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ड्रग्स रैकेट: हाईकोर्ट में बंद कमरे में होगी सुनवाई
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 06 May 2015 11:05 PM IST
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ड्रग्स मामले पर सुनवाई कर रही पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने बुधवार को वकीलों को एक-एक कर चैंबर में बुलाया।
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पंजाब के ड्रग्स केस की जांच में ईडी और पंजाब पुलिस की भूमिका व जांच की स्थिति पर बंद कमरे में चर्चा हुई। इन कैमरा प्रोसीडिंग के बाद जस्टिस एके के मित्तल व जस्टिस रेखा मित्तल की बेंच ने सुनवाई 14 मई तक स्थगित कर दी है।
सुनवाई के दौरान जांच से जुड़े अहम तथ्यों की बात गोपनीय रखी गई, लेकिन मामले के मुख्य पैरवीकर्ता एडवोकेट नवकिरन सिंह ने बताया कि ईडी व पुलिस क ी भूमिका के अलावा अभी जांच में और क्या किया जाना है, ईडी मामले व ड्रग्स केसों के स्पीडी ट्रायल, ड्रग्स धंधे में लिप्त विदेशों में छिपे एनआरआई को भारत लाने की प्रक्रिया में तेजी लाने, ड्रग्स धंधे के इंटरनेशनल कनेक्शन और ईडी अधिकारी निरंजन सिंह के तबादले के पीछे कारणों जैसे मुद्दों पर बेंच ने वकीलों से विशेष तौर पर चर्चा की। इन कैमरा प्रोसीडिंग के बाद ओपन सुनवाई हुई।
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इस दौरान ईडी अधिकारी निरंजन सिंह के वकील एडवोकेट जनरल अनुपम गुप्ता ने हवाला केस में सुप्रीम कोर्ट की जजमेंट का जिक्र किया। उन्होंने बेंच को बताया कि जिन मामलों में बड़े राजनेता या प्रभावशाली व्यक्तियों और अफसरों के बारे जांच चल रही हो, वहां जांच अधिकारी के हितों की रक्षा करना अदालत का दायित्व है।
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मजीठिया पर नोट के मामले में तनातनी
बेंच ने पिछली सुनवाई पर पूछा था कि आखिर राजस्व मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया को मामले की जांच में क्यों बुलाना पड़ा। इस पर एक नोट एडवोकेट गुप्ता ने बेंच के समक्ष पेश किया।
ईडी की ओर से पैरवी कर रहे एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया चेतन मित्तल ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि गुप्ता यह नोट पेश नहीं सकते, क्योंकि यह ईडी का काम है। यह भी कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि ईडी के वकील को ही नोट के बारे पता न हो। इस पर गुप्ता ने आपत्ति जताई कि यह अदालत की अवमानना बनती है, क्योंकि बेंच ने ही उन्हें यह नोट तैयार करने के लिए कहा था।
गुप्ता ने यह पेशकश भी की कि यदि कोई चाहे तो नोट सार्वजनिक हो सकता है, इस पर उन्हें कोई ऐतराज नहीं है। हालांकि बेंच ने इस नोट को गोपनीय ही रखा है और अगली सुनवाई पर जांच से जुड़ा रिकार्ड तलब किया है। अगली सुनवाई पर इस नोट पर भी बहस होगी।