौरान कैदियों से मोबाइल फोन और नशीले पदार्थ बरामद हुए हैं। इस मामले में दो हवालातियों और एक कैदी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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इससे दो दिन पहले अमृतसर की फताहपुर जेल में दो हवालालियों से दो ग्राम हेरोइन और एक मोबाइल बरामद किया गया। इससे पहले भी अमृतसर, नाभा, पटियाला की जेलों में कैदियों के कब्जे से मोबाइल फोन मिलने की कई घटनाएं सामने आई हैं। दरअसल, जेल विभाग ने राज्य की जेलों में गैंगस्टरों को रखने के लिए तो अलग सेल बनाए हैं, लेकिन ड्रग तस्करी में सजा काटने वालों के लिए कोई अलग सेल की व्यवस्था नहीं है।
रविवार को रोपड़ जेल से वायरल हुए वीडियो ने जेल विभाग के लिए नई मुश्किल खड़ी कर दी है। विभाग द्वारा अब तक जिस मुस्तैदी का दावा किया जाता रहा है, उसी पर कैदी ने उंगली उठाते हुए आरोप लगाया है कि जेल के अधिकारी ही उसे मोबाइल फोन और नशा बेचने के लिए मजबूर कर रहे हैं। वायरल वीडियो में रोपड़ जेल के सेल ब्लॉक में तीन मोबाइल फोन दिखाए गए।
इसके साथ ही जेल अधिकारियों द्वारा तय की गई कीमत का खुलासा भी किया गया है। वीडियो में बताया गया है कि अधिकारियों ने छोटे फोन की कीमत 5000-6000 रुपए और बड़े फोन की कीमत 25 हजार रुपए तय की है। हालांकि रोपड़ जेल प्रशासन ने वायरल वीडियो में हुए खुलासे को सिरे से नकारते हुए दावा किया है कि जेल में सब कुछ ठीकठाक चल रहा है और इस मामले में किसी भी तरह की जांच की जा सकती है।
उधर, डीजीपी ने जांच के आदेश दे दिए हैं और जेल मंत्री जोकि इन दिनों 550वें प्रकाश पर्व की तैयारियों की देखरेख में व्यस्त हैं, ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया गया, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जेलों में व्यवस्था कड़ी की गई है, इसे ध्वस्त करने की कोशिश करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को सख्त कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा।
इसके साथ ही जेल अधिकारियों द्वारा तय की गई कीमत का खुलासा भी किया गया है। वीडियो में बताया गया है कि अधिकारियों ने छोटे फोन की कीमत 5000-6000 रुपए और बड़े फोन की कीमत 25 हजार रुपए तय की है। हालांकि रोपड़ जेल प्रशासन ने वायरल वीडियो में हुए खुलासे को सिरे से नकारते हुए दावा किया है कि जेल में सब कुछ ठीकठाक चल रहा है और इस मामले में किसी भी तरह की जांच की जा सकती है।
उधर, डीजीपी ने जांच के आदेश दे दिए हैं और जेल मंत्री जोकि इन दिनों 550वें प्रकाश पर्व की तैयारियों की देखरेख में व्यस्त हैं, ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया गया, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जेलों में व्यवस्था कड़ी की गई है, इसे ध्वस्त करने की कोशिश करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को सख्त कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा।