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मायानगरी में ही नहीं, ट्राइसिटी में भी फैला है नशे का कारोबार... एनसीबी फैलाए कार्रवाई के 'पंख'

Tue, 29 Sep 2020 03:07 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़/पंचकूला/मोहाली
अमर उजाला, चंडीगढ़/पंचकूला/मोहाली Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 29 Sep 2020 03:07 PM IST
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Drug Rackets also active in Chandigarh, Panchkula, Mohali
प्रतीकात्मक तस्वीर
अभिनेता सुशांत सिंह सुसाइड केस के बाद अचानक मायानगरी में ड्रग्स को लेकर ताबड़तोड़ छापेमारी हो रही है। कई अभिनेता व अभिनेत्रियां नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की राडार पर हैं और पूछताछ चल रही है। देशभर में नशा करने वाले बड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। इस नशे के कारोबार की रीढ़ तोड़ने के लिए एनसीबी को हर जगह, हर प्रदेश में छापामार कार्रवाई करते हुए इसकी जड़ों तक पहुंचना होगा।
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नशे से जुड़े माफियाओं को जेल की सलाखों के पीछे धकेलना होगा। यह कहना है कि युवाओं का। बोले, मायानगरी तक ही यह छापामार कार्रवाई नहीं रहनी चाहिए बल्कि देश के उन प्रदेशों में भी हो, जहां नशे का कारोबार फल-फूल रहा है। युवाओं ने कहा कि पंजाब में भी नशे के केस लगातार बढ़े हैं। चंडीगढ़ समेत पंजाब आदि प्रदेशों में भी कार्रवाई होनी चाहिए। आइए जानते हैं क्या कहते हैं युवा..
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नशे का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। यह युवाओं को अपनी चपेट में ले रहा है। इसके कारण घर बर्बाद हो रहे हैं। इसके लिए एनसीबी को कड़े कदम उठाने चाहिए। उन प्रदेशों में भी छापामार कार्रवाई हो, जहां पर नशा प्रचुर मात्रा में फैला हो।
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- अनुज सिंह, छात्र पीयू

डर सबसे बड़ी चीज है। यदि एनसीबी की ओर से अभी इस प्रकरण पर देशभर में कार्रवाई की गई और जिम्मेदारों को सलाखों के पीछे भेजा गया तो इसका असर होगा। ड्रग्स के केस कम होंगे। इसलिए कार्रवाई कड़ी होनी चाहिए।
- आशीष पाल, छात्र पीयू

मुंबई के अलावा कई प्रदेश ऐसे हैं, जहां नशा तेजी से फैला है। पंजाब में तमाम परिवार इससे प्रभावित हैं। युवाओं में नशा तेजी से बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए कार्रवाई जरूरी है। मुंबई के अलावा अन्य जगहों पर भी छापेमारी की जाए।
- जतिन सिंह, छात्र, पीयू

नशे की गिरफ्त में सर्वाधिक 19 से 35 साल के लोग हैं। यह पूरी तरह युवा हैं। बेरोजगारी भी इसका एक कारण है। यदि रोजगार मिले तो युवाओं को काम मिलेगा और उनका ध्यान दूसरे कामों में लगेगा।
- विजय कुमार, छात्र पीयू

गांव में 10-12 लड़के हैं। कबड्डी खेलते हैं। इनमें से कभी कोई नशे के बारे में नहीं सोचता है। पंजाब सरकार नौजवानों के लिए रोजगार का इंतजाम करे। बेरोजगार ही नशे की ओर जाते हैं। लॉकडाउन में सब कुछ बंद रहा, लेकिन उस समय भी पंजाब सरकार ने शराब के ठेके खुले रखे। इससे सरकार की नियत साफ होती है।
- अमन सिंह, बीए फाइनल ईयर छात्र व कबड्डी खिलाड़ी

नशे की लत सबसे बुरी है। मेरे साथ के कई लड़के शो ऑफ के चक्कर में एक-दूसरे को उकसाते हैं। कई बारे लड़के आपस में एक-दूसरे को एक बार इस्तेमाल के लिए बोलते हैं और फिर यही एक दो बार के इस्तेमाल के बाद उन्हें नशे की लत लग जाती है।
- गुरुसिमरन सिंह, बीबीए सेकेंड ईयर छात्र

वैसे मैंने कभी ऐसे बच्चों के साथ रहना नहीं चुना पर मेरे स्कूल में एक लड़का था जो एक दिन ड्रिंक करके स्कूल आया है। अपनी ही क्लास के लड़के के साथ लडाई कर के उसको बहुत चोट पहुँचाई। इशिता ने बता या वो लड़का अपने होश हवास खो चुका था और कुछ भी बोले जा रहा था। उस दिन से आज कल मेरे क्लास क्लास मेट भी समोक करते है लेकिन वो सबके सामने नहीं करते। इशिता का मनाना है कि ये एक ऐसी बीमारी है जिससे जितना दूर रहा जाए उतना अच्छा है चाहे वो लड़की हो या लड़का।
- इशिता मित्तल, एनआईआईईटी टेक्सटाइल डिजाइनिंग छात्रा

उत्तराखंड में पंजाब से भी बुरी हालत है। 13-14 साल के बच्चे धूम्रपान करते दिखाई देते हैं। मैं जब 10वीं क्लास में थी, तो मेरे साथ पढ़ने वाला एक लड़का सिगरेट पीता था। जब मैं कॉलेज में हूं तो वह एक दिन में तीन पैकेट सिगरेट खत्म कर देता है, लेकिन कुछ दोस्त उसे समझाते हैं ताकि वह सुधार जाए, लेकिन उसने कभी प्रयास नहीं किया।
- निकिता अग्रवाल, एनआईआईटी छात्र

नशा खत्म करने के लिए एनसीबी प्रयास कर रही है। हमारा भी कर्तव्य है कि नशे को जड़ से खत्म करने में योगदान दें। इसके लिए जरूरी है कि युवा पीढ़ी को खेलों, कृषि और अन्य कार्यों में व्यस्त करें। युवा पीढ़ी को एक दिशा देने की आवश्यकता है। नशा यदि कोई लेगा ही नहीं तो खत्म हो जाएगा।
- अमरजीत चौधरी, मोरनी, पंचकूला

ड्रग्स की वजह से युवा नस्ल खराब होने लगी है। नशे को रोकने के लिए एनसीबी को हरेक राज्य में मुहिम चलानी चाहिए। इसमें जरूरी है कि नशे से जुड़े तस्करों को पकड़ा जाए। महत्वपूर्ण यह है कि देश में नशा लाने वालों पर रोकथाम लगाई जाए, जिसके लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों को सक्रियता से काम करना होगा।
- शिप्रा, पंचकूला

ड्रग्स ने युवाओं का बेड़ा गर्क कर दिया है। इसकी शुरुआत छोटे मोटे नशे से होती है और वह बढ़ता चला जाता है। ऐसी स्थिति में नशा बेचने वालों पर लगाम लगाना आवश्यक है। पंजाब, हरियाणा के साथ कई अन्य राज्यों में नशे का उपयोग तेजी के साथ हो रहा है। इसे रोकना आवश्यक है।
- सारांश, पंचकूला

नशे का जंजाल सिर्फ बॉलीवुड में नहीं बल्कि देशभर में फैला है। एनसीबी को देशभर में नशे को लेकर मुहिम चलानी चाहिेए। वास्तव में नशा करने वालों से ज्यादा आवश्यक है नशा बेचने वालों पर लगाम लगाना। नशा तस्करों पर लगाम लगाने से ही नशे का जंजाल खत्म होगा।  
- हरदेव दत्त शर्मा, मोरनी

बॉलीवुड में नशे का जंजाल अब दिखाई दे रहा है, लेकिन नशा तो हर राज्य में हो रहा है। जरूरी है कि इससे जुड़े तारों को जोड़कर उस जगह तक पहुंचा जाए, जहां से इसकी सप्लाई आती है। तभी नशे से मुक्ति मिल सकती है। इसके साथ ही यदि आवश्यकता पड़े तो सिगरेट और तंबाकू पर भी पाबंदी लगाई जानी चाहिए।  
- साहिल, पंचकूला
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